चित्रकूट पुलिस ने पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में चाकू मारकर हुई हत्या के मामले में दो आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी राजापुर श्री राज कमल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वाँछित/वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को 25 मई, 2026 को रात 11:00 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारीगण और प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी मौके पर पहुँचे और घायल बाबूलाल को सरकारी अस्पताल पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बाबूलाल की पत्नी श्रीमती रानी देवी, जो साईपुर, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट की निवासी हैं, ने सूचना दी थी कि 25 मई, 2026 की रात करीब 11:00 बजे वह अपने पति के साथ घर पर थीं, तभी अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल (ग्राम परसौजा), गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव (गढ़ीघाट) और राकेश यादव पुत्र मूलचन्द्र यादव (साईपुर) उनके दरवाजे पर आए। उन्होंने उनके पति को अपने पास बुलाया और गाली-गलौज करने लगे। जब उनके पति ने गाली देने से मना किया, तो अभियुक्तों ने जान से मारने की नियत से उनके सीने में चाकू मार दिया, जिससे बाबूलाल की मृत्यु हो गई। आज, 27 मई, 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम पटियाजप्ती स्थित तालाब के भीटा के पास से दो व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में पहले व्यक्ति ने अपना नाम अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल, निवासी ग्राम परसौजा थाना पहाड़ी, और दूसरे ने अपना नाम गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव, निवासी गढ़ीघाट (बरेदी पुरवा) थाना पहाड़ी जनपद चित्रकूट बताया। अमन पटेल के मटमैले रंग के शर्ट पर खून के धब्बे पाए जाने पर, उसने स्वीकार किया कि उसने गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद और राकेश यादव के साथ मिलकर साईपुर में यह घटना की थी। राकेश यादव के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह पुलिस के डर से भाग गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय के साथ उपनिरीक्षक श्री श्याम देव सिंह, उपनिरीक्षक श्री संजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी ज्ञान स्वरूप मिश्रा, आरक्षी बहोरन सिंह, मुख्य आरक्षी चालक लाखन सिंह, आरक्षी दीपक सिंह, आरक्षी चन्द्रभूषण राय, रिज़र्व आरक्षी सूरज यादव, रिज़र्व आरक्षी नीतेश पाण्डेय, रिज़र्व आरक्षी राजदीप यादव, रिज़र्व आरक्षी अरुण यादव, रिज़र्व आरक्षी शिवम सिंह और रिज़र्व आरक्षी अमित यादव शामिल थे।
चित्रकूट पुलिस ने पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में चाकू मारकर हुई हत्या के मामले में दो आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी राजापुर श्री राज कमल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वाँछित/वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को 25 मई, 2026 को रात 11:00 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारीगण और प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी मौके पर पहुँचे और घायल बाबूलाल को सरकारी अस्पताल पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बाबूलाल की पत्नी श्रीमती रानी देवी, जो साईपुर, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट की निवासी हैं, ने सूचना दी थी कि 25 मई, 2026 की रात करीब 11:00 बजे वह अपने पति के साथ घर पर थीं, तभी अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल (ग्राम परसौजा), गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव (गढ़ीघाट) और राकेश यादव पुत्र मूलचन्द्र यादव (साईपुर) उनके दरवाजे पर आए। उन्होंने उनके पति को अपने पास बुलाया और गाली-गलौज करने लगे। जब उनके पति ने गाली देने से मना किया, तो अभियुक्तों ने जान से मारने की नियत से उनके सीने में चाकू मार दिया, जिससे बाबूलाल की मृत्यु हो गई। आज, 27 मई, 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम पटियाजप्ती स्थित तालाब के भीटा के पास से दो व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में पहले व्यक्ति ने अपना नाम अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल, निवासी ग्राम परसौजा थाना पहाड़ी, और दूसरे ने अपना नाम गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव, निवासी गढ़ीघाट (बरेदी पुरवा) थाना पहाड़ी जनपद चित्रकूट बताया। अमन पटेल के मटमैले रंग के शर्ट पर खून के धब्बे पाए जाने पर, उसने स्वीकार किया कि उसने गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद और राकेश यादव के साथ मिलकर साईपुर में यह घटना की थी। राकेश यादव के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह पुलिस के डर से भाग गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय के साथ उपनिरीक्षक श्री श्याम देव सिंह, उपनिरीक्षक श्री संजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी ज्ञान स्वरूप मिश्रा, आरक्षी बहोरन सिंह, मुख्य आरक्षी चालक लाखन सिंह, आरक्षी दीपक सिंह, आरक्षी चन्द्रभूषण राय, रिज़र्व आरक्षी सूरज यादव, रिज़र्व आरक्षी नीतेश पाण्डेय, रिज़र्व आरक्षी राजदीप यादव, रिज़र्व आरक्षी अरुण यादव, रिज़र्व आरक्षी शिवम सिंह और रिज़र्व आरक्षी अमित यादव शामिल थे।
