कोटा-नागदा रेलखंड के रामगंजमंडी स्टेशन पर रविवार शाम को कोयले से लदी मालगाड़ी के एक वैगन से धुआं उठने पर हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही मालगाड़ी को तुरंत स्टेशन पर रोका गया, जिसके बाद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने पानी डालकर धुएं पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि, जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो मौके पर दमकल को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने ओएचई बंद कर सुरक्षित तरीके से पानी डाला और धुएं को पूरी तरह नियंत्रित किया। इस पूरी मशक्कत के दौरान मालगाड़ी करीब दो घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। इस घटना के चलते रेलखंड की मेन लाइन प्रभावित रही और अमृतसर-कोचुवेली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को लूप लाइन से निकालना पड़ा, जिससे ये ट्रेनें कुछ देर की देरी से चलीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोयले में लगातार होने वाले घर्षण के कारण इस तरह धुआं उठने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं।
कोटा-नागदा रेलखंड के रामगंजमंडी स्टेशन पर रविवार शाम को कोयले से लदी मालगाड़ी के एक वैगन से धुआं उठने पर हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही मालगाड़ी को तुरंत स्टेशन पर रोका गया, जिसके बाद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने पानी डालकर धुएं पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि, जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो मौके पर दमकल को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने ओएचई बंद कर सुरक्षित तरीके से पानी डाला और धुएं को पूरी तरह नियंत्रित किया। इस पूरी मशक्कत के दौरान मालगाड़ी करीब दो घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। इस घटना के चलते रेलखंड की मेन लाइन प्रभावित रही और अमृतसर-कोचुवेली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को लूप लाइन से निकालना पड़ा, जिससे ये ट्रेनें कुछ देर की देरी से चलीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोयले में लगातार होने वाले घर्षण के कारण इस तरह धुआं उठने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं।
- कोटा के रामगंजमंडी स्टेशन पर रविवार शाम को कोयले से लदी एक मालगाड़ी के वैगन से धुआं उठने के बाद हड़कंप मच गया। कोटा-नागदा रेलखंड पर हुई इस घटना की सूचना मिलते ही मालगाड़ी को तुरंत स्टेशन पर रोक लिया गया। इसके बाद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने पानी डालकर धुएं पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दमकल को बुलाया गया। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने ओएचई बंद कर सुरक्षित तरीके से पानी डाला और धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोयले से लदी यह मालगाड़ी करीब 2 घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। इस घटना के कारण मुख्य रेलवे लाइन प्रभावित हुई, जिसके चलते अमृतसर-कोचुवेली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को लूप लाइन से निकाला गया और वे कुछ देर की देरी से चलीं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोयले में लगातार होने वाले घर्षण की वजह से इस तरह धुआं उठने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं।1
- राजस्थान के कोटा में निजी स्लीपर बसों की सघन जांच-पड़ताल जारी है। इस दौरान सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण शताब्दी बस ट्रेवल की एक बस को सीज किया गया है।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में 7 से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित चार प्रसूताओं की मौत के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस अत्यंत गंभीर मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच चिकित्सकों की एक विशेष समिति का गठन किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृत महिलाओं में शामिल एक नाबालिग की ग्रामीण क्षेत्र में गर्भपात के दौरान तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, दो अन्य महिलाओं की मौत का कारण गंभीर एनीमिया बताया जा रहा है, जबकि एक अन्य महिला की मौत ऑपरेशन के दौरान उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की वजह से हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने खुद अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मेडिकल रिकॉर्ड और स्टाफ से बातचीत के आधार पर मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस जांच में पूरी पारदर्शिता रखने का भरोसा दिया है और घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई है।1
- कोटा के बूंदी रोड पर एक बेहद शानदार गेटेड टाउनशिप में रहने के लिए शानदार प्लॉट्स उपलब्ध हैं। यह पूरी टाउनशिप KDA और RERA से अप्रूव्ड है, जहाँ रहने वालों को 25 से भी अधिक बेहतरीन सुविधाओं (Amenities) का लाभ मिलेगा। इस बहुत ही बेहतरीन टाउनशिप में अपने आशियाने के लिए बिना किसी देरी के दिए गए नंबर पर कॉल करें और अपनी विजिट तुरंत बुक करें।1
- कोटा-नागदा रेलखंड के रामगंजमंडी स्टेशन पर रविवार शाम को कोयले से लदी मालगाड़ी के एक वैगन से धुआं उठने पर हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही मालगाड़ी को तुरंत स्टेशन पर रोका गया, जिसके बाद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने पानी डालकर धुएं पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि, जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो मौके पर दमकल को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने ओएचई बंद कर सुरक्षित तरीके से पानी डाला और धुएं को पूरी तरह नियंत्रित किया। इस पूरी मशक्कत के दौरान मालगाड़ी करीब दो घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। इस घटना के चलते रेलखंड की मेन लाइन प्रभावित रही और अमृतसर-कोचुवेली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को लूप लाइन से निकालना पड़ा, जिससे ये ट्रेनें कुछ देर की देरी से चलीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोयले में लगातार होने वाले घर्षण के कारण इस तरह धुआं उठने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ की रहने वाली महिला टीचर रिया अपनी मां के साथ गहने खरीदने के लिए एक जूलरी शॉप पर गई थीं। वहां दुकानदार ने दुकान से पानी की एक बोतल मंगाई। रिया ने जैसे ही उस बोतल से पानी पिया, उनके मुंह, हलक और जीभ में तेज जलन होने लगी और उनकी तबीयत अचानक काफी बिगड़ने लगी। तबीयत बिगड़ने के बाद महिला टीचर को इलाज के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनका उपचार चल रहा है। इस मामले की जांच में पता चला है कि दुकान से मंगाई गई उस पानी की बोतल में असल में तेजाब भरा हुआ था।1