सहसा जिले के बैजनाथपुर चौक पर वाहन चालकों और आम राहगीरों को लगातार कई समस्याओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क मार्ग का जलमग्न होना और फ्लाईओवर के नीचे जगह की कमी के कारण लंबे वाहनों का मुड़ न पाना, नियमित रूप से भीषण जाम की समस्या उत्पन्न करता है, जिससे निकलने के लिए चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब इन समस्याओं के बीच एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिन वाहन चालकों को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना होता है, वे बीच सड़क से ही नीचे उतरना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर रोड स्टट लाइटें न लगे होने के कारण उन्हें सड़क की गहराई या चौड़ाई का पता नहीं चल पाता है, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। मंगलवार देर शाम ऐसी ही एक घटना सामने आई, जब एक चार पहिया वाहन चालक को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना था और उसने बीच सड़क से ही नीचे उतरने का प्रयास किया। रात के समय सड़क मार्ग के दोनों किनारों पर चमकती हुई लाइटें दिखाई नहीं दीं, जिससे उसे पता नहीं चल पाया कि बगल में सड़क नहीं बल्कि खाई है। चालक बाल-बाल हादसे का शिकार होने से बच गया, जिसे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर किसी तरह सुरक्षित बचाया, अन्यथा एक और जान जा सकती थी। ऐसे में अब देखना होगा कि बैजनाथपुर चौक पार करने के लिए लोगों को और कितने दिन देखने पड़ेंगे।
सहसा जिले के बैजनाथपुर चौक पर वाहन चालकों और आम राहगीरों को लगातार कई समस्याओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क मार्ग का जलमग्न होना और फ्लाईओवर के नीचे जगह की कमी के कारण लंबे वाहनों का मुड़ न पाना, नियमित रूप से भीषण जाम की समस्या उत्पन्न करता है, जिससे निकलने के लिए चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब इन समस्याओं के बीच एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिन वाहन चालकों को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना होता है, वे बीच सड़क से ही नीचे उतरना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर रोड स्टट लाइटें न लगे होने के कारण उन्हें सड़क की गहराई या चौड़ाई का पता नहीं चल पाता है, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। मंगलवार देर शाम ऐसी ही एक घटना सामने आई, जब एक चार पहिया वाहन चालक को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना था और उसने बीच सड़क से ही नीचे उतरने का प्रयास किया। रात के समय सड़क मार्ग के दोनों किनारों पर चमकती हुई लाइटें दिखाई नहीं दीं, जिससे उसे पता नहीं चल पाया कि बगल में सड़क नहीं बल्कि खाई है। चालक बाल-बाल हादसे का शिकार होने से बच गया, जिसे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर किसी तरह सुरक्षित बचाया, अन्यथा एक और जान जा सकती थी। ऐसे में अब देखना होगा कि बैजनाथपुर चौक पार करने के लिए लोगों को और कितने दिन देखने पड़ेंगे।
- एक व्यक्ति के लिए न्याय की पुरजोर मांग उठाई गई है, जो देश की सेवा में कार्यरत था। इस मांग के साथ ही, सम्राट चौधरी से तत्काल इस्तीफे की भी अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, यह भी कहा गया है कि आईजी और डीआईजी जैसे उच्च अधिकारियों को भी गोली चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो कार्रवाई की एक अत्यंत कड़ी मांग को दर्शाता है।1
- मधेपुरा बिहार न्यूज चैनल अपने दर्शकों के लिए एक खास उपहार योजना लेकर आया है। चैनल की घोषणा के अनुसार, मधेपुरा बिहार न्यूज को सब्सक्राइब करने वाले दर्शकों को उपहार प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, खबरों को लाइक और शेयर करने वाले दर्शकों को भी उपहार मिलेंगे। इस योजना के तहत, चैनल को सब्सक्राइब करने वाले पहले 50 दर्शकों को एक हैंड वॉच उपहार के तौर पर दी जाएगी। यह मधेपुरा बिहार न्यूज द्वारा पेश किया गया उपहार पाने का एक सुनहरा अवसर है।1
- मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र के लौआलगान में 70 वर्षीय कैलाश राय की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह कैलाश राय की अविवाहित बेटी जूली कुमारी और मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा के बीच प्रेम संबंध था। मृतक कैलाश राय और उनके परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे, जिसके कारण कैलाश राय को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई और उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। उदाकिशनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 20 जून की रात चौसा थाना क्षेत्र के लौआलगान पूर्वी स्थित गौशाला रोड पर बने बासा के मचान पर सो रहे कैलाश राय की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक की पत्नी भदरी देवी उर्फ प्रमिला देवी के बयान के आधार पर चौसा थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर, पुलिस ने चौसा गौशाला चौक निवासी मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम बताए। उसकी निशानदेही पर गौशाला चौक निवासी इंदल मंडल और लौआलगान निवासी संजीव कुमार उर्फ राजीव कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसडीपीओ ने यह भी जानकारी दी कि मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा के खिलाफ हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान भी कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। मृतक कैलाश राय के छह बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें से उनकी बेटी जूली कुमारी सहित तीन बेटे अविवाहित हैं। घटना के समय कैलाश राय मचान पर सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी, बेटे लक्ष्मण राय और बेटी घर में मौजूद थे। छापेमारी टीम में चौसा थानाध्यक्ष रवि कुमार पासवान, डीआईयू टीम, एसटीएफ और चौसा थाना पुलिस शामिल थी।2
- सहरसा सदर थाना द्वारा की गई एक कार्रवाई में अनैतिक गतिविधियों का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।1
- सहरसा जिले के महिषी से प्राप्त जानकारी में बीए फाइनल का जिक्र किया गया है।1
- सुपौल जिले के पिपरा थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक स्मैक कारोबारी, लोकेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 85 ग्राम स्मैक, 47 हजार 7 सौ 80 रुपये नगद, एक कार समेत कई अन्य सामान बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। उन्हें पता चला था कि थाना क्षेत्र के विशनपुर वार्ड 13 में लोकेश कुमार स्मैक का अवैध कारोबार चलाता है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने लोकेश के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 85 ग्राम स्मैक, 47,780 रुपये नगद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक मोबाइल, दो स्कैनर और एक चार चक्का वाहन जब्त किया। पुलिस ने लोकेश कुमार के खिलाफ थाना कांड संख्या 223/26 दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।2
- सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड अंतर्गत कमलपुर में वार्ड नंबर 6 और 7 की सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।1
- सहसा जिले के बैजनाथपुर चौक पर वाहन चालकों और आम राहगीरों को लगातार कई समस्याओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क मार्ग का जलमग्न होना और फ्लाईओवर के नीचे जगह की कमी के कारण लंबे वाहनों का मुड़ न पाना, नियमित रूप से भीषण जाम की समस्या उत्पन्न करता है, जिससे निकलने के लिए चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब इन समस्याओं के बीच एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिन वाहन चालकों को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना होता है, वे बीच सड़क से ही नीचे उतरना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर रोड स्टट लाइटें न लगे होने के कारण उन्हें सड़क की गहराई या चौड़ाई का पता नहीं चल पाता है, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। मंगलवार देर शाम ऐसी ही एक घटना सामने आई, जब एक चार पहिया वाहन चालक को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना था और उसने बीच सड़क से ही नीचे उतरने का प्रयास किया। रात के समय सड़क मार्ग के दोनों किनारों पर चमकती हुई लाइटें दिखाई नहीं दीं, जिससे उसे पता नहीं चल पाया कि बगल में सड़क नहीं बल्कि खाई है। चालक बाल-बाल हादसे का शिकार होने से बच गया, जिसे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर किसी तरह सुरक्षित बचाया, अन्यथा एक और जान जा सकती थी। ऐसे में अब देखना होगा कि बैजनाथपुर चौक पार करने के लिए लोगों को और कितने दिन देखने पड़ेंगे।1