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हिण्डोन में बुधवार सुबह महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने पतंजलि योगशाला में एक योग कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीया बानती निवासन, प्रदेश अध्यक्ष माननीय मदन राठौड़, प्रदेश अध्यक्षा माननीया राखी राठौड़, जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, प्रदेश प्रवक्ता संयोजक चेतना मीणा, और उमा शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया था।
मनोज तिवाड़ी
हिण्डोन में बुधवार सुबह महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने पतंजलि योगशाला में एक योग कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीया बानती निवासन, प्रदेश अध्यक्ष माननीय मदन राठौड़, प्रदेश अध्यक्षा माननीया राखी राठौड़, जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, प्रदेश प्रवक्ता संयोजक चेतना मीणा, और उमा शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया था।
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- पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।1
- बाड़ी-बसेड़ी के नादनपुर मोड़ के पास एक गंभीर सड़क हादसे में टेंपो और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें शुरू में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना में घायलों में से दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतकों में 12 वर्षीय बालिका शिवन्या शामिल है, जिसने बसेड़ी अस्पताल में दम तोड़ दिया, वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भगवती की बाड़ी रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। सभी घायल बाड़ी के बरौलीपुरा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जिसके चलते पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। बसेड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित किसान धरना स्थल पर, उपनेता प्रतिपक्ष विधायक राम के जी मीणा ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है।1
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- सवाई माधोपुर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- धौलपुर जिले के बाड़ी बसेड़ी स्थित नादनपुर मोड पर एक सड़क हादसे में बाइक और टेंपो की भीषण भिड़न्त हो गई। इस टक्कर के कारण टेंपो पलट गया, जिससे उसमें सवार आधा दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे में घायल हुए लोगों में तीन महिलाएं और दो बालिकाएं शामिल हैं, जिन्हें बाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, दो अन्य घायलों का उपचार बसेड़ी में ही चल रहा है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई दो महिलाओं को आगे के उपचार के लिए धौलपुर रेफर किया गया है। बसेड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।2
- मंगलवार दोपहर बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक किशोरी समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे नहर कोठी के पास ऋषिका पेट्रोल पंप के सामने हुआ, जहाँ एक तेज रफ्तार टेम्पो और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बसेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और 112 चालक विवेक शर्मा की सहायता से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसेड़ी पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बरौली का पुरा बाड़ी निवासी रामबरन की 10 वर्षीय पुत्री शिवन्या को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उपचार के दौरान सलेमपुर, बसेड़ी निवासी फतेह सिंह की 70 वर्षीय पत्नी भगवती देवी उर्फ बत्तो ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में घायल एक अन्य महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जाँच अभी जारी है।1