गोगरी के महेशखूंट–बोरना मुख्य सड़क पर गोविंदपुर के समीप सोमवार देर रात एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने के साथ ही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर आ गिरी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में लगभग 12 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और मुख्य सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवी कार्यकर्ता मिनाज भारती ने तत्काल बिजली विभाग और वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। वहीं, बिजली विभाग के कनीय अभियंता (जेई) निरंजन कुमार ने विभागीय मानव बल को मौके पर भेजा, जो टूटे हुए 11 हजार वोल्ट के तार की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। दोपहर करीब 2 बजे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। विभागीय कर्मियों ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो से चार घंटे के भीतर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेड़ हटाते ही वाहनों का आवागमन सामान्य कर दिया जाएगा। बिजली बाधित रहने से घरेलू कार्यों के साथ व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दोनों विभागों के संयुक्त कार्य की सराहना करते हुए जल्द व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है।
गोगरी के महेशखूंट–बोरना मुख्य सड़क पर गोविंदपुर के समीप सोमवार देर रात एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने के साथ ही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर आ गिरी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में लगभग 12 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और मुख्य सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवी कार्यकर्ता मिनाज भारती ने तत्काल बिजली विभाग और वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। वहीं, बिजली विभाग के कनीय अभियंता (जेई) निरंजन कुमार ने विभागीय मानव बल को मौके पर भेजा, जो टूटे हुए 11 हजार वोल्ट के तार की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। दोपहर करीब 2 बजे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। विभागीय कर्मियों ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो से चार घंटे के भीतर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेड़ हटाते ही वाहनों का आवागमन सामान्य कर दिया जाएगा। बिजली बाधित रहने से घरेलू कार्यों के साथ व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दोनों विभागों के संयुक्त कार्य की सराहना करते हुए जल्द व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है।
- गोगरी के महेशखूंट–बोरना मुख्य सड़क पर गोविंदपुर के समीप सोमवार देर रात एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने के साथ ही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर आ गिरी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में लगभग 12 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और मुख्य सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवी कार्यकर्ता मिनाज भारती ने तत्काल बिजली विभाग और वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। वहीं, बिजली विभाग के कनीय अभियंता (जेई) निरंजन कुमार ने विभागीय मानव बल को मौके पर भेजा, जो टूटे हुए 11 हजार वोल्ट के तार की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। दोपहर करीब 2 बजे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। विभागीय कर्मियों ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो से चार घंटे के भीतर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेड़ हटाते ही वाहनों का आवागमन सामान्य कर दिया जाएगा। बिजली बाधित रहने से घरेलू कार्यों के साथ व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दोनों विभागों के संयुक्त कार्य की सराहना करते हुए जल्द व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है।1
- मुंगेर के सदर अस्पताल में अत्याधुनिक हब लैब की शुरुआत हो गई है। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब एक ही छत के नीचे 187 तरह की जांचें उपलब्ध होंगी।1
- मुंगेर में किसान और खेत मजदूरों ने प्रतिवाद मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान अपनी मांगों को सामने रखते हुए व्यापार समझौते से लेकर परमाणु संयंत्र तक के विभिन्न मुद्दों पर जोर-शोर से आवाज उठाई गई।1
- खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (बासा) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के चलते अस्पताल पहुंचे सौ से अधिक मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों को ओपीडी बंद रहने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह राज्यव्यापी हड़ताल कैमूर में सिविल सर्जन के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में बुलाई गई थी। मामले में चौथम सीएचसी के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बासा के निर्देश पर ओपीडी सेवाएं बंद रखी गईं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रोजाना लगभग डेढ़ सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं, जो हड़ताल से प्रभावित हुए। हालांकि गंभीर मरीजों को राहत देने के लिए आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं पूर्व की तरह चालू रखी गईं।1
- Post by Imtiyaz alam1
- अरवल सदर अस्पताल में चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद रही। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और डॉक्टरों के आह्वान पर ओपीडी का पूर्ण बहिष्कार किया गया, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन ओपीडी बंद रहने के कारण दोपहर 12 बजे तक दर्जनों लोग बिना इलाज कराए लौटने को मजबूर हो गए। इस स्थिति के चलते बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के परिजनों को काफी परेशानी हुई, जबकि कई मरीज निजी क्लीनिकों में जाने को मजबूर हुए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं सामान्य रूप से संचालित की गईं और गंभीर स्थिति में पहुंचे मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया गया। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों का कहना था कि उन्हें डॉक्टरों के इस आंदोलन की पूर्व जानकारी नहीं थी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों का नुकसान हुआ। परेशान मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसी स्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरतलब है कि अरवल की घटना के विरोध में राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया है। आंदोलनकारी चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और सभी चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गंभीर मरीजों के इलाज में कोई बाधा न आए, इसके लिए इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गई हैं।1
- तारामंडल के पास भाजपा नेता की गाड़ी पर कांग्रेस के गुंडों ने हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस हिंसक हमले के दौरान गाड़ी में सवार लोग भी घायल हो गए हैं।4