- चित्रकूट में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व की नमाज के मद्देनजर जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कोतवाली कर्वी क्षेत्रान्तर्गत ईदगाहों और मस्जिदों का भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
- वाले राम चौबे चतुर्वेदी के अन्तिम चरण में घट बंधन कार्य क्रम1
- चित्रकूट में भरतदास बनाम रैपुरा दरोगा विवाद गहरा गया है, जहाँ भरतदास का रैपुरा थाने में तैनात एसआई रामकुमार दुबे के साथ बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में भरतदास द्वारा दरोगा को अपशब्द कहे जाने का आरोप है। इसके अलावा, ऑडियो के अंत में भरतदास एक महिला, जो वन विभाग की अध्यक्ष बताई जा रही हैं, उनके बारे में भी टिप्पणी करते हुए सुने जा रहे हैं, जिससे उनकी इज्जत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि यदि चित्रकूट पुलिस कानूनी रूप से चाहे तो इस ऑडियो में मौजूद पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर भरतदास के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, यहाँ तक कि उन्हें पचास लाठियां मार सकती है। हालांकि, ऐसा होने की संभावना से इनकार किया गया है, क्योंकि भरतदास की मुलाकात योगी आदित्यनाथ जी से हो चुकी है। UP Police और MYogiAdityanath को टैग करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने भरतदास की झूठी बातों में आकर चित्रकूट पुलिस और महिलाओं को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है, जिससे भरतदास द्वारा पुलिस और महिलाओं के प्रति किए गए अपमान पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान बेला हिनौती ओवरब्रिज के नीचे से बृजेश सिंह उर्फ बाबा (45 वर्ष) नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी, जो ग्राम नरौरा, थाना चोरहटा, जिला रीवा का निवासी है, के कब्जे से 115 नग नशीली कफ सिरप और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के निर्देशों और थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में बेला चौकी प्रभारी सहित एक पुलिस टीम ने यह कार्रवाई सफलतापूर्वक अंजाम दी। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपी को रामपुर बाघेलान थाना ले आई है जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के धार्मिक स्थलों को आधुनिक और श्रद्धालु-मैत्रीपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस उद्देश्य के तहत, राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल उन स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई, ठहरने की सुविधाओं, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं का गहन अध्ययन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अनुभवों के आधार पर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक विकास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के मंदिरों और तीर्थों पर आने वाले श्रद्धालुओं को देश के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों जैसी सुविधाएं मिलें, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके। सरकार की इस योजना में महाकाल लोक उज्जैन, ओरछा रामराजा मंदिर, मैहर शारदा देवी, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, ऑनलाइन दर्शन, ई-वाहन, डिजिटल भुगतान, स्वच्छ शौचालय, वेटिंग हॉल और पार्किंग जैसी सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में देर रात करीब 1 बजे जोरदार बारिश और तूफान दर्ज किया गया।1
- मनीष पटेल से जुड़े एक मामले में अब एक नया दावा सामने आया है, जिसमें अंकित पटेल ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अंकित पटेल का कहना है कि उन्हें पुलिस द्वारा फोन करके मनीष पटेल का लैपटॉप लाने के लिए बुलाया गया था। अंकित पटेल के अनुसार, पुलिस थाने पहुंचने पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया, धक्का-मुक्की हुई और उन्हें धमकाया गया। यह जानकारी अंकित पटेल द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध बयानों पर आधारित एक वीडियो में चर्चा की गई है। हालांकि, मामले की आधिकारिक जांच और इसकी सत्यता तय करने का काम संबंधित एजेंसियां ही करेंगी। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के दायरे में सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। इस पूरे मामले पर जनता की राय जानने का आग्रह किया गया है।1