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खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में एक रास्ते के विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। इस मामले को सुलझाने में BIDA अधिकारी और पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
सुनील कान्त गोल्डी
खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में एक रास्ते के विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। इस मामले को सुलझाने में BIDA अधिकारी और पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
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- महेंद्रगढ़ जिले के अटेली नारनौल में भीषण गर्मी के दौरान छबील लगाकर शीतल जल पिलाया गया। इस पहल के तहत, दूर-दराज से जयपुर और चंडीगढ़ की ओर जा रहे वाहन चालकों और यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें गर्मी से कुछ राहत मिली।2
- विराटनगर के बागावास चौरासी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गणेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष 18वां वार्षिक पाटोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र और आसपास के गाँवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। पाटोत्सव के विशेष मौके पर, मंदिर परिसर में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। विद्वान पंडितों के सानिध्य में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। विश्व कल्याण की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने सामूहिक माला जप किया। इस पावन अवसर पर शिव जी का विशेष जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया गया, जिसके लिए पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें सुबह से ही लगी रहीं। भक्तों ने कतारबद्ध होकर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा, और "हर-हर महादेव" व "बम-बम भोले" के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के बाद, मंदिर समिति और ग्रामीणों के संयुक्त सहयोग से एक विशाल कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसमें छोटी-छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके उपरांत, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। मंदिर कमेटी ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ग्रामीणों और सेवादारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।1
- चुनाव आयोग ने हरियाणा प्रदेश में स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) का काम 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया है। इस अवधि के दौरान, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों के दस्तावेज़ों की मैपिंग करेंगे। BLO द्वारा दो फॉर्म दिए जाएंगे, जिनका उपयोग 2002 की मैपिंग के लिए किया जाएगा। यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वे अपनी-अपनी वोट की मैपिंग अवश्य करवाएं।2
- डीग जिले के वार्ड नंबर 14 के एक निवासी ने अपनी गली की बदहाली और अधिकारियों की कथित उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गली की समस्या को लेकर कई बार चेयरमैन साहब, कलेक्टर साहब को आवेदन देकर, नगर पालिका और विधायक से शिकायत की गई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें रात में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। निवासी ने आरोप लगाया कि न तो कलेक्टर उनकी सुनवाई कर रहे हैं और न ही चेयरमैन, नगर पालिका या वार्ड मेंबर समस्या पर ध्यान दे रहे हैं। उनका दावा है कि ये सभी जनप्रतिनिधि गली के लोगों से पैसे मांगते हैं। जब निवासियों ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने ही उन्हें वोट दिया था, तो कथित तौर पर उन्हें गाली देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। निवासी के अनुसार, चेयरमैन ने भी उन्हें गाली दी थी। उन्होंने हताशा व्यक्त करते हुए पूछा है कि अब वे कहां जाकर शिकायत करें, जब कोई भी प्रमुख अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह वीडियो इसी समस्या को उजागर करने के लिए डाला गया है।1
- गुरुग्राम के बांधवाड़ी टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में बढ़ते आक्रोश के बीच 21 जून को एक महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया गया है। सर्व समाज (36 बिरादरी) ने पोस्टर के माध्यम से सभी लोगों से सुबह 9 बजे बांधवाड़ी टोल प्लाजा पर एकत्रित होने की अपील की है। इस महापंचायत का मुख्य मुद्दा तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद टोल वसूली का जारी रहना बताया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि टोल प्लाजा की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी वाहन चालकों से लगातार शुल्क लिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर 36 बिरादरी के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से एकजुट होकर अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है। महापंचायत में आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- योग ऋषि रामदेव के पैतृक गांव सैद अलीपुर में आर्य समाज की ओर से आर्यवीर दल का चरित्र निर्माण शिविर 14 तारीख से शुरू हो गया है। इस शिविर में सरवाग सुंदर व्यायाम, लाठी, तलवार, भाला और मलखम जैसे शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ बौद्धिक कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षण प्रवीण आर्य, रोहित शास्त्री कनिष्ठ और प्रधान शिक्षक रामकृष्ण शास्त्री द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस चरित्र निर्माण शिविर का समापन 21 जून को होगा, जिसके लिए सह परिवार सभी को सादर आमंत्रित किया गया है। वीरेंद्र थानेदार, देशराज पूर्व सरपंच, मास्टर बेगराज आर्य और लालचंद वैद्य सहित समस्त टीम इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेगी।2
- बीते रविवार को मेरठ के एसएसपी अविनाश पाण्डेय मॉर्निंग वॉक के दौरान अचानक महिला थाने पहुँच गए। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्हें पूरे थाने में सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी मिली, जो उस समय सो रही थी। एसएसपी पाण्डेय ने थाने का क्राइम रजिस्टर उठाया और वापस लौट गए। वापस अपने दफ्तर पहुँचने पर, एसएसपी ने महिला थाने से वही क्राइम रजिस्टर मंगवाया। रजिस्टर के गुम होने की तलबी से महिला थाने में तत्काल हड़कंप मच गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज देखने पर महिला थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को पता चला कि एसएसपी साहब स्वयं निरीक्षण करके गए थे। इस घटना के परिणामस्वरूप, एसएसपी अविनाश पाण्डेय ने महिला थाने की 19 लापरवाह महिला पुलिसकर्मियों को जिले के अलग-अलग थानों में स्थानांतरित कर दिया है।1
- चंडीगढ़ में एक हिमाचली व्यक्ति की जान लेने वाले तीन सनकी शूटर सामने आए हैं। ये वही तीन सनकी शूटर हैं जिन्होंने चंडीगढ़ में इस हिमाचली व्यक्ति की जान ली है।1