छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने दिव्यांगजनों की दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में बदल दिया है। अब इन हितग्राहियों के जीवन की रफ्तार उनके अपने हाथों में आ गई है, जिससे वे बिना किसी के सहारे के अपने रोजमर्रा के और व्यावसायिक काम आसानी से कर पा रहे हैं। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर की रहने वाली श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनके लिए दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद अब वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू ने इस सहायता के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ट्राईसाइकिल उनके लिए एक नई जिंदगी की तरह है, जिससे वे अपनी दुकान का काम पहले से अधिक आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगी। इसी तरह, कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत, जो जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं, उनके लिए भी दुकान का सामान लाना एक बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला पाएंगे। विष्णु सिंह राजपूत का कहना है कि अब उन्हें अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। समाज कल्याण विभाग की यह पहल इन दिव्यांग हितग्राहियों को न केवल आवाजाही की बेहतर सुविधा दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी प्रदान कर रही है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने दिव्यांगजनों की दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में बदल दिया है। अब इन हितग्राहियों के जीवन की रफ्तार उनके अपने हाथों में आ गई है, जिससे वे बिना किसी के सहारे के अपने रोजमर्रा के और व्यावसायिक काम आसानी से कर पा रहे हैं। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर की रहने वाली श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनके लिए दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद अब वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू ने इस सहायता के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते
हुए कहा कि यह ट्राईसाइकिल उनके लिए एक नई जिंदगी की तरह है, जिससे वे अपनी दुकान का काम पहले से अधिक आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगी। इसी तरह, कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत, जो जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं, उनके लिए भी दुकान का सामान लाना एक बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला पाएंगे। विष्णु सिंह राजपूत का कहना है कि अब उन्हें अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। समाज कल्याण विभाग की यह पहल इन दिव्यांग हितग्राहियों को न केवल आवाजाही की बेहतर सुविधा दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी प्रदान कर रही है।
- बिलासपुर जिले में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं और उद्योगों के सहयोग से एक जनआंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस महाअभियान के तहत आगामी 18 जुलाई को जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिसमें स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक सहभागी होंगे। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में लगभग 14.50 लाख पौधे उपलब्ध हैं, जिनमें वन विभाग के पास 12.25 लाख और उद्यान विभाग की नर्सरियों में 2.25 लाख पौधे तैयार हैं। इनमें से उद्यान विभाग द्वारा सरकंडा, वेदपरसदा (मस्तूरी), बहतराई (तखतपुर) और करगीकला (कोटा) स्थित नर्सरियों से आम नागरिकों को करीब 75 हजार पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इस वर्ष मुख्य रूप से फलदार और छायादार बड़े आकार के पौधे लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर ने ब्लॉक प्लांटेशन की अवधारणा पर बल देते हुए निर्देश दिए कि पौधरोपण के बाद पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी 'बिहान' की महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए ताकि फल उत्पादन से उन्हें अतिरिक्त आय मिल सके। इसके साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक 'मॉडल गांव' विकसित किया जाएगा, जिन्हें आम, अमरूद या मुनगा जैसी किसी एक विशेष फलदार प्रजाति के आधार पर विकसित किया जाएगा। बैठक में उद्योगों से भी सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया, जिस पर उन्होंने सहयोग का भरोसा दिया। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज सहित विभिन्न शासकीय विभागों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार में स्टेशन के पास एक युवक पर कटर से जानलेवा हमला किया गया है। इस वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया है।1
- बिलासपुर के समता विहार, टिकरापारा निवासी मीसाबंदी सुरेंद्र मोहन ढोड़ी का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, परिचितों और पूरे क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को सुरेंद्र मोहन ढोड़ी की अंतिम यात्रा निकाली गई और मधुबन मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। इस अंतिम संस्कार में उनके परिजन, रिश्तेदार, परिचित और बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी मौजूद रहे।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हो रही अत्यंत जबरदस्त बारिश के कारण एक एंबुलेंस को मजबूरन रास्ते में ही रोकना पड़ा है। इलाके में बारिश का प्रकोप इतना तेज है कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी और उसे सफर के बीच में ही रोकने के लिए विवश होना पड़ा।1
- रायगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के अंतर्गत अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लैलूंगा और छाल थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने कुल 6.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़, एक 14 चक्का ट्रक और एक माजदा वाहन बरामद किया है। इस पूरी कार्रवाई में जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 28.48 लाख रुपये आंका गया है। लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव की टीम ने खम्हार मोड़ के पास ट्रक क्रमांक सीजी-14 एमएफ-0223 को रोका, जिसमें 4.5 टन संदिग्ध लोहे का स्क्रैप लदा था। चालक महेन्द्र लहरे (36) वैध दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहा, जिसके बाद पुलिस ने 1.08 लाख रुपये के कबाड़ और 15 लाख रुपये के ट्रक को जब्त कर लिया। इसी प्रकार, छाल थाना पुलिस ने ग्राम बोजिया के पास माजदा वाहन क्रमांक सीजी-12 एज़ेड-3191 को पकड़ा। चालक भूपेन्द्र यादव (36) के पास से 2 टन लोहे की छड़, एंगल और अन्य हिस्से बरामद हुए। पुलिस ने 40 हजार रुपये के कबाड़ और 12 लाख रुपये के वाहन को जब्त कर कुल 12.40 लाख रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली है। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ कारोबार और इससे जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस अभियान पर जोर देते हुए कहा कि अवैध कबाड़ का काम चोरी और संगठित अपराधों से जुड़ा एक गंभीर विषय है, और बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ ढोने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- जशपुर जिले के बागबहार से टुकुटोला मार्ग पर बारिश के कारण स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। सड़क पर बिछाई गई गिट्टी और एक तरफ जमा मिट्टी ने पूरे रास्ते को खतरनाक बना दिया है, जिससे वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सड़क की इसी खस्ताहाल स्थिति के चलते एक ट्रक पलट गई, जिसे सड़क से हटाने के लिए 3 क्रेन गाड़ियों की मदद लेनी पड़ी। आम लोगों और वाहन चालकों को इस मार्ग पर आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।2
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने दिव्यांगजनों की दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में बदल दिया है। अब इन हितग्राहियों के जीवन की रफ्तार उनके अपने हाथों में आ गई है, जिससे वे बिना किसी के सहारे के अपने रोजमर्रा के और व्यावसायिक काम आसानी से कर पा रहे हैं। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर की रहने वाली श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनके लिए दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद अब वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू ने इस सहायता के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ट्राईसाइकिल उनके लिए एक नई जिंदगी की तरह है, जिससे वे अपनी दुकान का काम पहले से अधिक आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगी। इसी तरह, कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत, जो जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं, उनके लिए भी दुकान का सामान लाना एक बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला पाएंगे। विष्णु सिंह राजपूत का कहना है कि अब उन्हें अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। समाज कल्याण विभाग की यह पहल इन दिव्यांग हितग्राहियों को न केवल आवाजाही की बेहतर सुविधा दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी प्रदान कर रही है।2
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा में स्कूल से लौट रहे छात्रों पर हमला हुआ है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1