बागपत में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने अपने जिला कार्यालय पर एक बैठक की, जिसके बाद दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली गांव में एक कट की मांग को लेकर बड़ा अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे मंगलवार से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बागपत कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने एनएचएआई अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि बागपत में उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में अपना सामान लेकर गाजियाबाद स्थित एनएचएआई कार्यालय पहुंचेंगे। धामा ने बताया कि किसान पिछले 42 दिनों से इसी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। किसान नेता विनोद धामा ने इस मांग को बेहद आवश्यक बताया है। उनके अनुसार, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली में कट मिलने से क्षेत्र के लगभग 25 से 30 गांवों को सीधा फायदा होगा, जिससे काफी लोगों को लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बीकेयू ने साफ किया है कि अब हद हो चुकी है और उनका यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने अपने जिला कार्यालय पर एक बैठक की, जिसके बाद दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली गांव में एक कट की मांग को लेकर बड़ा अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे मंगलवार से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बागपत कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने एनएचएआई अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि बागपत में उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में अपना सामान लेकर गाजियाबाद स्थित एनएचएआई कार्यालय पहुंचेंगे। धामा ने बताया कि किसान पिछले 42 दिनों से इसी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। किसान नेता विनोद धामा ने इस मांग को बेहद आवश्यक बताया है। उनके अनुसार, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली में कट मिलने से क्षेत्र के लगभग 25 से 30 गांवों को सीधा फायदा होगा, जिससे काफी लोगों को लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बीकेयू ने साफ किया है कि अब हद हो चुकी है और उनका यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
- बागपत में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने अपने जिला कार्यालय पर एक बैठक की, जिसके बाद दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली गांव में एक कट की मांग को लेकर बड़ा अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे मंगलवार से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बागपत कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने एनएचएआई अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि बागपत में उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में अपना सामान लेकर गाजियाबाद स्थित एनएचएआई कार्यालय पहुंचेंगे। धामा ने बताया कि किसान पिछले 42 दिनों से इसी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। किसान नेता विनोद धामा ने इस मांग को बेहद आवश्यक बताया है। उनके अनुसार, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली में कट मिलने से क्षेत्र के लगभग 25 से 30 गांवों को सीधा फायदा होगा, जिससे काफी लोगों को लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बीकेयू ने साफ किया है कि अब हद हो चुकी है और उनका यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने इन दलों पर संविधान को लेकर 'दोहरा चेहरा' दिखाने का आरोप लगाया। CM योगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'जनता सब जानती है' और उनके इस आचरण को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र की दुहाई देने पर सवाल उठाते हुए राहुल और अखिलेश को विशेष रूप से घेरे में लिया है, जिससे उनके बयानों की आलोचना की है।1
- भारत में जहाँ एक ओर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए लगातार धरने प्रदर्शन हो रहे हैं और साधु-संत भी बड़ी संख्या में यह आवाज़ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रोहिणी में उनकी हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। रोहिणी के विजय विहार स्थित लाल फ्लैट के पास मस्जिद के सामने बने कूड़ादान के इर्द-गिर्द भारी गंदगी फैली रहती है, जिससे मुख्य सड़क तक पूरा कूड़ा-करकट, पानी और कीचड़ जमा रहता है। इसी गंदगी के बीच सुबह-शाम कई गायें बैठी रहती हैं, जो कूड़ा, गंदगी और प्लास्टिक की पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं, जिसके कारण उनकी मौत भी हो जाती है। यह मुख्य सड़क होने के कारण यहाँ लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। रात के अंधेरे में गौ माताएँ राहगीरों को नजर नहीं आतीं, जिससे कई बार सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं और लोगों को भी काफी चोटें आई हैं। स्थानीय निवासी इन सब समस्याओं से परेशान होकर कई बार निगम पार्षद और विधायक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि ये हालत पिछले करीब 10 साल से बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूध की डेयरी चलाने वाले सुबह-शाम गायों का दूध निकालने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं, जिससे वे दुर्घटनाओं का शिकार होती हैं। इन गायों का न तो ध्यान रखा जाता है, न खाना दिया जाता है और न ही किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इसलिए लोगों ने मांग की है कि ऐसे डेयरी संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि गौ माता की इस दयनीय हालत के जिम्मेदार कहीं न कहीं ये डेयरी वाले ही हैं। अब यह देखना बाकी है कि क्या इस इलाके की सफाई हो पाएगी और दुर्घटनाओं का शिकार होने वाली तथा दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली इन गायों को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा।1
- दिल्ली प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई। हालांकि, इस बुलडोजर कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराज़गी भी देखी जा रही है।1
- गोंडवाना गोंड महासभा भारत (मध्यप्रदेश) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित एक धरना में शामिल हुए।1
- दिल्ली के शाहदरा में मुहर्रम की तैयारियों को लेकर डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने जानकारी दी है कि आयोजन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि मुहर्रम के दौरान हर थाने से अधिकतम पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा और सभी निर्धारित मार्गों पर पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। जुलूस के पूरा होने तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। डीसीपी ने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन ने इन तैयारियों के संबंध में अमन कमेटी के साथ पहले ही बैठक कर ली है।1
- यह एक सीधा और स्पष्ट आह्वान है जिसमें सभी भाइयों से समर्थन और सहभागिता का आग्रह किया गया है। संदेश में लोगों से विशेष रूप से लाइक, कमेंट और शेयर करने के साथ-साथ हर तरह से सपोर्ट करने का अनुरोध किया गया है। यह अपील एकजुटता और आपसी सहयोग पर जोर देती है।1