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पटना में एक बड़ा धमाका सामने आया है, जहाँ खान सर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई गई है। एक वकील ने सनसनीखेज दावा किया है कि नेपाल में हुई एक हत्या की साजिश पटना स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रची गई थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी से गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
SAHARSA LIVE NEWS
पटना में एक बड़ा धमाका सामने आया है, जहाँ खान सर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई गई है। एक वकील ने सनसनीखेज दावा किया है कि नेपाल में हुई एक हत्या की साजिश पटना स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रची गई थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी से गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
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- पटना में एक बड़ा धमाका सामने आया है, जहाँ खान सर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई गई है। एक वकील ने सनसनीखेज दावा किया है कि नेपाल में हुई एक हत्या की साजिश पटना स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रची गई थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी से गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।1
- चंद्रायन पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में अधिकारियों ने उपस्थित होकर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- नोहट्टा थाना पुलिस बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू करने और अपराधियों व तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में, नोहट्टा पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एकाढ स्थित कोसी बांध के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरी कार्रवाई की कमान थाना प्रभारी राहुल कुमार खुद संभाल रहे थे, जिनकी सटीक रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही पुलिस टीम ने समय रहते कोसी बांध पर जाल बिछाया। अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने गुप्त सूचना पर बिना वक्त गंवाए अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण तस्कर अपनी एक चार चक्का सफारी वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर- UP 15 BL 6391) छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। गाड़ी की सघन तलाशी लेने पर उसमें से 184.5 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। हालांकि, पुलिस की सख्त घेराबंदी के बावजूद चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। स्थानीय लोग रौशन कुमार की फील्ड पर सक्रियता और कड़क कार्यशैली की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व से क्षेत्र में अवैध धंधा करने वाले तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद नोहट्टा थाना में कांड संख्या 130/26 के तहत बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a)/41(1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार या कोई भी गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। नोहट्टा पुलिस अधिकारियों की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है।1
- मधेपुरा के शंकरपुर में स्थित एक नए अस्पताल को 'बहुत अच्छा' बताया गया है। एक व्यक्ति ने इलाज कराने के उद्देश्य से इस अस्पताल का दौरा किया है। उन्होंने इस नए चिकित्सा केंद्र के बारे में अपना बहुत ही सकारात्मक अनुभव साझा किया है।1
- रोशन आनंद अपने गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनके इन गंभीर आरोपों और पूरे बयान को सुनने के लिए वहाँ भारी भीड़ उमड़ पड़ी।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ परी ट्रेडर्स के मालिक आशुतोष गुप्ता उर्फ वैष्णवी गुप्ता, जो गोपाल प्रसाद गुप्ता के पुत्र बताए जा रहे हैं, दर्जनों छोटे खुदरा व्यापारियों के करोड़ों रुपये लेकर रातोंरात फरार हो गए हैं। छोटे व्यापारियों ने मिलकर आशुतोष गुप्ता को करोड़ों रुपये का अनाज दिया था, जिसकी कीमत का भुगतान 15 जून को होना था। व्यापारियों के अनुसार, जब वे 15 जून की सुबह आशुतोष गुप्ता के घर पहुँचे, तो पता चला कि वह 14 जून की रात को ही अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर गायब हो गए थे। काफी खोजबीन करने और उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास करने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला और उनका मोबाइल भी बंद पाया गया। इसके बाद, 13 छोटे व्यापारियों ने सौर बाजार थाना में एक आवेदन देकर मामले की जाँच और कार्रवाई की माँग की है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि आशुतोष गुप्ता उनसे ज़्यादा दामों पर अनाज खरीदते थे, इसी लालच में उन्होंने मिलकर अनाज दिया था, जिसका फायदा उठाकर वह परिवार सहित फरार हो गया। कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं जिन्होंने किसानों से 12 लाख और 10 लाख रुपये का अनाज लेकर उसे दिया था। इस घटना से अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि ये छोटे खुदरा व्यापारी जिन किसानों से अनाज खरीदे थे, क्या उन्हें उनकी फसल का दाम दे पाएँगे, या उन्हें अपनी ज़मीन बेचकर किसानों का भुगतान करना पड़ेगा। फिलहाल यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, और सभी लोग यही कह रहे हैं कि इस नुकसान की भरपाई खुदरा व्यापारी करेंगे या किसान। पुलिस द्वारा मामले की छानबीन के बाद ही इसका हल निकल पाएगा। हालाँकि, सौर बाजार थानाध्यक्ष से इस संबंध में बात नहीं हो पाई है, लेकिन खुदरा व्यापारी इस घटना से काफी मायूस नज़र आ रहे हैं।1
- नवहट्टा में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, अधिकारियों ने क्षेत्र की जनसमस्याएं सुनीं, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।1
- बेस्ट ऑफ डेंजर न्यूज चैनल और स्पर्श न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा जंक्शन के पार्किंग क्षेत्र में आज भी नाबालिगों के साथ बदतमीज लोगों द्वारा जोर-जबरदस्ती और बदसलूकी की जाती है। इस गंभीर स्थिति के लिए जीआरपी (GRP) प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सहरसा में लगातार सामाजिक हानियाँ हो रही हैं, और जीआरपी प्रशासन इस दौरान "रंगरलिया" में अपना समय बिता रहा है और बिना काम किए वेतन ले रहा है। यह आरोप लगाया गया है कि सहरसा जंक्शन की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एएसआई जीआरपी मौजूद होने के बावजूद, वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। सहरसा प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान निकालने का निवेदन किया गया है।2