यह वायरल वीडियो गया जी न्यायालय का बताया जा रहा है। अधिवक्ता ⚖️ जिस जगह से इंसाफ की उम्मीद की जाती है, अगर उसी न्यायालय परिसर में मर्यादा और अनुशासन पर सवाल उठने लगें, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की शिकायत नहीं रह जाती—यह पूरे अधिवक्ता समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। गया कोर्ट में आखिर हो क्या रहा है? कभी चेंबर तोड़ने की घटना, कभी किसी अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार, कभी धमकी—और अब एक बुजुर्ग अधिवक्ता द्वारा स्पष्ट मना किए जाने के बावजूद सार्वजनिक रूप से मेरे सामने जीप खोलकर पेशाब करने की घटना। आपत्ति जताने पर कथित रूप से मुझे ही बार में देख लेने की धमकी दी गई। सवाल बेहद सीधा है—क्या न्यायालय परिसर में ऐसा आचरण स्वीकार किया जा सकता है? यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान का ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की गरिमा, महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पूरे न्यायिक परिसर की मर्यादा का है। यदि कोई महिला अधिवक्ता सार्वजनिक रूप से हो रहे ऐसे व्यवहार पर आपत्ति करती है, तो क्या उसे धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की जाएगी? और यदि कोई अधिवक्ता गलत व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाता है, तो क्या आवाज उठाना ही गलत मान लिया जाएगा? मैं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं और जिम्मेदार पदाधिकारियों से पूछना चाहती हूँ— क्या यह व्यवहार सही है या गलत? यदि गलत है, तो क्या इसके विरुद्ध आवाज उठाना भी गलत है? मेरा आग्रह है कि आरोपों और घटनाओं को व्यक्तिगत विवाद के रूप में देखने के बजाय निष्पक्ष रूप से जांचा जाए और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हो। गया कोर्ट की गरिमा किसी एक व्यक्ति की नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह वायरल वीडियो गया जी न्यायालय का बताया जा रहा है। अधिवक्ता ⚖️ जिस जगह से इंसाफ की उम्मीद की जाती है, अगर उसी न्यायालय परिसर में मर्यादा और अनुशासन पर सवाल उठने लगें, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की शिकायत नहीं रह जाती—यह पूरे अधिवक्ता समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। गया कोर्ट में आखिर हो क्या रहा है? कभी चेंबर तोड़ने की घटना, कभी किसी अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार, कभी धमकी—और अब एक बुजुर्ग अधिवक्ता द्वारा स्पष्ट मना किए जाने के बावजूद सार्वजनिक रूप से मेरे सामने जीप खोलकर पेशाब करने की घटना। आपत्ति जताने पर कथित रूप से मुझे ही बार में देख लेने की धमकी दी गई। सवाल बेहद सीधा है—क्या न्यायालय परिसर में ऐसा आचरण स्वीकार किया जा सकता है? यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान का ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की गरिमा, महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पूरे न्यायिक परिसर की मर्यादा का है। यदि कोई महिला अधिवक्ता सार्वजनिक रूप से हो रहे ऐसे व्यवहार पर आपत्ति करती है, तो क्या उसे धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की जाएगी? और यदि कोई अधिवक्ता गलत व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाता है, तो क्या आवाज उठाना ही गलत मान लिया जाएगा? मैं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं और जिम्मेदार पदाधिकारियों से पूछना चाहती हूँ— क्या यह व्यवहार सही है या गलत? यदि गलत है, तो क्या इसके विरुद्ध आवाज उठाना भी गलत है? मेरा आग्रह है कि आरोपों और घटनाओं को व्यक्तिगत विवाद के रूप में देखने के बजाय निष्पक्ष रूप से जांचा जाए और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हो। गया कोर्ट की गरिमा किसी एक व्यक्ति की नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
- यह वायरल वीडियो गया जी न्यायालय का बताया जा रहा है। अधिवक्ता ⚖️ जिस जगह से इंसाफ की उम्मीद की जाती है, अगर उसी न्यायालय परिसर में मर्यादा और अनुशासन पर सवाल उठने लगें, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की शिकायत नहीं रह जाती—यह पूरे अधिवक्ता समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। गया कोर्ट में आखिर हो क्या रहा है? कभी चेंबर तोड़ने की घटना, कभी किसी अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार, कभी धमकी—और अब एक बुजुर्ग अधिवक्ता द्वारा स्पष्ट मना किए जाने के बावजूद सार्वजनिक रूप से मेरे सामने जीप खोलकर पेशाब करने की घटना। आपत्ति जताने पर कथित रूप से मुझे ही बार में देख लेने की धमकी दी गई। सवाल बेहद सीधा है—क्या न्यायालय परिसर में ऐसा आचरण स्वीकार किया जा सकता है? यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान का ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की गरिमा, महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पूरे न्यायिक परिसर की मर्यादा का है। यदि कोई महिला अधिवक्ता सार्वजनिक रूप से हो रहे ऐसे व्यवहार पर आपत्ति करती है, तो क्या उसे धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की जाएगी? और यदि कोई अधिवक्ता गलत व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाता है, तो क्या आवाज उठाना ही गलत मान लिया जाएगा? मैं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं और जिम्मेदार पदाधिकारियों से पूछना चाहती हूँ— क्या यह व्यवहार सही है या गलत? यदि गलत है, तो क्या इसके विरुद्ध आवाज उठाना भी गलत है? मेरा आग्रह है कि आरोपों और घटनाओं को व्यक्तिगत विवाद के रूप में देखने के बजाय निष्पक्ष रूप से जांचा जाए और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हो। गया कोर्ट की गरिमा किसी एक व्यक्ति की नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।1
