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मृतक का आज आने वाला था तिलक और 27 तारीख को होनी थी शादी, भाई ने इस मामले पर क्या कहा सुनिए पूरी बात... नालन्दा में हर्स फायरिंग में गोली लगने से युवक की मौत, मृतक का आज आने वाला था तिलक और 27 तारीख को होनी थी शादी, भाई ने इस मामले पर क्या कहा सुनिए पूरी बात...
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मृतक का आज आने वाला था तिलक और 27 तारीख को होनी थी शादी, भाई ने इस मामले पर क्या कहा सुनिए पूरी बात... नालन्दा में हर्स फायरिंग में गोली लगने से युवक की मौत, मृतक का आज आने वाला था तिलक और 27 तारीख को होनी थी शादी, भाई ने इस मामले पर क्या कहा सुनिए पूरी बात...
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- नालंदा जिले में"ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026" का भव्य एवं गरिमामय आयोजन... एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स के सौजन्य से बिहार शरीफ स्थित टाउन हॉल में "ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026" का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नालंदा जिले के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स की चेयरमैन सह चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की निदेशक एवं पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति, डॉ. अशोक गगन तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह आयोजन उन शिक्षकों के सम्मान में समर्पित था, जो शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नालंदा की ऐतिहासिक एवं राजनीतिक महत्ता पर जोर अपने संबोधन में डॉ. दिव्या ज्योति ने नालंदा की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती केवल ज्ञान की भूमि ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चेतना का भी केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा से उठी आवाज हमेशा पूरे बिहार की दिशा तय करती रही है और अब समय है कि शिक्षक समाज की आवाज भी इसी धरती से और मजबूत होकर उभरे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के दौर में शिक्षा और राजनीति का संबंध बेहद महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि नीति निर्माण के बिना शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर जोर अपने संबोधन में डॉ. दिव्या ज्योति ने विशेष रूप से वित्त रहित (वित रहित) शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद इन शिक्षकों को न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही सेवा सुरक्षा की गारंटी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वित्त रहित शिक्षकों के सम्मान, नियमितीकरण और आर्थिक सुरक्षा के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगी और इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ सदन में उठाएँगी। राजनीतिक घोषणा एवं शिक्षक एकता का आह्वान डॉ. दिव्या ज्योति ने अपने संबोधन में कहा- "शिक्षक समाज अब केवल दर्शक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।" उन्होंने औपचारिक रूप से घोषणा की कि वे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव लड़ेंगी और यह चुनाव शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वे शिक्षकों के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं और आगे भी सड़क से लेकर सदन तक उनकी आवाज बुलंद करती रहेंगी। शिक्षकों के मुद्दों पर स्पष्ट एजेंडा डॉ. ज्योति ने कहा कि यदि उन्हें जनसमर्थन मिला तो वे- * समान कार्य के लिए समान वेतन * शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पारदर्शी प्रोन्नति एवं स्थानांतरण नीति * निजी एवं सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता के साथ सदन में उठाएँगी। महत्वपूर्ण घोषणाएँ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स एवं सहयोगी संस्थानों में शिक्षकों के बच्चों के लिए 30% फीस छूट की घोषणा की, जिसका उपस्थित लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक गगन ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि नालंदा जैसी ऐतिहासिक भूमि से शिक्षा सुधार का संकल्प लेना पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है। सम्मान समारोह कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों एवं प्राचार्यों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान निम्नलिखित श्रेणियों में प्रदान किए गए- एकेडमिक एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड (प्राचार्य - पुरुष) * एडुकेटर एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड (प्राचार्य - महिला) नेशन बिल्डर अवार्ड (शिक्षक - पुरुष) * विद्या ज्योति अवार्ड (शिक्षक - महिला) मंच संचालन एवं समन्वय कार्यक्रम का सफल संचालन हेमंत कुमार द्वारा किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार हेमंत कुमार ने मंच समन्वयक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट मंच संचालन एवं सटीक समन्वय के कारण पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं अत्यंत गरिमामय तरीके से संपन्न हुआ। उनकी कुशल व्यवस्था और समय प्रबंधन ने कार्यक्रम की सफलता में अहम योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ० अर्जुन सिन्हा, अजिता पांडेय, डॉ. गुड़िया झा, तूलिका शांडिल्य, चंदन सिंह, रिचु सिंह, अमरेंद्र पासवान, प्रभात शर्मा, मुकेश सिंहा, पंकज कुमार, ई० आशीष सिन्हा, ई० धीरज कुमार, दिलीप शर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी अतिथियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।1
