भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध व अन्य मांगों को लेकर किसानों का दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दो प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शंभू बॉर्डर पर 12 घंटे से जारी गतिरोध मंगलवार को समाप्त हो गया और किसान वापस लौट गए। इससे पहले पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया था, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए थे। दिन में दो दौर की वार्ता के बाद हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे और किसान संगठनों का मांगपत्र स्वीकार किया। उन्होंने 8 से 10 दिन के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान या केंद्र के नामित प्रतिनिधि के साथ किसानों की बैठक कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई का आश्वासन भी दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। बातचीत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को रिहा कर दिया गया है, जबकि बीएम सिंह समेत अन्य गिरफ्तार नेताओं की रिहाई का आश्वासन दिया गया है। शंभू बॉर्डर पर सुबह 4 बजे से ही घटनाक्रम तेजी से बदलता रहा और शाम करीब 4 बजे पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाना शुरू कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने स्पष्ट किया कि सभी नेताओं की रिहाई और केंद्र के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद संयुक्त किसान संगठन आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध व अन्य मांगों को लेकर किसानों का दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दो प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शंभू बॉर्डर पर 12 घंटे से जारी गतिरोध मंगलवार को समाप्त हो गया और किसान वापस लौट गए। इससे पहले पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया था, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए थे। दिन में दो दौर की वार्ता के बाद हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे और किसान संगठनों का मांगपत्र स्वीकार किया। उन्होंने 8 से 10 दिन के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान या केंद्र के नामित प्रतिनिधि के साथ किसानों की बैठक कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई का आश्वासन भी दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। बातचीत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को रिहा कर दिया गया है, जबकि बीएम सिंह समेत अन्य गिरफ्तार नेताओं की रिहाई का आश्वासन दिया गया है। शंभू बॉर्डर पर सुबह 4 बजे से ही घटनाक्रम तेजी से बदलता रहा और शाम करीब 4 बजे पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाना शुरू कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने स्पष्ट किया कि सभी नेताओं की रिहाई और केंद्र के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद संयुक्त किसान संगठन आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेगा।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध व अन्य मांगों को लेकर किसानों का दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दो प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शंभू बॉर्डर पर 12 घंटे से जारी गतिरोध मंगलवार को समाप्त हो गया और किसान वापस लौट गए। इससे पहले पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया था, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए थे। दिन में दो दौर की वार्ता के बाद हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे और किसान संगठनों का मांगपत्र स्वीकार किया। उन्होंने 8 से 10 दिन के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान या केंद्र के नामित प्रतिनिधि के साथ किसानों की बैठक कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई का आश्वासन भी दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। बातचीत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को रिहा कर दिया गया है, जबकि बीएम सिंह समेत अन्य गिरफ्तार नेताओं की रिहाई का आश्वासन दिया गया है। शंभू बॉर्डर पर सुबह 4 बजे से ही घटनाक्रम तेजी से बदलता रहा और शाम करीब 4 बजे पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाना शुरू कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने स्पष्ट किया कि सभी नेताओं की रिहाई और केंद्र के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद संयुक्त किसान संगठन आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेगा।1
- 26 साल बाद एक मासूम के सपने में लौटने का अनोखा मामला सामने आया है। "मैं जिला अस्पताल में हूं, मुझे घर ले चलो"— इस कथित पुकार को सुनने के बाद परिजन भीलवाड़ा से नीमच पहुंचे। नीमच पहुंचकर परिजनों ने धार्मिक अनुष्ठान किया और अपनी आस्था के अनुसार मासूम की आत्मा को अपने साथ ले गए। यह पूरा अनोखा मामला लोगों के बीच काफी चर्चा में है।1
- नीमच जिले के रामपुरा स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी हरिवर्धन उपाध्याय ने मंदिर की कृषि भूमि पर फसल न बोने दिए जाने और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कब्जा न मिलने पर कलेक्टर को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है। पुजारी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। माणक चौक रामपुरा स्थित मंदिर में वर्ष 2009 से विधिवत नियुक्त पुजारी पिछले 17 वर्षों से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। उनके परिवार का जीवन-यापन ग्राम मान्याखेड़ी में दर्ज मंदिर की लगभग 7.03 हेक्टेयर कृषि भूमि से ही होता है। वर्ष 2024 में कुछ लोगों द्वारा खेती करने से रोके जाने के बाद वे न्यायालय गए थे, जहां से भूमि से बेदखल करने के आदेश पारित हुए और अपील भी निरस्त कर दी गई। इसके बाद राजस्व एवं पुलिस दल की मौजूदगी में उन्हें जमीन का कब्जा सौंपा गया था। पुजारी का आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित लोगों ने दोबारा भूमि पर कब्जा कर लिया है और जब भी वे खेत पर फसल बोने जाते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। मामले में राजस्व संहिता के तहत नोटिस और गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासनिक एवं न्यायिक आदेशों के बावजूद खेती न कर पाने से पुजारी का परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर की भूमि पर खेती कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।4
- नीमच की कृषि उपज मंडी में नई ट्रॉली टोल व्यवस्था लागू करने को लेकर विवाद काफी बढ़ गया है। नए नियमों के विरोध में हम्मालों द्वारा अचानक की गई हड़ताल के कारण मंडी का पूरा कामकाज करीब दो घंटे से पूरी तरह ठप पड़ा है। इस गतिरोध के चलते अपनी उपज बेचने पहुंचे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे हम्मालों और किसानों का तर्क है कि किसान बोरियों में अपनी उपज लेकर आते हैं और हम्माल भी बोरियों से ही तौल करते हैं। ऐसे में पहले की तरह ढेर लगाकर काम करना ही उचित है, क्योंकि यह नया ट्रॉली टोल नियम किसान और हम्माल हितैषी नहीं है। विवाद की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रशासन से इस नए नियम को तुरंत वापस लेने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में रतनगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 79 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 5 क्विंटल 28 किलो डोडाचूरा जब्त किया है।1