राजस्थान के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को पाली जिले के तखतगढ़ में कांग्रेस सेवादल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन हटेला और पाली जिला अध्यक्ष प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें गांधी टोपी और सूत की मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान, अशोक गहलोत ने अपनी सादगीपूर्ण शैली में सेवादल के हर कार्यकर्ता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना, जिससे कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत गगनभेदी नारों के साथ किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, पूर्व राज्यमंत्री संगीता बेनीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, पीसीसी महासचिव भूराराम सीरवी, सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा सहित कांग्रेस और सेवादल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सेवादल जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने इस मौके पर कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में जनहितकारी योजनाओं को एक नई पहचान मिली थी, और आज भी कार्यकर्ताओं में उनके प्रति विशेष सम्मान और विश्वास बरकरार है। वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन हटेला ने गहलोत के पाली जिले में आगमन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए बेहद उत्साहवर्धक बताया। कार्यक्रम के अंत में, कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प भी लिया, जिसमें उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।
राजस्थान के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को पाली जिले के तखतगढ़ में कांग्रेस सेवादल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन हटेला और पाली जिला अध्यक्ष प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें गांधी टोपी और सूत की मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। स्वागत
कार्यक्रम के दौरान, अशोक गहलोत ने अपनी सादगीपूर्ण शैली में सेवादल के हर कार्यकर्ता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना, जिससे कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत गगनभेदी नारों के साथ किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, पूर्व राज्यमंत्री संगीता बेनीवाल, कांग्रेस
जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, पीसीसी महासचिव भूराराम सीरवी, सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा सहित कांग्रेस और सेवादल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सेवादल जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने इस मौके पर कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में जनहितकारी योजनाओं को एक नई पहचान मिली थी, और आज भी कार्यकर्ताओं में
उनके प्रति विशेष सम्मान और विश्वास बरकरार है। वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन हटेला ने गहलोत के पाली जिले में आगमन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए बेहद उत्साहवर्धक बताया। कार्यक्रम के अंत में, कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प भी लिया, जिसमें उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।
- राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।3
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।1
- जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।2
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज (22 जून) जालोर से जोधपुर जाते समय पाली जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उनके इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गहलोत दोपहर 1:15 बजे तखतगढ़ पहुँचेंगे, जहाँ नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जेसीबी मशीनों से उन पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन करेंगे। स्वागत कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। तखतगढ़ में करीब 15 मिनट के प्रवास के दौरान गहलोत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और आगामी पंचायत राज तथा नगर निकाय चुनावों के लिए दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद, वे साण्डेराव, गुंदोज, पाली और रोहट में भी आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि गहलोत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान तखतगढ़ क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली थीं। इनमें उप तहसील की स्थापना, बालिका महाविद्यालय, तालाब का चौड़ीकरण, नगर की सीसी सड़कों का निर्माण और जवाई बांध के सहायक सेई बांध की सुरंग चौड़ीकरण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, जवाई बांध के पुनर्भरण की महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 2700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद यह महत्वाकांक्षी योजना आगे नहीं बढ़ सकी और ठंडे बस्ते में चली गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस पाली दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का माहौल बना हुआ है।2