मथुरा रिफाइनरी से अलीगढ़ के गौरई जा रहे पेट्रोलियम पदार्थ से भरे एक टैंकर के केबिन में सोमवार सुबह थाना राया क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के राया कट के नीचे अचानक धुआं उठने से अफरा-तफरी मच गई। टैंकर के चालक की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, टैंकर (यूपी-85 बीटी-5846) के चालक रामबाबू पुत्र हरपाल सिंह, जो भैंसा (मथुरा) के निवासी हैं, ने इंजन में स्पार्किंग होते ही तुरंत टैंकर को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। उन्होंने केबिन में रखे फायर सिलेंडरों की मदद से उठ रहे धुएं और आग पर काबू पाया। इस दौरान उनके साथ गोवर्धन सिंह भी टैंकर में मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके अतिरिक्त, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ भी घटनास्थल पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लिया। फायर अधिकारी किशन लाल ने बताया कि इंजन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण केबिन में धुआं भर गया था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
मथुरा रिफाइनरी से अलीगढ़ के गौरई जा रहे पेट्रोलियम पदार्थ से भरे एक टैंकर के केबिन में सोमवार सुबह थाना राया क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के राया कट के नीचे अचानक धुआं उठने से अफरा-तफरी मच गई। टैंकर के चालक की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, टैंकर (यूपी-85 बीटी-5846) के चालक रामबाबू पुत्र हरपाल सिंह, जो भैंसा (मथुरा) के निवासी हैं, ने इंजन में स्पार्किंग होते ही तुरंत टैंकर को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। उन्होंने केबिन में रखे फायर सिलेंडरों की मदद से उठ रहे धुएं और आग पर काबू पाया। इस दौरान उनके साथ गोवर्धन सिंह भी टैंकर में मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके अतिरिक्त, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ भी घटनास्थल पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लिया। फायर अधिकारी किशन लाल ने बताया कि इंजन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण केबिन में धुआं भर गया था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
- मथुरा रिफाइनरी से अलीगढ़ के गौरई जा रहे पेट्रोलियम पदार्थ से भरे एक टैंकर के केबिन में सोमवार सुबह थाना राया क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के राया कट के नीचे अचानक धुआं उठने से अफरा-तफरी मच गई। टैंकर के चालक की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, टैंकर (यूपी-85 बीटी-5846) के चालक रामबाबू पुत्र हरपाल सिंह, जो भैंसा (मथुरा) के निवासी हैं, ने इंजन में स्पार्किंग होते ही तुरंत टैंकर को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। उन्होंने केबिन में रखे फायर सिलेंडरों की मदद से उठ रहे धुएं और आग पर काबू पाया। इस दौरान उनके साथ गोवर्धन सिंह भी टैंकर में मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके अतिरिक्त, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ भी घटनास्थल पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लिया। फायर अधिकारी किशन लाल ने बताया कि इंजन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण केबिन में धुआं भर गया था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।1
- मथुरा के शोभित हॉस्पिटल में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज का पक्का बिल न देने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल से कई बार जीएसटी सहित विधिवत बिल देने की मांग की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक विवाद और हंगामा चलता रहा। परिजनों ने बताया कि उनके मरीज को इलाज के बाद दो दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। जब उन्होंने पक्के बिल की मांग की, तो उन्हें एक सादे कागज पर बिल बनाकर दिया गया और अगले दिन पक्का बिल देने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, मरीज के परिजन लगातार अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक पक्का बिल नहीं मिला है, बल्कि पक्का बिल देने के नाम पर उनसे और पैसों की मांग की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के लिए भुगतान तो पूरा ले लिया, लेकिन उन्हें केवल कच्ची रसीद या अधूरी भुगतान पर्ची ही दी गई। परिजनों ने इस कृत्य को गलत बताते हुए पक्का बिल देने की पुरजोर मांग की और अस्पताल प्रशासन के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों को यदि सही पाया जाता है, तो यह मामला केवल बिलिंग से जुड़ा नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की कमी का भी बड़ा उदाहरण बन सकता है। इस पूरे प्रकरण पर संबंधित विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।4
- मथुरा में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण खुले और जर्जर बिजली के बॉक्स/पैनल जनता के भारी आक्रोश का केंद्र बन गए हैं। कठौती कुआं, छगनपुरा, संतोषपुर, भैंस बहोरा, किशन टीला और डैंपियर नगर सहित कई क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों बिना ढक्कन वाले बॉक्स खुले पड़े हैं। इनमें नंगे तार और प्रवाहित करंट किसी बड़े हादसे को खुला न्योता दे रहे हैं, जिससे हर समय अनहोनी का डर बना रहता है। इन खुले बॉक्सों और नंगे तारों की चपेट में आकर कई जानवर घायल हो चुके हैं। कठौती कुआं क्षेत्र में तो पांच साल पहले खुले बॉक्स से करंट लगने के कारण खेलते समय मोहित बघेल नामक एक बालक की मौत भी हो चुकी है। शहर के कई इलाकों, विशेषकर भूमिगत बिजली लाइनों वाले क्षेत्रों में, 50% से अधिक बॉक्स असुरक्षित अवस्था में हैं। शिकायतें किए जाने के बावजूद, बिजली विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में भय व्याप्त है। इसके अतिरिक्त, भीषण गर्मी के दौरान अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटरों के बढ़ते बिलों ने भी जनता को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने प्रशासन से इन असुरक्षित बिजली पैनलों की तत्काल मरम्मत कराने और खराब ढक्कनों को तुरंत बदलने की मांग की है।2
