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गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
Pankaj kumar
गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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- बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी का 70वीं जन्मदिन को जन कल्याणकारी दिवस के रूप में रंगमंच सूरजपुर जिला में आयोजित की गई जिसे सूरजपुर जिला के बसपा कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाई1
- छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले सहायक शिक्षक एक दिवसीय जिला स्तरीय हड़ताल1
- Post by Manoj Gupta Driver1
- NDRF ने घुनघुटा बांध में बाढ़ आपदा से बचाव का किया रिहर्सल; डूबते व्यक्ति को बचाने एवं सीपीआर देने की प्रक्रिया का हुआ प्रदर्शन अंबिकापुर: घुनघुटा बांध में आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ द्वारा एक दिवसीय मॉक ड्रिल अभ्यास का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष मॉक ड्रिल 03 वाहिनी एनडीआरएफ, मुण्डली (कटक, ओडिशा) के डिप्टी कमांडर पवन जोशी के मार्गदर्शन तथा सब-इंस्पेक्टर अभिजीत साहू के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रथम अभ्यास के तहत अचानक जलस्तर बढ़ने से बांध क्षेत्र के समीप फंसे 10 नागरिकों को जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दो बोट की सहायता से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। मॉक ड्रिल के दूसरे दृश्य में एक नाव में सवार दो यात्रियों के आपसी विवाद के कारण नदी में गिरकर डूबने की स्थिति का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एनडीआरएफ की बोट तत्काल मौके पर पहुँची और जवानों ने डूबते व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की। इस प्रक्रिया के माध्यम से डूबते व्यक्ति को बचाने की वैज्ञानिक विधि तथा सीपीआर (CPR) देने का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत नदी में डूबे व्यक्ति की खोज के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों द्वारा सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। चौथे दृश्य में क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जा रही एक बोट के दुर्घटनाग्रस्त होने पर त्वरित राहत कार्य का अभ्यास किया गया। इस आयोजन के दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जवानों ने घरेलू उपयोग की वस्तुओं जैसे पानी के खाली पीपे, नारियल एवं प्लास्टिक की बोतलों से अस्थायी लाइफ जैकेट बनाने और आपदा के समय जान बचाने के देशी व कारगर उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों को सिखाया गया कि कैसे इन सामान्य वस्तुओं को बांधकर डूबने से बचा जा सकता है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आपदा के प्रति इतना सक्षम बनाना है कि वे विषम परिस्थितियों में भी स्वयं और दूसरों की रक्षा कर सकें। अपर कलेक्टर सुनील नायक ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में ओडिशा से आई एनडीआरएफ टीम के साथ जिला प्रशासन, होमगार्ड, एनसीसी और स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आयोजनों से नागरिकों का आत्मविश्वास बढ़ता है और जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है। वहीं डिप्टी कमांडर पवन जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार विभिन्न जिलों में ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाते हैं ताकि जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके और आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी मूल्यांकन हो सके1
- ग्राम कुरुडीह में ग्रामीण स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता, झमाझम डाँस प्रतियोगित एवं भव्य मड़ाई मेला का आयोजन दिनाक 15.01.2026 से दिनाक 17.01.2026 तक किया जा रहा है युवा संगठन समिति ने कार्यक्रम में समस्त नागरिकों से उपस्थित होकर इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने आग्रह किया है। यह आयोजन तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें क्षेत्रवासियों को सांस्कृतिक, खेल और मनोरंजन कार्यक्रमों का भरपूर आनंद मिलेगा , कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान के साथ-साथ बेस्ट रेडर, बेस्ट केचर एवं बेस्ट ऑलराउंडर के लिए भी विशेष नगद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं, जिससे खिलाड़ियों में उत्साह देखा जा रहा है।1
- नौकायन बना मेले की जान, दंगवार सूर्य मंदिर मेला चौथे दिन भी रहा गुलजार हेमंत कुमार की रिपोर्ट हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दंगवार पंचायत अंतर्गत सोन नदी तट पर आयोजित प्राचीन सूर्य मंदिर मेला चौथे दिन यानी आज शनिवार को भी सुबह 10:00 से संध्या 5:00 तक श्रद्धा, उत्साह और लोक-संस्कृति के रंगों में सराबोर रहा। मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू हुए इस पारंपरिक मेले में रविवार को भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही सूर्य मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद लोग सोन नदी के तट पर पहुंचे, जहां नदी में चल रहा नौकायन मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बना रहा। रंग-बिरंगी नावों में सवार बच्चों, युवाओं और परिवारों ने नौकायन का जमकर आनंद लिया। मेले में जलपान, मिठाइयों, खिलौनों, सजावटी सामान और ग्रामीण हस्तशिल्प की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही। बच्चों की किलकारियों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने माहौल को जीवंत बनाए रखा। वहीं सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्था को लेकर मेला समिति, स्थानीय समाजसेवियों व स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। दंगवार सूर्य मंदिर मेला अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और लोक-संस्कृति के संगम के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है।1
- PHE विभाग की सुरक्षा में अनदेखी हो सकता है बड़ा दुर्घटना1