सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर का 'बाप' वाला अहंकार, पत्रकारों के सवालों पर तरेरी आंखें! माफी मांगने से साफ इनकार: प्रभात खबर की टीम के सामने डॉ. आजाद की गुंडागर्दी? आज हम आपको सुशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी हैरान करने वाली तस्वीर दिखाएंगे, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। मामला सहरसा सदर अस्पताल का है, जहाँ 'धरती के भगवान' कहे जाने वाले डॉक्टर का एक ऐसा अहंकारी रूप सामने आया है, जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल, प्रभात खबर, रांची की एक सीनियर टीम सहरसा सदर अस्पताल पहुँची थी। मामला था मिड-डे मील खाने से बीमार हुए करीब 25 बच्चों का, जिनकी जानकारी लेने गए पत्रकार अभिषेक के साथ अस्पताल में बर्बरता की गई। लेकिन जब सीनियर पत्रकारों ने डॉ. एस.के. आजाद से इस मारपीट पर सवाल किया और उन्हें अपनी गलती के लिए माफी मांगने का मौका दिया, तो डॉक्टर साहब का अहंकार सातवें आसमान पर था। कैमरे पर उनका एटीट्यूड देखिए। वो साफ कहते हैं, "I said no, that means no"। पत्रकारों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में 25 लोगों की भीड़ ने पत्रकार का गला दबाया और शीशे पर धक्का देकर जानलेवा हमला किया। हद तो तब हो गई जब जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय डॉक्टर ने उल्टे पत्रकारों से कह दिया- "हम तुम्हारे बाप हैं"। NEET की परीक्षा पास करके डॉक्टर बनने वाले ये अधिकारी अब पत्रकारों को 'जवाबदेही का सलीका' सिखा रहे हैं। लेकिन जब उनसे 2018 के एक पुराने कांड और इस हालिया गुंडागर्दी पर सवाल पूछा गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिहार के अस्पताल अब दबंगों और गुंडों का अड्डा बन गए हैं? क्या सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में ऐसे डॉक्टरों को सवालों से बचने का लाइसेंस मिल गया है?
सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर का 'बाप' वाला अहंकार, पत्रकारों के सवालों पर तरेरी आंखें! माफी मांगने से साफ इनकार: प्रभात खबर की टीम के सामने डॉ. आजाद की गुंडागर्दी? आज हम आपको सुशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी हैरान करने वाली तस्वीर दिखाएंगे, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। मामला सहरसा सदर अस्पताल का है, जहाँ 'धरती के भगवान' कहे जाने वाले डॉक्टर का एक ऐसा अहंकारी रूप सामने आया है, जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल, प्रभात खबर, रांची की एक सीनियर टीम सहरसा सदर अस्पताल पहुँची थी। मामला था मिड-डे मील खाने से बीमार हुए करीब 25 बच्चों का, जिनकी जानकारी लेने गए पत्रकार अभिषेक के साथ अस्पताल में बर्बरता की गई। लेकिन जब सीनियर पत्रकारों ने डॉ. एस.के. आजाद से इस मारपीट पर सवाल किया और उन्हें अपनी गलती के लिए माफी मांगने का मौका दिया, तो डॉक्टर साहब का अहंकार सातवें आसमान पर था। कैमरे पर उनका एटीट्यूड देखिए। वो साफ कहते हैं, "I said no, that means no"। पत्रकारों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में 25 लोगों की भीड़ ने पत्रकार का गला दबाया और शीशे पर धक्का देकर जानलेवा हमला किया। हद तो तब हो गई जब जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय डॉक्टर ने उल्टे पत्रकारों से कह दिया- "हम तुम्हारे बाप हैं"। NEET की परीक्षा पास करके डॉक्टर बनने वाले ये अधिकारी अब पत्रकारों को 'जवाबदेही का सलीका' सिखा रहे हैं। लेकिन जब उनसे 2018 के एक पुराने कांड और इस हालिया गुंडागर्दी पर सवाल पूछा गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिहार के अस्पताल अब दबंगों और गुंडों का अड्डा बन गए हैं? क्या सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में ऐसे डॉक्टरों को सवालों से बचने का लाइसेंस मिल गया है?
