Shuru
Apke Nagar Ki App…
Naved khan
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- लद्दाख की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार जारी इस भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य अपडेट साझा करते हुए डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि शरीर में डिहाइड्रेशन के साथ-साथ अब उनके अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस समय सोनम वांगचुक का शुगर लेवल 80 mg/dL बना हुआ है और उनका वजन भी लगातार गिर रहा है, जिसके चलते मेडिकल टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। इस कठिन संघर्ष के बीच उनके समर्थकों में सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (PM POSHAN) बनाने वाले स्व-सहायता समूहों और रसोइयों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्राथमिक शाला के छात्रों के लिए ₹6.78 प्रति छात्र और माध्यमिक शाला के छात्रों के लिए ₹10.17 प्रति छात्र की दर से कुकिंग कॉस्ट तय की गई है। सरकार द्वारा कुकिंग कॉस्ट और मानदेय की यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। स्व-सहायता समूह और रसोइए अपने भुगतान की स्थिति (Payment Status) तथा अन्य विवरणों को MP PM Poshan App के माध्यम से आसानी से चेक कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए सभी पात्रता शर्तों, नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।1
- भोपाल में कलाकार श्री भानु प्रकाश तिवारी जी ने श्यामला हिल्स थाना पुलिस के साथ मिलकर अपनी अभिनय कला के जरिए 'नशे से दूरी है जरूरी' का एक बेहद शानदार संदेश दिया है। उनके इस बेहतरीन अभिनय को देखने के बाद हर किसी का मन नशा त्यागने को करेगा। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से दर्शाया है कि कैसे नशे की हालत में इंसान अपनी सुध-बुध खोकर बिल्कुल शून्य हो जाता है और बाद में उसे सिर्फ पछताना पड़ता है। यही वजह है कि आज लोगों के बीच यह संदेश गहराई से प्रभाव छोड़ रहा है कि #नशे_से_दूरी_है_जरूरी।1
- भोपाल के संत हृदय राम नगर में आज से झूले लाल चालीसा उपवास उत्सव का शुभारंभ हो गया है। इस उत्सव से जुड़ी पूरी खबर अवश्य देखें।4
- भोपाल के परवलिया सड़क थाना पुलिस ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) श्री पंकज कुमार पांडेय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार सोनकर के मार्गदर्शन और एसडीओपी ईंटखेड़ी सुश्री मंजू चौहान के पर्यवेक्षण में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग ₹1.50 लाख मूल्य का मशरूका बरामद किया है। घटना की शुरुआत फरियादी चेतन धनगर की शिकायत से हुई, जिनके पिता अमन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। 17 जुलाई 2026 की रात करीब 1:30 बजे चेतन अस्पताल की दूसरी मंजिल पर आईसीयू के बाहर अपना वीवो Y29 मोबाइल तकिए के नीचे रखकर सो गए थे। सुबह करीब 4:00 बजे जब उन्हें मोबाइल चोरी की सूचना मिली, तो उन्होंने देखा कि उनका मोबाइल भी गायब था। इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने एक संदिग्ध युवक को अस्पताल के बाहर खड़ी हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल (क्रमांक MP39MK7397) स्टार्ट करने की कोशिश करते देखा, लेकिन लोगों को आते देख आरोपी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर अस्पताल के पीछे की ओर भाग गया। सूचना मिलते ही थाना परवलिया सड़क पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और जीवन ज्योति अस्पताल के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नावेद खान (उम्र 34 वर्ष, निवासी वसुंधरा कॉलोनी, करोंद, थाना निशातपुरा, जिला भोपाल) बताया। पुलिस ने आरोपी की तलाशी लेकर चोरी किए गए दोनों मोबाइल फोन (वीवो Y29 और मोटो जी-60) बरामद कर लिए। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 131/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305(ए) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक हरिशंकर वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार, आरक्षक सुमित, मनीष, धर्मेन्द्र और अजय की विशेष भूमिका रही।1
- भोपाल से सामने आई एक अत्यंत दर्दभरी और निराशाजनक अभिव्यक्ति में यह कहा गया है कि हम जब भी और जिस भी मोड़ से गुजरते हैं, वहां सब कुछ लुट जाता है और पूरी तरह मिट जाता है। इस भावना में सब कुछ खो देने और तबाह हो जाने की गहरी पीड़ा व्यक्त की गई है।1
- सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए अब बेटियों का भविष्य सुरक्षित करना बेहद आसान हो गया है। अगर आप इस योजना में हर महीने 5,000 रुपये यानी सालाना 60,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी की अवधि पूरी होने पर आपकी बेटी को करीब 25 लाख रुपये से अधिक की एकमुश्त राशि मिल सकती है। इस छोटी-सी बचत के माध्यम से बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की अन्य बड़ी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी सरकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर आसानी से खाता खुलवाया जा सकता है। इस खाते पर सालाना 8.2 प्रतिशत की दर से चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। अपनी लक्ष्मी के सुरक्षित और उज्जवल भविष्य के लिए बिना किसी देरी के आज ही इस योजना में निवेश शुरू करने की अपील की गई है।1
- भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच वर्षीय मासूम की जान बचाते हुए एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पश्चिम बंगाल का रहने वाला यह बच्चा बोल और सुन नहीं सकता है। सुबह ब्रश करने के दौरान टूथब्रश का ऊपरी हिस्सा टूटकर सीधे उसके गले में चला गया था। परिजन पहले अपने स्तर पर ही इसे निकालने का प्रयास करते रहे, जिससे अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बच्चे की हालत बेहद गंभीर हो गई। उसके तालू में सूजन आ गई थी, मुंह में खून व लार भरी थी और उसे सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा तालू के पीछे आड़ा फंसा था और उसका नुकीला सिरा टॉन्सिल में धंसा हुआ था। इसे सीधे निकालना भारी रक्तस्राव और गले के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता था। ईएनटी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कीर्ति वाई. के. और विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता सोनी के मार्गदर्शन में तत्काल ऑपरेशन का फैसला लिया गया। मुंह में खून और लार होने के कारण एनेस्थीसिया देना भी एक बड़ा जोखिम था। हालांकि, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अवस्थी की मौजूदगी में डॉ. वंदना ने अत्यंत सावधानी से बच्चे का सफल इंट्यूबेशन किया, जिससे गले में चीरा लगाने (ट्रेकियोस्टॉमी) की जरूरत नहीं पड़ी। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहद सूझबूझ से टूथब्रश को धीरे-धीरे घुमाकर सीधी (वर्टिकल) स्थिति में लाया और मुंह के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल और जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में डॉ. स्मिता सोनी, डॉ. कीर्ति वाई. के., डॉ. सोनल अवस्थी, डॉ. वंदना और अन्य रेजिडेंट डॉक्टर शामिल थे। इस घटना के बाद चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अजीत मीना ने अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को हमेशा उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित और मजबूत टूथब्रश ही दें और ब्रश करते समय उन पर निगरानी रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि गले में कुछ फंसने पर उसे खुद निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें, बल्कि बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचें।2