- मथुरा के महावन कस्बे में एक पीड़ित ने एक ज्वेलर्स पर अमानत में खयानत का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि ज्वेलर्स उसकी ज्वेलरी वापस नहीं कर रहा है। इस मामले में महावन थाने में सुनवाई न होने से हताश होकर पीड़ित ने अब तहसील दिवस का रुख किया है। वहां पीड़ित ने अधिकारियों के समक्ष अपनी फरियाद रखी और जल्द से जल्द अपनी समस्या के निस्तारण की मांग की है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि ज्वेलर्स पुलिस के सामने ही उसे धमकी भी दे रहा है।1
- मथुरा के राधाकुंड में प्रजापति समाज ने भू-माफियाओं पर उनकी लगभग चार बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे उनके परिवारों के सामने आजीविका का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। समाज के लोगों का कहना है कि उनकी चार बीघा जमीन में से पहले धीरे-धीरे अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया गया था, और अब शेष बची एक बीघा जमीन पर भी भू-माफियाओं ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। प्रजापति समाज के अनुसार, मिट्टी का कार्य ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन जमीन पर कब्जे के कारण उनका रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जब भी वे अपनी जमीन से मिट्टी निकालने का प्रयास करते हैं, उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे पूरे समाज में भय का माहौल बना हुआ है। इस मामले को लेकर प्रजापति समाज के लोगों ने कई बार गोवर्धन के प्रशासनिक अधिकारियों और मथुरा प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया है। हालांकि, उनका कहना है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप भू-माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। पीड़ित समाज ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनकी कथित चार बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट और गहरा जाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में शासन-प्रशासन भू-माफियाओं पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित समाज को न्याय मिल पाता है या नहीं।1
- गोवर्धन में महिला समाज सेवी विनोदी चौधरी का अनशन अपने पांचवें दिन भी जारी है। इसी क्रम में, गोवर्धन तहसीलदार और नवागत थाना प्रभारी विनय कुमार मिश्र धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने विनोदी चौधरी से समस्याओं के निस्तारण के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया। हालांकि, विनोदी चौधरी ने प्रशासन की यह बात मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने प्रशासन पर ‘खाना खाने’ और ‘दवाब बनाने’ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- मथुरा के महेश्वरी चौराहे से पहले वाले कट पर पिछले तीन-चार दिनों से बारिश का पानी भरा हुआ है। कई दिन पहले ही बारिश रुक चुकी है, लेकिन अब तक इस जलभराव की निकासी नहीं हो पाई है। इस कारण राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग और प्रशासन से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस पानी की निकासी कराकर समस्या का समाधान करें, ताकि आम जनता को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- मथुरा के महावन तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहाँ वृद्धावस्था पेंशन बंद होने की शिकायत लेकर पहुँचे एक बुजुर्ग को विभागीय रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। यह चौंकाने वाली बात है कि शिकायतकर्ता स्वयं अधिकारियों के सामने मौजूद थे, इसके बावजूद उन्हें कागजों में मृत दर्शाया गया। कचनऊ निवासी बृजमोहन, जो स्वर्गीय रामस्वरूप के पुत्र हैं, ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपनी वृद्धावस्था पेंशन बहाल करने की मांग की थी। आरोप है कि ब्लॉक बलदेव द्वारा भेजी गई आख्या में उन्हें मृत दर्शा दिया गया, जिसके बाद बृजमोहन अब अधिकारियों के सामने खुद के जीवित होने का सबूत देने के लिए परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में जब बीडीओ बलदेव नेहा रावत से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश राजस्व, पुलिस और विकास विभाग से संबंधित थीं। इस दौरान कई विभागीय अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पहलवान और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बलदेव के बीच तीखी बहस भी हुई। महावन के उपजिलाधिकारी ने बताया कि बृजमोहन के मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं, और यदि किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है।4
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे 'कलयुग की सबसे डरावनी तस्वीर' और 'इंसानियत को शर्मसार' करने वाला बताया गया है। यह वीडियो झगड़े, मारपीट और हिंसा की घटनाओं को दिखाता है, जिससे इंसानियत की मौजूदा स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल हो रहे इस वीडियो के स्थान और इसकी सत्यता की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पोस्ट ने दर्शकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें इस वीडियो की सही लोकेशन या घटना की कोई जानकारी हो, तो वे कमेंट सेक्शन में अवश्य बताएं। यह भी संदेश दिया गया है कि ऐसी घटनाओं से हमें सबक लेना चाहिए कि समाज को सुरक्षित बनाने का मार्ग केवल शांति और कानून का पालन करना है, न कि हिंसा का।1