- शनिवार के लोक अदालत में यूको बैंक के कर्मचारियों ने क्या कुछ कहा देखिए पूरा वीडियो बिहार के दरभंगा जिला में न्यायालय में जो लोक आधार लगी थी जिसमें कई मामलों का निपटारा भी किया गया कई मामले लंबित भी रहें देख यूको बैंक के कर्मचारियों ने क्या कुछ कहें पूरा वीडियो जरूर देखें2
- रौशन यादव के इंसाफ को मधुबनी में प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज करेगी SSP कार्यालय का घेराव बोले जिला अध्यक्ष अनील कुमार मिश्र1
- तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा तेल मिल स्थापना हेतु आवेदन का मौका मधुबनी को मिला एक इकाई का लक्ष्य -जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर मधुबनी राज्य में तिलहन प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा *राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन* के तहत तेल मिल की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। *योजना का उद्देश्य तिलहन का मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय में वृद्धि करना है।* योजना के तहत *10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई* की स्थापना पर परियोजना लागत का *33 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹9.90 लाख, जो भी कम हो* , अनुदान दिया जाएगा। भूमि खरीद तथा भवन/शेड निर्माण की लागत को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। *जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी सुदामा ठाकुर* ने बताया कि जिले को केवल *एक तेल मिल स्थापना का लक्ष्य प्राप्त* हुआ है। उन्होंने इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की, ताकि पात्र लाभुक को योजना का लाभ मिल सके। सरकारी अथवा निजी उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ/वीसीपी), तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप एवं सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए *डीपीआर, आधार कार्ड, बैंक विवरण, बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र एवं संस्था का पंजीकरण प्रमाण-पत्र* आवश्यक होगा। इच्छुक आवेदक कृषि विभाग के *आधिकारिक पोर्टल अथवा बिहार कृषि ऐप* के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।1
- पंचायत चुनाव समय पर कराए सरकार, परिसीमन को वजह न बनाए : तोहिद आलम त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संघर्ष समिति, बिहार के सदस्य तोहिद आलम ने सरकार से मांग की है कि बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ससमय कराया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में देरी के लिए परिसीमन को वजह नहीं बनाया जाना चाहिए। तोहिद आलम ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि पहले पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समय पर पूरी कराई जाए, ताकि पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे। #पंचायतचुनाव2026 #त्रिस्तरीयपंचायतचुनाव #पंचायतचुनाव #पंचायतपरिसीमन #चुनावसमयपर #तोहिदआलम #पंचायतचुनावसंघर्षसमिति #बिहार #बिहारन्यूज #मधुबनी #MadhubaniNews #BiharNews #PrabhatTimes #BreakingNews #LatestNews #पंचायतचुनाव20261
- 🚨 साइबर थाना दरभंगा से बहेरा थाना तक गंभीर सवाल! आरोप है कि संतोष कुमार मंडल जब साइबर थाना, दरभंगा में कार्यरत थे, तब उनके रीडर के माध्यम से ₹25,000 की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मेरे पास है। मैं स्वयं इस मामले का पीड़ित हूं और इस संबंध में न्यायालय में मामला भी चल रहा है। अब बहेरा थाना में भी इसी तरह पैसे की मांग किए जाने की शिकायत सामने आई है। 80 वर्षीय बुजुर्ग के मामले से जुड़ी शिकायत और रिकॉर्डिंग भी जल्द आपके सामने रखूंगा। 🎙️ आपसे अनुरोध है कि ऑडियो को पूरा सुनें, खुद तथ्य समझें और यदि आपको लगता है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, तो आवाज़ उठाएं। मेरा उद्देश्य किसी को दोषी घोषित करना नहीं, बल्कि रिकॉर्डिंग, शिकायत और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग करना है। सच्चाई सामने आनी चाहिए। ⚖️ — किशोर महेंद्र पासवान1
- अहमदाबाद गुजरात:- अचानक आई बारिश से जनजीवन संकट। लोगों की घर मकान दुकान में पानी घुसने से स्थानीय निवासी परेशान, दैनिक कार्य, रोजगारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।1
- लोगों के पास भोजन सामग्री की कितनी कमी है आप इस वीडियो से ही समझ सकते हैं। कैसे लोग बाढ़ से त्रस्त दैनिक उपयोग की वस्तु नहीं जुटा पा रहे है राहत बचाव कार्य भी जारी लेकिन इसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा1
- जन सुराज का रौशन यादव को न्याय दिलाने को लेकर मधुबनी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रेस वार्ता सुने क्या कुछ बोले अनूप मैथिल जन सुराज संघर्ष वाहिनी के अध्यक्ष1
- समस्तीपुर में भाजपा से नाराज मंडल, बूथ व पंचायत अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा, उत्तरी जिलाध्यक्ष पर संगठन में मनमानी और उपेक्षा समेत लगाए गंभीर आरोप समस्तीपुर में भाजपा से नाराज मंडल, बूथ व पंचायत अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा, उत्तरी जिलाध्यक्ष पर संगठन में मनमानी और उपेक्षा समेत लगाए गंभीर आरोप1