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कोंच ब्लॉक के ग्राम गोरा करनपुर में नहीं बना श्मशान घाट, बारिश में टीनशेड के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के गोरा करनपुर गांव में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वही शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बारिश के बीच गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर टीनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान दलदल और कीचड़ के बीच अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 साल पहले सांसद निधि से श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और स्थायी श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है।

1 hr ago
user_Vivek Dwivedi public news
Vivek Dwivedi public news
पत्रकार Konch, Jalaun•
1 hr ago

कोंच ब्लॉक के ग्राम गोरा करनपुर में नहीं बना श्मशान घाट, बारिश में टीनशेड के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के गोरा करनपुर गांव में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वही शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बारिश के बीच गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर टीनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान दलदल और कीचड़ के बीच अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 साल पहले सांसद निधि से श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और स्थायी श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है।

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  • कोंच ब्लॉक के ग्राम गोरा करनपुर में नहीं बना श्मशान घाट, बारिश में टीनशेड के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के गोरा करनपुर गांव में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वही शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बारिश के बीच गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर टीनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान दलदल और कीचड़ के बीच अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 साल पहले सांसद निधि से श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और स्थायी श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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    कोंच ब्लॉक के ग्राम गोरा करनपुर में नहीं बना श्मशान घाट, बारिश में टीनशेड के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण
जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के गोरा करनपुर गांव में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वही शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बारिश के बीच गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर टीनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान दलदल और कीचड़ के बीच अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 साल पहले सांसद निधि से श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा पड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और स्थायी श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    1 hr ago
  • जालौन.. ये जालौन नगर है गुरु यहां पर आवारा पशु आपको गौशाला में नहीं मिलेगे आवारा पशु मिलेंगे आपको पिज़्ज़ा प्वाइंट पर सब्जी मंडी पर पन्नी खाते हुये.. मेन रोड पर बैठे हुए..जिससे सभी लोग परेशान रहते है इस समय 50 से ज्यादा आवारा पशु है..नगर पालिका सब कुछ देखते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करती
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    जालौन..
ये जालौन नगर है गुरु यहां पर आवारा पशु आपको गौशाला में नहीं मिलेगे आवारा पशु मिलेंगे आपको पिज़्ज़ा प्वाइंट पर सब्जी मंडी पर पन्नी खाते हुये.. मेन रोड पर बैठे हुए..जिससे सभी लोग परेशान रहते है  इस समय 50 से ज्यादा आवारा पशु है..नगर पालिका सब कुछ देखते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करती
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • मथुरा-वृंदावन को मिलेगी भव्य पहचान, काशी-अयोध्या की तर्ज पर विकास की तैयारी मथुरा। मथुरा-वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई भव्यता देने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। काशी और अयोध्या की तर्ज पर मथुरा के परिसर को भी भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। इस पहल से श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मथुरा-वृंदावन को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षक बनाने पर जोर रहेगा।
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    मथुरा-वृंदावन को मिलेगी भव्य पहचान, काशी-अयोध्या की तर्ज पर विकास की तैयारी
