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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएन महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएन महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन।
Surash Sahu
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएन महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएन महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन।
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- तिंदवारी में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का कहर, फसलें बर्बाद,थाना भवन का छज्जा भी गिरा।1
- । आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे तेज आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि के चलते थाना तिंदवारी के प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया। घटना के समय थाने में जनसुनवाई चल रही थी, जिसमें मौजूद पुलिसकर्मियों और एक बुजुर्ग दंपत्ति को मामूली चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत सामान्य है और कोई गंभीर चोट नहीं है। प्रशासन द्वारा थाना परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए गए हैं। इस पूरे मामले में अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी घायलों को उचित उपचार प्रदान कर दिया गया है।1
- बांदा। 05 अप्रैल 2026 की संध्या, जब आकाश ने अचानक अपना रौद्र रूप धारण किया और तेज आंधी, मूसलाधार वर्षा तथा ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, उसी क्षण थाना तिंदवारी का प्रशासनिक भवन भी प्रकृति के इस प्रहार से अछूता न रह सका। लगभग 6 बजे भवन का छज्जा आंशिक रूप से भरभराकर गिर पड़ा—मानो वह वर्षों से किसी अदृश्य उपेक्षा का भार सहते-सहते अंततः टूट गया हो। घटना के समय थाने में जनसुनवाई चल रही थी—वह स्थान, जहां आमजन अपनी पीड़ा लेकर न्याय की आशा में आते हैं। विडंबना देखिए कि उसी क्षण कुछ पुलिसकर्मी और एक बुजुर्ग दंपत्ति स्वयं इस आकस्मिक दुर्घटना का शिकार बन गए। यद्यपि संतोष का विषय यह रहा कि सभी को केवल मामूली चोटें आईं, और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को सामान्य बताया है। किन्तु यह घटना केवल एक आकस्मिक प्राकृतिक आपदा भर नहीं कही जा सकती। यह उस बुनियादी ढांचे की भी परीक्षा है, जिस पर आमजन की सुरक्षा और विश्वास टिका होता है। प्रश्न यह उठता है कि क्या भवन की संरचनात्मक स्थिति पहले से ही जर्जर थी? यदि हाँ, तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? हालांकि प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है, परंतु यह घटना एक चेतावनी भी है—कि सार्वजनिक स्थलों की नियमित जांच और रखरखाव केवल औपचारिकता न रहकर प्राथमिकता बननी चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज ने घटना को नियंत्रण में बताते हुए घायलों के समुचित उपचार की पुष्टि की है। परंतु इस आश्वासन के साथ-साथ यह अपेक्षा भी स्वाभाविक है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, और व्यवस्था केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूर्व-प्रबंधन की दिशा में भी सशक्त कदम उठाए।1
- तिंदवारी थाने में हादसा: आंधी-ओलावृष्टि से छज्जा गिरा, पुलिसकर्मी और बुजुर्ग दंपत्ति घायल बांदा के तिंदवारी थाना परिसर में रविवार शाम तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी और जनसुनवाई के लिए आए एक बुजुर्ग दंपत्ति घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य बताई है। फिलहाल छज्जे की मरम्मत और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने जानकारी दी है। #BandaNews #Tindwari #WeatherAlert #Storm #Rain #Hailstorm #BreakingNews #UPNews #Police #Accident #GroundReport1
- Post by Raj dwivedi1
- #Apkiawajdigital बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बांदा के किसानों की कमर टूटी, 90% तक फसल बर्बाद; मुआवजे की उठी मांग बांदा/बबेरू | 5 अप्रैल, 2026 बुंदेलखंड की धरती पर कुदरत के कहर ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों की पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए आज बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने एक अनोखा और हृदयविदारक प्रदर्शन किया। जनपद बांदा के खेतों में पहुँचकर नोमानी ने गीले गेहूं के भारी गट्ठे को अपने सिर पर रखा और सरकार को सोते से जगाने का आह्वान किया। खेतों में बिछ गई 'सोने' जैसी फसल, किसान बेहाल मीडिया बन्धुओं को किसानों के बीच से वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित करते होते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बांदा और बबेरू क्षेत्र में प्रकृति के तांडव ने गेहूं, चना और लाही की तैयार खड़ी फसल को मटियामेट कर दिया है। आंधी और ओलों ने न केवल अनाज छीना है, बल्कि आम के बौर, अमरूद के फूल और सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। खेतों में फसल गिरने से 80 से 90 प्रतिशत तक उत्पादन घटने का अनुमान है, जिससे किसान भुखमरी की कगार पर पहुँच गया है। प्रमुख मांगें: कर्ज माफी और तत्काल मुआवजा बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने जनहित में उत्तर प्रदेश सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: कर्ज माफी: प्रभावित किसानों का कृषि ऋण ब्याज सहित तत्काल माफ किया जाए। निष्पक्ष सर्वे: संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश देकर क्षति का जमीनी सर्वे कराया जाए। उचित मुआवजा: बर्बाद हुई फसल का उचित और सम्मानजनक मुआवजा जल्द से जल्द किसानों के खातों में भेजा जाए। "किसान का सिर आज बोझ से नहीं, बल्कि बर्बादी के दर्द से झुका हुआ है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा घोषित नहीं किया, तो बुंदेलखंड इंसाफ सेना अशोक लाट पर अनिश्चितकालीन धरने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।" — ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष किसानों का एकजुट समर्थन प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से छोटा वर्मा, पंकज तिवारी, अनूप सिंह, सुनीता समेत दर्जनों किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई और सरकार से मदद की गुहार लगाई। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत अब मिट्टी में मिल चुकी है, और अब केवल सरकारी मदद ही उन्हें इस संकट से उबार सकती है।1
- बांदा: क्योंटरा क्षेत्र में रेलवे द्वारा दोहरी पटरी बिछाने के कार्य के चलते रेलवे अंडरब्रिज का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस अचानक बंदी से स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि लोग जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते नजर आ रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खास बात यह है कि पास में स्कूल भी संचालित हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन ने अंडरब्रिज बंद तो कर दिया, लेकिन वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित आवागमन की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। इससे रोजाना आने-जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और राहगीरों ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द कोई अस्थायी रास्ता, बैरिकेडिंग या सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।3
- आज शाम 06 बजे आंधी तूफान तेज बारिश और ओला वृष्टि के चलते थाना तिंदवारी के प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया था जिसकी वजह से जनसुनवाई कर रहे पुलिसकर्मियों तथा थाने पर आए बुजुर्ग दंपत्ति को मामूली चोटे आई हैं उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया डॉक्टरों द्वारा इलाज कर दिया गया। उनकी चोटें सामान बताई गई है जिनकी स्थिति ठीक है। थाना परिसर के छज्जा की सुरक्षा व मरम्मत की कार्यवाही कराई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज।1