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यह संदेश विशेष रूप से उन व्यक्तियों को संबोधित है जो बंदूक के शौकीन हैं।
प्रमोद कुमार कश्यप
यह संदेश विशेष रूप से उन व्यक्तियों को संबोधित है जो बंदूक के शौकीन हैं।
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- कुर्ता पजामा से संबंधित जानकारी या संपर्क के लिए WhatsApp नंबर 01911-926071 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- हापुड़ में ऑल इंडिया हिन्दुस्तान कांग्रेस पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने शुक्रवार को उप जिलाधिकारी हापुड़ को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने हाल ही में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में अपनी जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, पार्टी ने पीड़ित परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। ज्ञापन में शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, और किसानों के बकाया भुगतान सहित कई अन्य जनहित मुद्दों पर भी तत्काल कार्रवाई की अपील की गई।1
- मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित सेमवीग रेस्टोरेंट में एक युवती को अपनी महीने की पगार मांगना महंगा पड़ गया। रेस्टोरेंट की महिला संचालिका और उसके भाई ने युवती के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की, और उसे जान से मारने की धमकी देकर काम से भगा दिया। यह घटना उनकी दबंगई का मामला उजागर करती है। युवती करीब एक महीने पहले रेस्टोरेंट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर काम करने आई थी। एक महीना पूरा होने पर जब उसने अपनी सैलरी मांगी, तो रेस्टोरेंट संचालिका और उसके भाई ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। युवती द्वारा विरोध करने पर, होटल संचालिका ने उसके साथ मारपीट की और उसे भगा दिया। पीड़ित युवती ने अब इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने का रुख किया है।3
- गाजियाबाद की मोदीनगर पुलिस ने रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पुलिस जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 जून 2026 को मेरठ निवासी मुकेश पुत्र धर्मवीर सिंह द्वारा मोदीनगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रवीण पुनिया और उसके साथियों ने ग्राम रोरी स्थित मुकेश की खरीदी गई भूमि पर जाने वाले सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने मजदूरों के साथ अभद्रता की, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और रास्ते की सफाई के नाम पर पहले एक लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद, रास्ता खुलवाने के लिए 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर, मोदीनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर एक पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच और कार्रवाई के बाद, पुलिस ने शनिवार, 27 जून 2026 को वांछित आरोपी प्रवीण पुनिया पुत्र विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। प्रवीण पुनिया ग्राम भोजपुर, थाना भोजपुर का निवासी है, जिसका वर्तमान पता मंगल विहार कॉलोनी, थाना मोदीनगर, गाजियाबाद है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मोदीनगर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- आज गंजबासौदा नगर में इस्लाम का महत्वपूर्ण मोहर्रम पर्व मातम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के गांधी चौक, सावरकर चौक, चाचा वाली गली, चांदसी अस्पताल और महलों वालों के स्थान सहित अनेक जगहों पर भव्य सजावट की गई, जहाँ बाबा के स्थान पर पहुंची सवारियों ने सलमी दी। इस दौरान गांधी चौक में ज्ञान प्रकाश भार्गव और चाचा वाली गली में जिला ब्यूरो संजीव शर्मा जैसे लोग सक्रिय रहे, जबकि महलों वालों के स्थान पर रात भर विशेष आयोजन चला। नगर में कुल लगभग 23 सवारियां उठीं, जिन्होंने पूरी रात शहर में सफर किया और सभी के लिए दुआएं मांगी तथा आशीर्वाद दिया। लोगों ने इन सवारियों पर इत्र, रेवाड़ी प्रसाद चढ़ाया और फूलों की मालाओं से उनका स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, गंजबासौदा की पुरानी बस्ती में हर घर को एक महत्वपूर्ण स्थान मानते हुए, हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों के लोगों ने अपने-अपने स्थानों को लाइटों और फूलों से सजाया। उन्होंने मिलकर सेवा की, खुशहाली और खैरियत की दुआएं मांगी और आशीर्वाद प्राप्त किया। नगर में महलों वाली सवारी को एक विशेष स्थान दिया जाता है, और प्रत्येक श्रद्धालु उनसे मिलकर, इत्र व हार पहनाकर आशीर्वाद लेते हैं। महलों वालों की सवारी ने देर रात तक सफर करते हुए लोगों को आशीर्वाद दिया।1
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- मूल पाठ जीवन की अनिश्चितता और मृत्यु के अचानक आने के विषय पर एक दार्शनिक विचार प्रस्तुत करता है। इसमें कहा गया है कि किसी को नहीं पता कि मौत कब आ जाए, और इस बात पर जोर दिया गया है कि व्यक्ति को चलते-चलते, अप्रत्याशित रूप से, यूं ही मौत का सामना करना पड़ सकता है। यह अभिव्यक्ति मृत्यु की आकस्मिकता और उसकी अपरिहार्यता को रेखांकित करती है।1