मथुरा। मथुरा-वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई भव्यता देने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। काशी और अयोध्या की तर्ज पर मथुरा के परिसर को भी भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। इस पहल से श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मथुरा-वृंदावन को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षक बनाने पर जोर रहेगा।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कीचड़ में उतरे DC मनरेगा, खुल गई पोल- बिजदुवां में चकबंध अधूरा, कागज में 126 मजदूर!!.. 126 मजदूर ‘हाजिर’, फिर भी अधूरा चकबंध! बारिश में नंगे पैर पहुंचे डीसी मनरेगा, कीचड़ में हुई जांच; मौके पर काम अधूरा, अभिलेख भी नहीं मिले माधौगढ़ (जालौन)। बिजदुवां गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे चकबंध कार्य में दर्ज 126 मजदूरों की हाजिरी अब जांच के घेरे में आ गई है। शिकायत मिलने पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बारिश के बीच कीचड़ में उतरकर कार्यस्थल की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान चकबंध का काम अधूरा मिला, जबकि संबंधित अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार ने आईजीआरएस समेत लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि 25 अगस्त से चकबंध कार्य पर 126 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद मौके पर कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे। शिकायत के आधार पर डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बारिश के कारण कार्यस्थल पर इतना कीचड़ था कि जांच टीम को जूते उतारकर नंगे पैर खेत में उतरना पड़ा। मौके पर चकबंध अधूरा मिलने और अभिलेख उपलब्ध न होने से जांच और गंभीर हो गई। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों को अतिरिक्त भुगतान कर दोबारा काम पर लगाया गया, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि 126 मजदूरों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस आधार पर हुआ, वास्तव में कितने मजदूरों ने काम किया और अधूरा कार्य होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में हाजिरी कैसे दर्ज हुई। साथ ही प्रधान और पंचायत सचिव की निगरानी तथा अभिलेखों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। डीसी मनरेगा रामेन्द्र ने बताया कि मौके पर कार्य अधूरा मिला है। संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल बिजदुवां का यह चकबंध सिर्फ मिट्टी का काम नहीं रह गया है, बल्कि 126 मजदूरों की हाजिरी और सरकारी धन के इस्तेमाल का पूरा हिसाब मांग रहा है। जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि कागजों में दर्ज मजदूरों की हाजिरी और जमीन पर हुए काम के बीच कितना अंतर है।
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    कीचड़ में उतरे DC मनरेगा, खुल गई पोल- बिजदुवां में चकबंध अधूरा, कागज में 126 मजदूर!!..
126 मजदूर ‘हाजिर’, फिर भी अधूरा चकबंध!
बारिश में नंगे पैर पहुंचे डीसी मनरेगा, कीचड़ में हुई जांच; मौके पर काम अधूरा, अभिलेख भी नहीं मिले
माधौगढ़ (जालौन)। बिजदुवां गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे चकबंध कार्य में दर्ज 126 मजदूरों की हाजिरी अब जांच के घेरे में आ गई है। शिकायत मिलने पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बारिश के बीच कीचड़ में उतरकर कार्यस्थल की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान चकबंध का काम अधूरा मिला, जबकि संबंधित अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार ने आईजीआरएस समेत लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि 25 अगस्त से चकबंध कार्य पर 126 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद मौके पर कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे। शिकायत के आधार पर डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
बारिश के कारण कार्यस्थल पर इतना कीचड़ था कि जांच टीम को जूते उतारकर नंगे पैर खेत में उतरना पड़ा। मौके पर चकबंध अधूरा मिलने और अभिलेख उपलब्ध न होने से जांच और गंभीर हो गई। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों को अतिरिक्त भुगतान कर दोबारा काम पर लगाया गया, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि 126 मजदूरों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस आधार पर हुआ, वास्तव में कितने मजदूरों ने काम किया और अधूरा कार्य होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में हाजिरी कैसे दर्ज हुई। साथ ही प्रधान और पंचायत सचिव की निगरानी तथा अभिलेखों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
