बखिरा झील में बढ़ रहा जलस्तर, राप्ती का पानी पहुंचने से किसानों को फायदा पाली। गोरखपुर जिले के पाली क्षेत्र के नेवास स्थित बखिरा झील में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। करीब 29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली बखिरा झील में राप्ती नदी का पानी पहुंचने और हाल में हुई बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बखिरा पम्प नहर-द्वितीय, नलकूप खंड प्रथम-गोरखपुर पर लगे गेज के माध्यम से झील के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, बारिश और राप्ती नदी का पानी झील में पहुंचने के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गेज में करीब 2 फीट6 इंच ताल की वृद्धि दर्ज की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जलस्तर प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बनी हुई है, लेकिन किसानों के लिए झील में पर्याप्त पानी पहुंचना लाभकारी माना जा रहा है। झील और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने से खरीफ की फसलों के साथ-साथ आगामी रबी की फसलों की सिंचाई के लिए भी समय से पानी मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और फसलों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि झील में पानी का स्तर पर्याप्त बना रहता है तो आसपास के किसानों को धान के बाद रबी सीजन में गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों की सिंचाई में काफी सुविधा होगी। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता के अनुसार पानी के प्रवाह और निकासी को नियंत्रित किया जा सके। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बखिरा झील के गेज पर नियमित निगरानी की जा रही है और जलस्तर में होने वाली वृद्धि को लगातार दर्ज किया जा रहा है।
बखिरा झील में बढ़ रहा जलस्तर, राप्ती का पानी पहुंचने से किसानों को फायदा पाली। गोरखपुर जिले के पाली क्षेत्र के नेवास स्थित बखिरा झील में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। करीब 29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली बखिरा झील में राप्ती नदी का पानी पहुंचने और हाल में हुई बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बखिरा पम्प नहर-द्वितीय, नलकूप खंड प्रथम-गोरखपुर पर लगे गेज के माध्यम से झील के जलस्तर
की निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, बारिश और राप्ती नदी का पानी झील में पहुंचने के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गेज में करीब 2 फीट6 इंच ताल की वृद्धि दर्ज की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जलस्तर प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बनी हुई है, लेकिन किसानों के लिए झील में पर्याप्त
पानी पहुंचना लाभकारी माना जा रहा है। झील और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने से खरीफ की फसलों के साथ-साथ आगामी रबी की फसलों की सिंचाई के लिए भी समय से पानी मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और फसलों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि झील में पानी का स्तर पर्याप्त बना रहता है तो आसपास के किसानों को धान के
बाद रबी सीजन में गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों की सिंचाई में काफी सुविधा होगी। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता के अनुसार पानी के प्रवाह और निकासी को नियंत्रित किया जा सके। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बखिरा झील के गेज पर नियमित निगरानी की जा रही है और जलस्तर में होने वाली वृद्धि को लगातार दर्ज किया जा रहा है।
- बखिरा झील में बढ़ रहा जलस्तर, राप्ती का पानी पहुंचने से किसानों को फायदा पाली। गोरखपुर जिले के पाली क्षेत्र के नेवास स्थित बखिरा झील में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। करीब 29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली बखिरा झील में राप्ती नदी का पानी पहुंचने और हाल में हुई बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बखिरा पम्प नहर-द्वितीय, नलकूप खंड प्रथम-गोरखपुर पर लगे गेज के माध्यम से झील के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, बारिश और राप्ती नदी का पानी झील में पहुंचने के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गेज में करीब 2 फीट6 इंच ताल की वृद्धि दर्ज की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जलस्तर प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बनी हुई है, लेकिन किसानों के लिए झील में पर्याप्त पानी पहुंचना लाभकारी माना जा रहा है। झील और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने से खरीफ की फसलों के साथ-साथ आगामी रबी की फसलों की सिंचाई के लिए भी समय से पानी मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और फसलों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि झील में पानी का स्तर पर्याप्त बना रहता है तो आसपास के किसानों को धान के बाद रबी सीजन में गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों की सिंचाई में काफी सुविधा होगी। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता के अनुसार पानी के प्रवाह और निकासी को नियंत्रित किया जा सके। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बखिरा झील के गेज पर नियमित निगरानी की जा रही है और जलस्तर में होने वाली वृद्धि को लगातार दर्ज किया जा रहा है।4
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर मैनेजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- समाजवादी पार्टी का बड़ा फैसला,गोरखपुर जिला-महानगर कार्यकारिणी भंग,सभी पदाधिकारी/सदस्यगण तत्काल प्रभाव से भंग,फ्रंटल संगठनों की कार्यकारिणी भी भंग! #SamajwadiParty #Gorakhpur #SPNews #GorakhpurNews #UttarPradesh #UPNews #AkhileshYadav #SamajwadiPartyNews #BreakingNews #PoliticalNews #ABC_Hindustan #LatestNews1
