राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।
राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर
कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने
का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन
के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।1
- अलवर की सड़कों पर हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे जनता में चिंता है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह स्थिति वास्तव में सड़क विकास है या केवल जनता की परेशानी बढ़ा रही है।1
- दौसा में पुलिस ने भीलवाड़ा के करेडा थाना क्षेत्र के एक वांछित इनामी आरोपी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अवैध शराब के प्रकरण में पिछले एक साल से फरार चल रहा था, और उस पर पंद्रह हजार रुपए का इनाम घोषित था। भरतपुर जिले के पाहड़ी थाना क्षेत्र निवासी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद की गिरफ्तारी एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई के तहत हुई। भीलवाड़ा पुलिस द्वारा घोषित इस इनामी आरोपी को दौसा पुलिस ने धर दबोचा।1
- डीग जिले के वार्ड नंबर 14 के एक निवासी ने अपनी गली की बदहाली और अधिकारियों की कथित उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गली की समस्या को लेकर कई बार चेयरमैन साहब, कलेक्टर साहब को आवेदन देकर, नगर पालिका और विधायक से शिकायत की गई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें रात में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। निवासी ने आरोप लगाया कि न तो कलेक्टर उनकी सुनवाई कर रहे हैं और न ही चेयरमैन, नगर पालिका या वार्ड मेंबर समस्या पर ध्यान दे रहे हैं। उनका दावा है कि ये सभी जनप्रतिनिधि गली के लोगों से पैसे मांगते हैं। जब निवासियों ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने ही उन्हें वोट दिया था, तो कथित तौर पर उन्हें गाली देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। निवासी के अनुसार, चेयरमैन ने भी उन्हें गाली दी थी। उन्होंने हताशा व्यक्त करते हुए पूछा है कि अब वे कहां जाकर शिकायत करें, जब कोई भी प्रमुख अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह वीडियो इसी समस्या को उजागर करने के लिए डाला गया है।1
- भाजपा नेता अल्लानूर खान को राज्य सरकार द्वारा जिला सतर्कता समिति में सदस्य मनोनीत किए जाने पर करौली जिले के ढिंढोरा गाँव (हिंडौन ग्रामीण) में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समाजसेवी इस्माइल अब्बासी ने जानकारी दी कि 16 जून को देर रात आयोजित स्वागत समारोह में गाँव ढिंढोरा के मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों ने माला और साफा पहनाकर अल्लानूर खान का अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिला सतर्कता समिति के सदस्य अल्लानूर खान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जिले की जन समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन के साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने सभी से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की। समाजसेवी व उद्योगपति हाफिज अब्दुल रहमान ने कहा कि लोकप्रिय नेता अल्लानूर खान की नियुक्ति भाजपा द्वारा मुस्लिम समाज को सम्मान देने का एक प्रयास है, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर साफ नजर आ रही है। कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा नेता अल्लानूर खान, समाजसेवी हाफिज अब्दुल रहमान, अल्पसंख्यक मोर्चा के यामीन खान, पंचायत समिति सदस्य शाहरुख खान और फारुख खान को माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस स्वागत समारोह में इस्माइल अब्बासी, रहीमुद्दीन, अमरदीन, मुफीद खान, हफीज खान, आशिक, मुस्ताक खान, अजमत, राज़ुद्दीन, मोहम्मद आसिम, फारुख उर्फ कल्लू, ताजुद्दीन, पप्पू, शफीक खान सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- हिण्डोन में बुधवार सुबह महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने पतंजलि योगशाला में एक योग कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीया बानती निवासन, प्रदेश अध्यक्ष माननीय मदन राठौड़, प्रदेश अध्यक्षा माननीया राखी राठौड़, जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, प्रदेश प्रवक्ता संयोजक चेतना मीणा, और उमा शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया था।3
- दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।3