*क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* संजय भारती समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे। *क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* संजय भारती समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे।
*क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* संजय भारती समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे। *क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* संजय भारती समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे।
- मटिहानी प्रखंड के सिहमा बबूरबन्नी में बाढ आने से हुआ जलमग्न....1
- बढ़ती मंहगाई और बेरोज़गारी के विरुद्ध ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र स्थित कर्पुरी चौक पर उपस्थित स्थानीय लोगों के विचार1
- सहरसा: मोहनपुर जामा मस्जिद में अकीदत के साथ मनाया गया मिलादुन्नबी, गूंजे दरूद व सलाम सहरसा जिला के नोहट्टा प्रखण्ड के मोहनपुर मे कार्यक्रम की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत के साथ हुई। इसके बाद स्थानीय उलेमाओं और नात-ख्वानों ने हजरत मोहम्मद साहब की शान में खूबसूरत नात-पाक और मनकबत पेश कर महफिल को मुनव्वर किया। जलसे को संबोधित करते हुए हजरत मौलाना अब्दुल बारी साहब ने पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत-ए-तैयबा पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब इस पूरी कायनात के लिए रहमत बनकर आए थे। उनकी जिंदगी का हर एक पल मानवता, न्याय, दया और आपसी सौहार्द का बेहतरीन पैगाम देता है। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को खत्म कर हमेशा सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने की तालीम दी। जलसे के दौरान मोहनपुर जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों को खूबसूरत रोशनी और फूलों से सजाया गया था। कार्यक्रम के अंत में देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे, आपसी सौहार्द और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। दुआ के बाद उपस्थित सभी लोगों के बीच तबर्रुक का वितरण किया गया।इस मौके पर स्थानीय जमा मस्जिद कर इमाम और मौलाना तौसीफ़ साहब ने जिम्मेदार लोग और बड़ी संख्या में क्षेत्र के अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इस रूहानी और बाबरकत् कार्यक्रम को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई।1
- बेगूसराय में बड़े धूमधाम से निकल गई ईद उल ए मीनादुल नबी का जश्न। मनाया गया। 12 रबी उल अव्वल पर गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, देवना में भव्य जुलूस के साथ अमन-भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा |2
- #नेपाल में बाढ़ से तबाही #बिहार में भी अलर्ट #गंडक किनारे वाले रहें सावधान | Mobile Tv News |1
- ईद-ए-मिलाद पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बड़ी जामा मस्जिद में उमाड़ी हजारों की भीड़ समस्तीपुर: ईद-ए-मिलाद के मौके पर समस्तीपुर शहर के गोला बाजार स्थित बड़ी जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे। लोगों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में ईद-ए-मिलाद का पर्व मनाया और पैगंबर हज़रत मुहम्मद की पैदाइश की याद में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- सहरसा: मदरसा तालिमूल कुरान, मोहनपुर में अकीदत के साथ मनाया गया पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत स्थित मदरसा तालिमूल कुरान में इस्लाम के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) पूरे अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर (हिजरी) के मुताबिक हर साल 12 रबी अल-अव्वल के मुबारक मौके पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत कुरानखानी से की गई। मदरसे के बच्चों और स्थानीय उलेमाओं ने पवित्र कुरान की तिलावत कर देश और दुनिया में अमन, शांति, भाईचारा और सलामती की विशेष दुआ मांगी।कार्यक्रम के दौरान हजरत मौलाना तौसीफ़ साहब ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जीवनी और उनके द्वारा बताए गए भाईचारे, मानवता और नेकी के रास्तों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की तालीम पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन है और हमें उनके बताए हुए उसूलों को अपनी जिंदगी में अपनाना चाहिए। इस धार्मिक और रूहानी आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों, मदरसे के शिक्षकों और बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में तबर्रुक का वितरण किया गया, जिससे पूरे इलाके में जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी का माहौल और खुशनुमा हो गया।1
- राघोपुर में गंगा की तेज धार में नाव पलटी, 21 मजदूर सवार थे; 19 सुरक्षित, दो लापता नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में बुधवार, 26 अगस्त की दोपहर गंगा नदी में बड़ा नाव हादसा हो गया।1