- आज उगता महादलित संस्था के टीम आज छपरा गांव पहुंचकर जरूरत मंद परिवार को राशन सामग्री दिया1
- रजौली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन शुक्रवार को रजौली प्रखंड कांग्रेस कार्यालय, सिमरकोल पार बाध में प्रखंड अध्यक्ष कुंदन दीप के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के विचारों को याद करते हुए कहा कि गांधीजी ने देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को भी याद किया गया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार समाज में एकता, भाईचारा और देशसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने तथा समाज और देशहित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के मुकेश कुमार, इंद्रजीत कुमार, राकेश कुमार, रवि कुमार, अभिषेक कुमार, विक्की कुमार, सतीश कुमार समेत स्थानीय कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे।2
- फोनलेन बाईपास पर महाराणा प्रताप चौक के पास कार और बाइक की जोरदार टक्कर, बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल!! फोनलेन बाईपास पर महाराणा प्रताप चौक के पास कार और बाइक की जोरदार टक्कर, बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल!!1
- माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने कैप्टन स्मित मच्छर से टेलीफोन पर बातचीत कर उनके साहस और शौर्य की सराहना की। @bjp4india @nitinnabinbjp @myogi.adityanath @bjp4up @pankajmaharajganj @idharampalsingh @tawde_vinod @ijagdishpatel माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने कैप्टन स्मित मच्छर से टेलीफोन पर बातचीत कर उनके साहस और शौर्य की सराहना की। @bjp4india @nitinnabinbjp @myogi.adityanath @bjp4up @pankajmaharajganj @idharampalsingh @tawde_vinod @ijagdishpatel1
- खून से लथपथ कैप्टन ने बचाई 174 यात्रियों की जान, खतरे में भी नहीं छोड़ा विमान का नियंत्रण खून से लथपथ कैप्टन ने बचाई 174 यात्रियों की जान, खतरे में भी नहीं छोड़ा विमान का नियंत्रण1
- चोरी की बुलेट ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा पुलिस के साक्ष्य, गवाही और चार्जशीट से खुली अपराध की राज हिसुआ (नवादा)। हिसुआ थाना क्षेत्र में बुलेट चोरी के मामले में न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला हिसुआ थाना कांड संख्या 703/24 से जुड़ा है। पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2024 को हिसुआ थाना क्षेत्र के श्रमजीवी स्थित एक कार्यालय के सामने से बुलेट बाइक चोरी हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने हिसुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की गई बुलेट को झारखंड ले जाकर बरामद किया गया। पुलिस ने बुलेट के मालिक दीपक कुमार की निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार,आरोपी ने चोरी की बाइक को छिपाने का प्रयास किया था। मामले में पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा तथा तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। बताया गया कि चोरी की बुलेट की तलाश में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः तकनीकी जांच और पुलिस कार्रवाई के बाद बाइक बरामद कर ली गई। न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने इसे चोरी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता बताया। चोरी की बुलेट ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा पुलिस के साक्ष्य, गवाही और चार्जशीट से खुली अपराध की राज हिसुआ (नवादा)। हिसुआ थाना क्षेत्र में बुलेट चोरी के मामले में न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला हिसुआ थाना कांड संख्या 703/24 से जुड़ा है। पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2024 को हिसुआ थाना क्षेत्र के श्रमजीवी स्थित एक कार्यालय के सामने से बुलेट बाइक चोरी हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने हिसुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की गई बुलेट को झारखंड ले जाकर बरामद किया गया। पुलिस ने बुलेट के मालिक दीपक कुमार की निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार,आरोपी ने चोरी की बाइक को छिपाने का प्रयास किया था। मामले में पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा तथा तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। बताया गया कि चोरी की बुलेट की तलाश में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः तकनीकी जांच और पुलिस कार्रवाई के बाद बाइक बरामद कर ली गई। न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने इसे चोरी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता बताया।1
- नवादा के हरिया पचिया गांव में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के करीब 80 बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था की यह पहल बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रही है।1