आजकल थीम केक का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के ठाणे से सामने आई एक घटना ने इसकी डेकोरेशन को लेकर बड़ी सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। दरअसल, जन्मदिन के एक खास केक में सजावट के लिए इस्तेमाल किया गया नुकीला लोहे का तार एक 3 साल के बच्चे ने अनजाने में निगल लिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बच्चे के जन्मदिन पर माता-पिता अपने पसंदीदा कार्टून, गेम या खिलौनों के डिजाइन वाले थीम केक ऑर्डर कर रहे हैं। इस गंभीर मामले के बाद परिवार को 48 घंटे तक डर और चिंता के साए में रहना पड़ा। इस वाकये ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम केक खरीदते समय उसकी सजावट पर उतना ध्यान देते हैं, जितना उसके स्वाद और डिजाइन पर दिया जाता है। यह घटना लोगों को सोचने पर मजबूर करती है कि कौन सी छोटी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है, और केक की खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि ऐसी छिपी हुई खतरों से बचा जा सके।
आजकल थीम केक का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के ठाणे से सामने आई एक घटना ने इसकी डेकोरेशन को लेकर बड़ी सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। दरअसल, जन्मदिन के एक खास केक में सजावट के लिए इस्तेमाल किया गया नुकीला लोहे का तार एक 3 साल के बच्चे ने अनजाने में निगल लिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बच्चे के जन्मदिन पर माता-पिता अपने पसंदीदा कार्टून, गेम या खिलौनों के डिजाइन वाले थीम केक ऑर्डर कर रहे हैं। इस गंभीर मामले के बाद परिवार को 48 घंटे तक डर और चिंता के साए में रहना पड़ा। इस वाकये ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम केक खरीदते समय उसकी सजावट पर उतना ध्यान देते हैं, जितना उसके स्वाद और डिजाइन पर दिया जाता है। यह घटना लोगों को सोचने पर मजबूर करती है कि कौन सी छोटी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है, और केक की खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि ऐसी छिपी हुई खतरों से बचा जा सके।
- सुपौल जिले के निर्मली स्थित कुनौली शीतल चौक में, 400 वर्षों की आस्था का प्रतीक माँ भगवती मंदिर अब भव्य रूप ले रहा है। श्रद्धालुओं के अथक सहयोग से माता के दरबार को सजाया जा रहा है, जिससे यह धार्मिक स्थल और भी आकर्षक बन रहा है। यह भव्य मंदिर निर्माण, भक्ति, सेवा और दान-पुण्य की भावना का प्रतीक है, जो इस प्राचीन मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।1
- सुपौल जिले के पिपरा बाजार यामाहा गांव में बिजली की लगातार कटौती से ग्रामीण काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में अक्सर बिजली कटी रहती है और इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देने और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- चंद्रायन पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में अधिकारियों ने उपस्थित होकर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- नोहट्टा थाना पुलिस बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू करने और अपराधियों व तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में, नोहट्टा पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एकाढ स्थित कोसी बांध के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरी कार्रवाई की कमान थाना प्रभारी राहुल कुमार खुद संभाल रहे थे, जिनकी सटीक रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही पुलिस टीम ने समय रहते कोसी बांध पर जाल बिछाया। अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने गुप्त सूचना पर बिना वक्त गंवाए अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण तस्कर अपनी एक चार चक्का सफारी वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर- UP 15 BL 6391) छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। गाड़ी की सघन तलाशी लेने पर उसमें से 184.5 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। हालांकि, पुलिस की सख्त घेराबंदी के बावजूद चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। स्थानीय लोग रौशन कुमार की फील्ड पर सक्रियता और कड़क कार्यशैली की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व से क्षेत्र में अवैध धंधा करने वाले तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद नोहट्टा थाना में कांड संख्या 130/26 के तहत बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a)/41(1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार या कोई भी गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। नोहट्टा पुलिस अधिकारियों की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है।1
- पटना में एक बड़ा धमाका सामने आया है, जहाँ खान सर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई गई है। एक वकील ने सनसनीखेज दावा किया है कि नेपाल में हुई एक हत्या की साजिश पटना स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रची गई थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी से गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।1
- बिहार के मधेपुरा में शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कला भवन परिसर में एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और पिछले चार महीनों से रुका हुआ वेतन भुगतान शामिल है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बावजूद भाग लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक ही आज सबसे अधिक उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजित शिक्षकों को वर्षों से प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण के अधिकार से वंचित रखा गया है, जबकि नियमावली में इसके लिए स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। पप्पू ने यह भी कहा कि चार महीने तक वेतन न मिलना शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है और यह सरकार के दावों की पोल खोलता है। शिक्षक नेताओं ने अपनी मांगों में नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक को पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही। इसके साथ ही, हर महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित एरियर भुगतान, ईपीएफ लाभ, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष करने की मांगें भी उठाई गईं। संघ का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, नेताओं ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया और सभी शिक्षक संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शिक्षक अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। फिलहाल, शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद सरकार और शिक्षा विभाग का क्या रुख रहता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।4
- नवहट्टा में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, अधिकारियों ने क्षेत्र की जनसमस्याएं सुनीं, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।1
- बेस्ट ऑफ डेंजर न्यूज चैनल और स्पर्श न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा जंक्शन के पार्किंग क्षेत्र में आज भी नाबालिगों के साथ बदतमीज लोगों द्वारा जोर-जबरदस्ती और बदसलूकी की जाती है। इस गंभीर स्थिति के लिए जीआरपी (GRP) प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सहरसा में लगातार सामाजिक हानियाँ हो रही हैं, और जीआरपी प्रशासन इस दौरान "रंगरलिया" में अपना समय बिता रहा है और बिना काम किए वेतन ले रहा है। यह आरोप लगाया गया है कि सहरसा जंक्शन की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एएसआई जीआरपी मौजूद होने के बावजूद, वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। सहरसा प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान निकालने का निवेदन किया गया है।2