देवों की नगरी आमेर में विराट हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन जयपुर। देवों की नगरी आमेर एक बार फिर धर्म, संस्कृति और संगठन की शक्ति का साक्षी बनी, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मीणा का मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से दिव्य और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर पवित्र कलश धारण कर जब निकलीं, तो पूरा वातावरण श्रद्धा, शक्ति और संस्कृति के रंग में रंग गया। यह दृश्य केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी सम्मान, नेतृत्व और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायक प्रतीक बन गया। कलश यात्रा मीणा का मोहल्ला से रवाना होकर खेडी गेट सागर रोड तक पहुँची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बैंड-बाजों की मधुर धुन, जयघोष और भक्ति संगीत से संपूर्ण वातावरण राममय हो उठा। यात्रा के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सैकड़ों कंठों से निकली चौपाइयों की गूंज ने आमेर की वादियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और संगठन की शक्ति का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि आमेर का समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों के प्रति पूर्णतः सजग और समर्पित है। यह विराट सम्मेलन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गया।
देवों की नगरी आमेर में विराट हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन जयपुर। देवों की नगरी आमेर एक बार फिर धर्म, संस्कृति और संगठन की शक्ति का साक्षी बनी, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मीणा का मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से दिव्य और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर पवित्र कलश धारण कर जब निकलीं,
तो पूरा वातावरण श्रद्धा, शक्ति और संस्कृति के रंग में रंग गया। यह दृश्य केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी सम्मान, नेतृत्व और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायक प्रतीक बन गया। कलश यात्रा मीणा का मोहल्ला से रवाना होकर खेडी गेट सागर रोड तक पहुँची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बैंड-बाजों की मधुर धुन, जयघोष और भक्ति संगीत से संपूर्ण वातावरण राममय हो उठा। यात्रा के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सैकड़ों कंठों से
निकली चौपाइयों की गूंज ने आमेर की वादियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और संगठन की शक्ति का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि आमेर का समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों के प्रति पूर्णतः सजग और समर्पित है। यह विराट सम्मेलन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गया।
- झालावाड़ जिले के बरडिया बिरजी गाँव में विराट हिंदू सम्मेलन एवं शोभायात्रा का भव्य आयोजन विराट हिंदू सम्मेलन मण्डल तलावली के ग्राम बरडिया बीरजी में भव्य कलश यात्रा के साथ भव्य शोभायात्रा एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मातृशक्ति, सभी भक्तजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हिन्दू सम्मेलन में जिला प्रचारक ने बौद्धिक उद्बोधन देते हुए संघ शताब्दी वर्ष और सामाजिक समरसता, धर्मांतरण, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं पंच परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को प्लास्टिक मुक्त गाँव, हर घर तुलसी का पौधा लगाने, तथा अपने क्षेत्र में भक्ति भाव जागृत रखने का संकल्प दिलाया। साथ ही मातृशक्ति डाॅ रेखा वर्मा अपने धार्मिक स्थलों एवं समाज में नारी की रक्षा हेतु विशेष बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर समस्त भक्तगण एवं मातृशक्ति ने सामूहिक रूप से इन संकल्पों को स्वीकार किया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन भारत माता की आरती एवं प्रसादी वितरण के साथ किया गया।3
- अलवर बानसूर के गांव बिलाली के दुल्हा धीरेंद्र सिंह शेखावत (एयरफोर्स) S/O जालिम सिंह जी ने शादी के अवसर पर एक मिसाल कायम की। लड़की पक्ष द्वारा चौकी पर दिए गए 31 लाख रुपये लेने से साफ इनकार कर दिए और मात्र 1 रुपये में रस्म पूरी कर, पूरा धन सम्मानपूर्वक वापस लौटा दिया। यह कदम सिर्फ एक परिवार का निर्णय नहीं, बल्कि समाज में फैल रही दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त संदेश है। ऐसे युवा ही समाज की असली ताकत हैं, जो परंपराओं के नाम पर चल रही कुरीतियों को ठुकराकर सम्मान और संस्कार को प्राथमिकता देते हैं। धीरेंद्र सिंह शेखावत जी ने असली शान संस्कारों में होती है, दहेज से नहीं।1
- बांदीकुई।।अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका का एक्शन, वार्ड नंबर 16 में झालानी काॅम्प्लेक्स के बाहर हटाया अवैध अतिक्रमण सड़क सीमा में आ रहे चबुतरे को किया ध्वस्त पालिका की इस कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध, विरोध के चलते पालिका दस्ते को आधी कार्यवाही पर ही लौटना पड़ा बैरंग लोगों ने बताया बिना नोटिस की कार्रवाई1
- टीम राही गौ सेवा संस्थान बांदीकुई टीम बजरंग दल बांदीकुई पहली सूचना= बांदीकुई गुडा कटला गांव गाडडी मैं एक नंदी महाराज जिसे सर और पैर बांध रखा था रास्से हमारी टीम को किसी भाई के माध्यम से सूचना मिली तुरंत मौके पर टीम पहुंची और नंदी महाराज ने पहले तो 10 किलोमीटर दूर तक दौड़ी उसके बाद रेक्स यूं किया गया और प्राथमिक उपचारकिया गया3
- यह आधार केंद्र है यहां चार दिन होगी मुझे डॉल्स बनी है मेरे आधार कार्ड को रिकॉर्ड कर नहीं दिए आधार कार्ड खो गया है उसके नंबर निकलवाने हैं कभी बोल रहे हैं उधर का कभी बोल रहे हैं उधर जा1
- Post by RAJ.JANTA .971
- कल मेरे गांव मे भाई राहुल मीणा ने सुसाइड कर लिया। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे और पूरे परिवार को इस दुःख को सहन करने की हिम्मत दे। मैं सोशल मिडिया के माध्... और देखें😭😭😭1
- देवों की नगरी आमेर में विराट हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन जयपुर। देवों की नगरी आमेर एक बार फिर धर्म, संस्कृति और संगठन की शक्ति का साक्षी बनी, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मीणा का मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से दिव्य और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर पवित्र कलश धारण कर जब निकलीं, तो पूरा वातावरण श्रद्धा, शक्ति और संस्कृति के रंग में रंग गया। यह दृश्य केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी सम्मान, नेतृत्व और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायक प्रतीक बन गया। कलश यात्रा मीणा का मोहल्ला से रवाना होकर खेडी गेट सागर रोड तक पहुँची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बैंड-बाजों की मधुर धुन, जयघोष और भक्ति संगीत से संपूर्ण वातावरण राममय हो उठा। यात्रा के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सैकड़ों कंठों से निकली चौपाइयों की गूंज ने आमेर की वादियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और संगठन की शक्ति का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि आमेर का समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों के प्रति पूर्णतः सजग और समर्पित है। यह विराट सम्मेलन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गया।3