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अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।
महेंद्र सिंह
अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।
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- अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।1
- अलवर की सड़कों पर हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे जनता में चिंता है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह स्थिति वास्तव में सड़क विकास है या केवल जनता की परेशानी बढ़ा रही है।1
- बाड़मेर के सेड़वा इलाके के फागनिया गाँव में एक बेहद जहरीले 'करैत' सांप के काटने से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घर के बाहर खाट पर सो रहे पति और पत्नी की मौत हो गई। इस वारदात में 28 वर्षीय पति श्रवणराम और 23 वर्षीय पत्नी लाछी की इलाज के दौरान जान चली गई। उनके 5 साल के मासूम बेटे को भी सांप ने काटा था, जिसका इलाज अभी जोधपुर एम्स में चल रहा है। इस मामले में एक हैरान कर देने वाला मोड़ तब आया जब परिवार को डसने वाला वही करैत सांप अगली ही रात उसी खाट के पास दोबारा लौट आया। गाँव वालों ने उसे देखते ही घेर लिया और लाठी-डंडों से मार डाला। डॉक्टरों के मुताबिक, करैत सांप एक 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है। इसके काटने पर न तो कोई दर्द होता है, न सूजन आती है और न ही किसी तरह की ब्लीडिंग होती है, जिससे पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता कि उसे सांप ने काटा है। इस सांप का जहर 4 घंटे के भीतर शरीर पर पूरी तरह हावी होकर जान ले लेता है। इसी वजह से गाँव-देहात में रात को सोते समय सावधानी बरतने की विशेष सलाह दी गई है।2
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- कोटपूतली में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली के अधिकारियों ने जिले के सभी आधार ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों के लिए एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम ओमप्रकाश सहारण की अध्यक्षता में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आधार नामांकन और अपडेट कार्यों में त्रुटियों को कम करना, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना, ऑपरेटरों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना और नवीनतम सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी देना था। यूआईडीएआई के केंद्रीय प्रबंधक वेदप्रकाश ढ़ाका और प्रोजेक्ट मैनेजर निखिल जैन ने यह प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों को नामांकन और अपडेट प्रक्रियाओं, नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने, तकनीकी सावधानियों और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान, अधिकारियों ने ऑपरेटरों को आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करते हुए निर्धारित मानदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आधार सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया। एडीएम ओमप्रकाश सहारण ने विशेष रूप से यह निर्देशित किया कि आधार केंद्रों पर आमजन से केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी ऑपरेटर द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े। सहारण ने यह भी कहा कि आधार सेवाएं आमजन से सीधे जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं हैं, जिनमें पारदर्शिता, संवेदनशीलता और गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है, और सभी ऑपरेटर निर्धारित स्थान पर ही अपने केंद्र संचालित करें। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक जफ्फार खान ने भी समस्त आधार ऑपरेटरों को निर्धारित शुल्क लेने, नियमों का पालन करने और दिशा-निर्देशों के अनुसार आधार केंद्रों का संचालन करने पर ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि आधार सेवाओं में पारदर्शिता और नागरिक सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- विराटनगर के बागावास चौरासी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गणेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष 18वां वार्षिक पाटोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र और आसपास के गाँवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। पाटोत्सव के विशेष मौके पर, मंदिर परिसर में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। विद्वान पंडितों के सानिध्य में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। विश्व कल्याण की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने सामूहिक माला जप किया। इस पावन अवसर पर शिव जी का विशेष जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया गया, जिसके लिए पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें सुबह से ही लगी रहीं। भक्तों ने कतारबद्ध होकर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा, और "हर-हर महादेव" व "बम-बम भोले" के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के बाद, मंदिर समिति और ग्रामीणों के संयुक्त सहयोग से एक विशाल कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसमें छोटी-छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके उपरांत, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। मंदिर कमेटी ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ग्रामीणों और सेवादारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।1
- डीग जिले के वार्ड नंबर 14 के एक निवासी ने अपनी गली की बदहाली और अधिकारियों की कथित उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गली की समस्या को लेकर कई बार चेयरमैन साहब, कलेक्टर साहब को आवेदन देकर, नगर पालिका और विधायक से शिकायत की गई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें रात में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। निवासी ने आरोप लगाया कि न तो कलेक्टर उनकी सुनवाई कर रहे हैं और न ही चेयरमैन, नगर पालिका या वार्ड मेंबर समस्या पर ध्यान दे रहे हैं। उनका दावा है कि ये सभी जनप्रतिनिधि गली के लोगों से पैसे मांगते हैं। जब निवासियों ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने ही उन्हें वोट दिया था, तो कथित तौर पर उन्हें गाली देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। निवासी के अनुसार, चेयरमैन ने भी उन्हें गाली दी थी। उन्होंने हताशा व्यक्त करते हुए पूछा है कि अब वे कहां जाकर शिकायत करें, जब कोई भी प्रमुख अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह वीडियो इसी समस्या को उजागर करने के लिए डाला गया है।1
- बानसूर उप जिला अस्पताल में एक भावुक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम द्वारा छह माह के एक मासूम की जान बचाने पर परिजनों ने उनका सम्मान किया। इस अवसर पर अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दो एयर कंडीशनर भी भेंट किए गए। मुंडली निवासी संदीप यादव ने बताया कि 17 मई को उनके छह माह के बेटे को कोबरा सांप ने डस लिया था। सांप के जहर के गंभीर असर से बच्चे की धड़कन तक बंद हो गई थी। परिजन तत्काल बच्चे को बानसूर उप जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के लगातार प्रयासों और बेहतर इलाज के कारण बच्चे की जान बच सकी। बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद, उसके पिता संदीप यादव और नाना राकेश यादव (जो बालावास निवासी हैं) ने अस्पताल पहुँचकर डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ का सम्मान किया। उन्होंने अस्पताल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की तत्परता और समर्पण से उनके परिवार की खुशियाँ वापस लौटी हैं, और यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। सम्मान समारोह के दौरान परिजनों ने अस्पताल को दो एयर कंडीशनर भी भेंट किए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी के मौसम में बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। इस कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजेश यादव ने इस अवसर पर चिकित्सकों की टीम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा और जीवन रक्षा करना चिकित्सा कर्मियों का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने परिजनों द्वारा किए गए सम्मान और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे चिकित्सा कर्मियों के लिए प्रेरणादायक बताया।2