- Narendra Modi के बंगाल दौरे का एक खास वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है 🚨 👉 जनता के बीच बैठकर लिया झालमुड़ी का स्वाद 😋 👉 हल्के-फुल्के अंदाज में कहा— “प्याज खाते हैं… दिमाग नहीं” 😂 👉 लोगों के साथ बिताए कुछ खास पल 📍 West Bengal में PM का यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है 🔥 ⚠️ क्या ऐसे moments नेताओं को जनता के करीब लाते हैं? 💬 आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताएं 👇1
- जय श्री राम ♥️ 🙏 जय हनुमान जी 🌺🙏1
- Post by Samachar City1
- राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी यादव का महिला आरक्षण पर बयान:- कट्टर महिला विरोधी, पाखंडी, ढोंगी और झूठे भाजपाई आँख खोल इस सच्चाई को स्वीकार करें तथा अपने तुलनात्मक आँकड़े जारी करे। 👉 लोकसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟒 में 𝐑𝐉𝐃 ने बिहार में सबसे अधिक 𝟐𝟗% महिलाओं को टिकट दिया, 𝐑𝐉𝐃 के 𝟐𝟓% लोकसभा सांसद महिला है। 👉 बिहार विधानसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟓 में भी 𝐑𝐉𝐃 ने ही सबसे अधिक 𝟏𝟕% महिलाओं को टिकट दिया था। 👉 बिहार विधानपरिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 𝟐𝟏.𝟒% 𝐑𝐉𝐃 का है। 👉 अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही है। विगत 𝟑𝟎 वर्षों में बिहार से भारत सरकार में अंतिम महिला केंद्रीय मंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही रही है। 👉 महिला विरोधी 𝐁𝐉𝐏-𝐉𝐃𝐔-𝐍𝐃𝐀 ने तो आज तक 𝟕𝟓 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री/मुख्यमंत्री नहीं बनाया है और ये नकली पाखंडी लोग महिला उत्थान की बात करते है?1
- राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी यादव का महिला आरक्षण पर बयान:- कट्टर महिला विरोधी, पाखंडी, ढोंगी और झूठे भाजपाई आँख खोल इस सच्चाई को स्वीकार करें तथा अपने तुलनात्मक आँकड़े जारी करे। 👉 लोकसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟒 में 𝐑𝐉𝐃 ने बिहार में सबसे अधिक 𝟐𝟗% महिलाओं को टिकट दिया, 𝐑𝐉𝐃 के 𝟐𝟓% लोकसभा सांसद महिला है। 👉 बिहार विधानसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟓 में भी 𝐑𝐉𝐃 ने ही सबसे अधिक 𝟏𝟕% महिलाओं को टिकट दिया था। 👉 बिहार विधानपरिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 𝟐𝟏.𝟒% 𝐑𝐉𝐃 का है। 👉 अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही है। विगत 𝟑𝟎 वर्षों में बिहार से भारत सरकार में अंतिम महिला केंद्रीय मंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही रही है। 👉 महिला विरोधी 𝐁𝐉𝐏-𝐉𝐃𝐔-𝐍𝐃𝐀 ने तो आज तक 𝟕𝟓 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री/मुख्यमंत्री नहीं बनाया है और ये नकली पाखंडी लोग महिला उत्थान की बात करते है?1
- नालंदा (बिहार शरीफ), 19 अप्रैल 2026 — एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचीवर्स के सौजन्य से बिहार शरीफ स्थित टाउन हॉल में “ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में नालंदा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता तथा गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन सह डायरेक्टर फाउंडेशन एवं चीफ एडिटर/डायरेक्टर के निदेशक तथा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति, डॉ. अजीत गुप्ता सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह आयोजन उन शिक्षकों को समर्पित रहा, जो शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपने संबोधन में डॉ. दिव्या ज्योति ने नालंदा की ऐतिहासिक एवं राजनीतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चेतना की धुरी रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा से उठी आवाज ने देश की दिशा और दशा तय की है, और अब समय है कि शिक्षक समाज की आवाज भी इसी धरती से और अधिक सशक्त होकर उभरे। उन्होंने शिक्षा और राजनीति के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रभावी नीति निर्माण के बिना शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। विशेष रूप से वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन शिक्षकों के सम्मान, नियमितीकरण और आर्थिक सुरक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगी। डॉ. दिव्या ज्योति ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि वे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई होगा। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने अपने एजेंडे में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती एवं स्थानांतरण नीति, निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के लिए फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस एवं सहयोगी संस्थानों में 30 प्रतिशत फीस छूट की घोषणा की गई, जिसका उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. अजय पांडे ने भी विचार व्यक्त करते हुए आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को अपनाने पर जोर दिया। समारोह के अंत में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन हेमंत कुमार द्वारा किया गया, जिनके कुशल मंच संचालन और समय प्रबंधन ने आयोजन को प्रभावी बनाया। अंत में सभी अतिथियों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।4
- नालन्दा में हर्स फायरिंग में गोली लगने से युवक की मौत, मृतक का आज आने वाला था तिलक और 27 तारीख को होनी थी शादी, भाई ने इस मामले पर क्या कहा सुनिए पूरी बात...1