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भोपाल से सामने आई एक अत्यंत दर्दभरी और निराशाजनक अभिव्यक्ति में यह कहा गया है कि हम जब भी और जिस भी मोड़ से गुजरते हैं, वहां सब कुछ लुट जाता है और पूरी तरह मिट जाता है। इस भावना में सब कुछ खो देने और तबाह हो जाने की गहरी पीड़ा व्यक्त की गई है।
Mohabbat Raas Na Aayi
भोपाल से सामने आई एक अत्यंत दर्दभरी और निराशाजनक अभिव्यक्ति में यह कहा गया है कि हम जब भी और जिस भी मोड़ से गुजरते हैं, वहां सब कुछ लुट जाता है और पूरी तरह मिट जाता है। इस भावना में सब कुछ खो देने और तबाह हो जाने की गहरी पीड़ा व्यक्त की गई है।
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- मध्य प्रदेश के भोपाल में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग से जुड़े मामले में पुलिस पर आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगाया। डॉ. यादव ने दोटूक कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और इस मामले में पुलिस का रवैया बेहद पक्षपातपूर्ण रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी ने पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाने और 41 लोगों की अधिग्रहित की गई जमीन वापस करने की पुरजोर मांग की गई। डॉ. मनोज यादव ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में आरोपियों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के राजनीतिक संबंधों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद पाने वाले कमलनाथ, नरोत्तम मिश्रा, लखन पटेल और पीसी शर्मा जैसे नेताओं का क्या हाल हुआ, यह सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद मिलने के बाद इनमें से कुछ लोगों की तो जान भी चली गई।1
- भोपाल से सामने आई एक अत्यंत दर्दभरी और निराशाजनक अभिव्यक्ति में यह कहा गया है कि हम जब भी और जिस भी मोड़ से गुजरते हैं, वहां सब कुछ लुट जाता है और पूरी तरह मिट जाता है। इस भावना में सब कुछ खो देने और तबाह हो जाने की गहरी पीड़ा व्यक्त की गई है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हुजूर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद की बदहाली और भारी गंदगी को लेकर नमाज़ियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध इस मस्जिद परिसर में वर्षों से रंगाई-पुताई नहीं हुई है। यहाँ चारों तरफ कबूतरों की बीट और गंदगी फैली हुई है, साथ ही एक मृत कबूतर का कंकाल पड़े होने का दावा किया जा रहा है जिससे तीव्र बदबू फैल रही है। पवित्र स्थान पर इबादत के लिए आने वाले लोगों को इस भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें गहरी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मस्जिद से जुड़ी करीब 50 से अधिक दुकानों से नियमित किराया प्राप्त होता है। इस बड़ी आय के बावजूद मस्जिद की देखरेख, सफाई और रखरखाव पर कोई खर्च होता नहीं दिख रहा है, जिससे संबंधित प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी आमदनी होने के बावजूद आखिर मस्जिद की साफ-सफाई जैसी सर्वोच्च प्राथमिकता की अनदेखी क्यों की जा रही है। इस पवित्र स्थान की गरिमा को बहाल करने के लिए स्थानीय निवासियों ने प्रबंधन से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने और सफाई अभियान चलाकर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार लोगों को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए और तत्काल सफाई व्यवस्था में सुधार करना चाहिए ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा और पवित्रता बनी रहे।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद की बदहाली को लेकर नमाज़ियों और स्थानीय लोगों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाने वाली इस मस्जिद परिसर में सफाई व्यवस्था बेहद खराब नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद परिसर में वर्षों से रंगाई-पुताई नहीं हुई है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, कबूतरों की बीट जमा है और परिसर में एक मृत कबूतर का कंकाल तक पड़ा होने का दावा किया जा रहा है, जिससे चारों तरफ बदबू फैल रही है। इबादत के लिए आने वाले नमाज़ियों को लगातार इस गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मस्जिद जैसी पवित्र जगह की साफ-सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने मस्जिद के रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि मस्जिद से जुड़ी करीब 50 से अधिक दुकानों से किराया प्राप्त होता है। ऐसे में लाखों की आमदनी होने के दावों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस आय का उपयोग मस्जिद की देखरेख, सफाई और उचित रखरखाव पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा है? इस संबंध में संबंधित प्रबंधन समिति को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यह मामला केवल एक इमारत का नहीं, बल्कि उस पवित्र स्थान की गरिमा का है जहां हजारों लोग इबादत करने पहुंचते हैं। लोगों की मांग है कि जिम्मेदार लोगों को तत्काल सफाई अभियान चलाकर मस्जिद की व्यवस्था सुधारनी चाहिए और यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है। चूंकि धार्मिक स्थल आस्था का केंद्र होते हैं, इसलिए इसकी स्वच्छता और सम्मान बनाए रखने के लिए संबंधित जिम्मेदार लोगों को तुरंत ध्यान देना होगा ताकि ऐतिहासिक जामा मस्जिद अपनी गरिमा के अनुरूप फिर से स्वच्छ दिखाई दे।1
- ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा के दौरान ग्रैंड रोड स्थित मरीचिकोट चौक के पास भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया है। भारी भीड़ के बीच श्रद्धालु फंस गए और वहां से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक घटना में दम घुटने से 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे में घायल हुए सभी लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।1