- प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गिरने पर ग्राम प्रधान ने आरोपों को बताया निराधार 15 वर्ष पुरानी थी दीवार, खेत में जलभराव और कटान से हुआ नुकसान; जल्द होगा पुनर्निर्माण* *संतकबीरनगर,।। विकासखंड बघौली के अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदीडीहा स्थित प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गिरने के मामले में ग्राम प्रधान धीरेंद्र चौधरी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।ग्राम प्रधान ने बताया कि विद्यालय की बाउंड्रीवॉल करीब 15 वर्ष पूर्व निर्मित हुई थी। बाउंड्रीवॉल से सटे खेत में खेत मालिक द्वारा धान की फसल लगाई गई थी। खेत में लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण बाउंड्रीवॉल के आसपास की मिट्टी में नमी बढ़ गई और कटान की स्थिति बनने से नींव कमजोर हुई, जिसके चलते दीवार गिर गई।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में ग्राम पंचायत स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता नहीं है। बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय के बेहतर वातावरण को प्राथमिकता देते हुए सफाई कार्य और गिरी हुई बाउंड्रीवॉल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाएगी।प्रधान धीरेंद्र चौधरी ने कहा, "ग्राम पंचायत मेरा है, मेरा कोई विरोधी नहीं है। हम सबके हैं, सब हमारे हैं और सबके विकास के लिए हम काम करते हैं। तथ्य जाने बिना सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाना उचित नहीं है।"उन्होंने बताया कि बाउंड्रीवॉल गिरने की सूचना शिक्षा प्रशासन को दे दी गई है और उनके आदेश के क्रम में गिरी हुई दीवार को हटाने का कार्य कराया जा रहा है। अग्रिम आदेश मिलते ही बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती जा रही है और ग्रामीणों से अपील है कि वास्तविक स्थिति को समझें1
- अखिलेश यादव का बड़ा फैसला सपा की गोरखपुर महानगर-जिला इकाई भंग, इस तारीख को लखनऊ तलब किए जा सकते है नेता -सूत्र अखिलेश यादव का बड़ा फैसला सपा की गोरखपुर महानगर-जिला इकाई भंग, इस तारीख को लखनऊ तलब किए जा सकते है नेता -सूत्र1
- कुशीनगर: वायरल वीडियो के बाद पत्रकारों को गालियां देने का आरोप, स्कूल मैनेजर के भाई का वीडियो वायरल कुशीनगर में कुछ दिन पहले स्कूल मैनेजर और एक शिक्षिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो ने सुर्खियां बटोरी थीं। अब उसी मामले को लेकर स्कूल मैनेजर के भाई का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल और धमकी भरे अंदाज में बयान देने का आरोप है। वीडियो में इस्तेमाल की गई कथित अभद्र भाषा को हम जानबूझकर शब्दशः प्रसारित नहीं कर रहे हैं। वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। #Kushinagar #KushinagarNews #ViralVideo #UPNews #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #PurvanchalNews #JournalistSafety #Journalists #ViralNews #SchoolNews #LatestNews #VandeTimes1
- कुशीनगर में वायरल अश्लील वीडियो के बाद पत्रकारों को गाली-गलौज और धमकी, आरोपी के भाई का वीडियो वायरल कुशीनगर में वायरल अश्लील वीडियो मामले के बाद नया विवाद सामने आया है। आरोपी के भाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा और धमकी देने के आरोप हैं। वीडियो में इस्तेमाल की गई कथित अभद्र भाषा को हम जानबूझकर शब्दशः प्रसारित नहीं कर रहे हैं। वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। #Kushinagar #KushinagarNews #ViralVideo #UPNews #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #PurvanchalNews #JournalistSafety #Journalists #ViralNews #SchoolNews #LatestNews #DainikAdhyay1
- विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, गंगा हाउस ने जीते छह पुरस्कार सहजनवा। पाली क्षेत्र के तिलौरा स्थित टी. एन. मेमोरियल पब्लिक स्कूल (TNMPS) में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत करते हुए उनकी कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में अतिथियों और अभिभावकों को विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला रहे। इस अवसर पर डॉ. अरविंद कुमार, पैट्रन विनोद कुमार यादव, चेयरमैन अशोक यादव एवं सेक्रेटरी सुनील धर दूबे सहित विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी वैज्ञानिक सोच एवं रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों से जुड़े मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट की जानकारी स्वयं देते हुए यह बताया कि मॉडल किस प्रकार कार्य करता है और उसका दैनिक जीवन में क्या उपयोग हो सकता है। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण की क्षमता ने अतिथियों एवं अभिभावकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में गंगा हाउस के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक छह पुरस्कार अपने नाम किए। गंगा हाउस के दुर्गेश धर दूबे, शौर्य प्रताप, जय यादव, अभय, अस्मिता, गरिमा, आलिया, अयान खान, आस्था प्रकाश, आयुषी चौरसिया एवं शुभम पाल सहित अन्य विद्यार्थियों के मॉडलों को निर्णायकों ने सराहा। वहीं घाघरा, राप्ती एवं यमुना हाउस के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक-एक पुरस्कार प्राप्त किया। मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप शुक्ला ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियां बच्चों के अंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, प्रयोग करने की क्षमता और नई चीजों को सीखने की जिज्ञासा बढ़ती है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के शिवेंद्र भट्ट, राजन यादव, प्रमोद कुमार, कमलेश यादव, गौरव दूबे, मिस श्वेता यादव एवं श्रीमती सीमा यादव सहित समस्त शिक्षकगण ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अभिभावकों ने भी प्रदर्शनी में पहुंचकर बच्चों के मॉडलों को देखा और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और उनमें वैज्ञानिक सोच एवं नवाचार की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई दी गई तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।4