डीसी मनरेगा रामेन्द्र ने बताया कि मौके पर कार्य अधूरा मिला है। संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल बिजदुवां का यह चकबंध सिर्फ मिट्टी का काम नहीं रह गया है, बल्कि 126 मजदूरों की हाजिरी और सरकारी धन के इस्तेमाल का पूरा हिसाब मांग रहा है। जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि कागजों में दर्ज मजदूरों की हाजिरी और जमीन पर हुए काम के बीच कितना अंतर है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अजनारी बडेरा गौशाला 4 माह से बंद, किसानों में नाराजगी प्रधान पति ने CDO पर अनुमति न देने का आरोप *जालौन।* गांव की गौशाला करीब 4 माह से बंद होने से किसानों में नाराजगी है। आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आ रही है। ग्राम प्रधान के पति ने सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा और जिलाधिकारी को पत्र देकर गौशाला दोबारा शुरू कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि CDO ने गौशाला चलाने की अनुमति देने से इनकार किया है। ग्राम प्रधान के पति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर गौशाला खुलवाने की गुहार लगाई है। फिलहाल आरोपों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
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    अजनारी बडेरा गौशाला 4 माह से बंद, किसानों में नाराजगी प्रधान पति ने CDO पर अनुमति न देने का आरोप
*जालौन।* गांव की गौशाला करीब 4 माह से बंद होने से किसानों में नाराजगी है। आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आ रही है।
ग्राम प्रधान के पति ने सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा और जिलाधिकारी को पत्र देकर गौशाला दोबारा शुरू कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि CDO ने गौशाला चलाने की अनुमति देने से इनकार किया है।
ग्राम प्रधान के पति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर गौशाला खुलवाने की गुहार लगाई है।
फिलहाल आरोपों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित है एक ऐसा मंदिर जहां मांगा हुआ वरदान खाली नहीं जाता नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन द्वारिका धीष मंदिर से जुड़ी कुछ खास और रोचक तथ्य दिखाने जा रहे हैं
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    जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित है एक ऐसा मंदिर जहां मांगा हुआ वरदान खाली नहीं जाता 
नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन द्वारिका धीष मंदिर से जुड़ी कुछ खास और रोचक तथ्य दिखाने जा रहे हैं
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कोंच,नदीगांव रोड पर बारिश के बाद सड़क गड्ढों में तब्दील, जिओ ऑफिस के सामने पलटा ई-रिक्शा, चालक बाल-बाल बचा, वीडियो वायरल कोंच,बारिश के बाद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के नदीगांव रोड स्थित जिओ ऑफिस के सामने सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। गुरुवार दोपहर 12 बजे सड़क के गड्ढे में एक ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा चालक बाल-बाल बच गया। घटना के बाद सड़क की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया और छोटे वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होने से बचते हैं। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले विधायक ने भी जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क की स्थिति को लेकर शिकायत की थी और इसे गड्ढामुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराकर गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
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    कोंच,नदीगांव रोड पर बारिश के बाद सड़क गड्ढों में तब्दील, जिओ ऑफिस के सामने पलटा ई-रिक्शा, चालक बाल-बाल बचा, वीडियो वायरल
कोंच,बारिश के बाद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के नदीगांव रोड स्थित जिओ ऑफिस के सामने सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है।
गुरुवार दोपहर 12 बजे सड़क के गड्ढे में एक ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा चालक बाल-बाल बच गया। घटना के बाद सड़क की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया और छोटे वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होने से बचते हैं।
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले विधायक ने भी जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क की स्थिति को लेकर शिकायत की थी और इसे गड्ढामुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराकर गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    1 hr ago
  • जयसिंह जयराखेड़ा आता थाना जालौन यूपी 92 तहसील कालपी का है कल रात १ बजे अधिक वारिश होने के कारण घर गिर गया है जिसमें किसी को कोई हताहत नहीं हुआ है ग्राम पंचायत जोरखेड़ा जालौन यूपी का मामला है कृपया सरकारी कर्मचारियों से विनम्र निवेदन है कि आप यहां आकर कोई राहत दे आपकी बहुत कृपा होगी
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    जयसिंह जयराखेड़ा आता थाना जालौन यूपी 92 तहसील कालपी का है 
कल रात १ बजे अधिक वारिश होने के कारण घर गिर गया है जिसमें किसी को कोई हताहत नहीं हुआ है ग्राम पंचायत जोरखेड़ा जालौन यूपी का मामला है कृपया सरकारी कर्मचारियों से विनम्र निवेदन है कि आप यहां आकर कोई राहत दे आपकी बहुत कृपा होगी
    user_Rajakaran jaurakhera53@gm
    Rajakaran jaurakhera53@gm
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
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