इटवा, सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक ऐसे अस्पताल में देर रात ऑपरेशन चल रहे थे जिसे पूर्व में एफआईआर दर्ज होने के बाद सील कर दिया गया था। शनिवार देर रात 'जनता सेवा हॉस्पिटल' पर की गई एक संयुक्त छापेमारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 'अस्पताल बंद है' का बोर्ड लगाकर अंदर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा मानी जा रही है। 27 जून की देर रात स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जब छापा मारा, तो ऑपरेशन थियेटर की लाइटें जल रही थीं और ऑपरेशन की प्रक्रिया जारी थी, जो यह साबित करती है कि कानून का डर अस्पताल संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता। नोडल अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, इटवा एसडीएम और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने कई गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया और प्रशासन ने अस्पताल को फिर से सील कर दिया है। हालांकि, सवाल यह है कि एक बंद अस्पताल में उपकरण, दवाइयां, स्टाफ, बिजली-पानी की आपूर्ति और अन्य संसाधन किसके संरक्षण में बहाल थे, और प्रशासन की 'कड़ी चेतावनी' का मजाक उड़ाने की हिम्मत संचालक को किसी 'ऊपरी दबाव' या 'जुगाड़' के कारण कैसे मिली? इस घटना से यह साफ हो गया है कि मरीजों की सुरक्षा की बजाय यहां अवैध कमाई को प्राथमिकता दी जा रही थी। अधिकारियों ने संचालक और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात तो कही है, परंतु जनता को अब केवल आश्वासनों से संतुष्टि नहीं है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस पूरे गोरखधंधे के पीछे के सिंडिकेट और उसे संरक्षण देने वालों का पता लगा पाएगा। यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस 'अवैध कमाई' के पूरे तंत्र को ध्वस्त नहीं किया, तो यह स्पष्ट होगा कि इटवा में कानून का नहीं, बल्कि माफियाओं का राज चल रहा है, और केवल अस्पताल सील करने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्त आपराधिक मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाना चाहिए।
इटवा, सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक ऐसे अस्पताल में देर रात ऑपरेशन चल रहे थे जिसे पूर्व में एफआईआर दर्ज होने के बाद सील कर दिया गया था। शनिवार देर रात 'जनता सेवा हॉस्पिटल' पर की गई एक संयुक्त छापेमारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 'अस्पताल बंद है' का बोर्ड लगाकर अंदर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा मानी जा रही है। 27 जून की देर रात स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जब छापा मारा, तो ऑपरेशन थियेटर की लाइटें जल रही थीं और ऑपरेशन की प्रक्रिया जारी थी, जो यह साबित करती है कि कानून का डर अस्पताल संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता। नोडल अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, इटवा एसडीएम और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने कई गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया और प्रशासन ने अस्पताल को फिर से सील कर दिया है। हालांकि, सवाल यह है कि एक बंद अस्पताल में उपकरण, दवाइयां, स्टाफ, बिजली-पानी की आपूर्ति और अन्य संसाधन किसके संरक्षण में बहाल थे, और प्रशासन की 'कड़ी चेतावनी' का मजाक उड़ाने की हिम्मत संचालक को किसी 'ऊपरी दबाव' या 'जुगाड़' के कारण कैसे मिली? इस घटना से यह साफ हो गया है कि मरीजों की सुरक्षा की बजाय यहां अवैध कमाई को प्राथमिकता दी जा रही थी। अधिकारियों ने संचालक और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात तो कही है, परंतु जनता को अब केवल आश्वासनों से संतुष्टि नहीं है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस पूरे गोरखधंधे के पीछे के सिंडिकेट और उसे संरक्षण देने वालों का पता लगा पाएगा। यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस 'अवैध कमाई' के पूरे तंत्र को ध्वस्त नहीं किया, तो यह स्पष्ट होगा कि इटवा में कानून का नहीं, बल्कि माफियाओं का राज चल रहा है, और केवल अस्पताल सील करने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्त आपराधिक मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाना चाहिए।
- संतकबीरनगर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में, महुली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। थाना महुली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 274/2026 से संबंधित मामले में वांछित तीन अभियुक्तों, अशोक चौहान, शिवकुमार उर्फ नकुल चौहान और राजन कुमार को 27 जून 2026 को सिकटहा पुलिया के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया। यह प्रकरण 26 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब हेड कांस्टेबल अनिल कुमार ने थाना महुली में एक प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया था कि उक्त अभियुक्तगण ने मिलकर उन पर और उनके हमराही पर प्राणघातक हमला किया, जिससे वे घायल हो गए, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस तहरीर के आधार पर थाना महुली में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अशोक चौहान और शिवकुमार उर्फ नकुल चौहान सिकटहा के निवासी हैं, जो कपिलदेव चौहान के पुत्र हैं, जबकि राजन कुमार मरवटिया, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के निवासी हैं और विंध्याचल चौहान के पुत्र हैं। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना महुली पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक गौतम यादव, हेड कांस्टेबल नुरुद्दीन खान, कांस्टेबल चंद्रेश यादव और कांस्टेबल मनीष कुमार शामिल थे।2
- संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के प्रांगण से पल्स पोलियो अभियान की जनपद स्तरीय रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में स्कूल के बच्चों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका उद्देश्य पल्स पोलियो के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जन-जागरूकता और आमजन के पूर्ण सहयोग से ही पोलियो जैसी बीमारी का उन्मूलन संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि 28 जून, 2026 को जनपद में बूथ दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 0-5 वर्ष के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संत कबीर नगर जनपद में 0-5 वर्ष के कुल 3,11,141 बच्चों को शत-प्रतिशत पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खलीलाबाद के नगरीय क्षेत्र में 27 बूथों सहित कुल 09 विकास खंडों में 858 बूथ बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 489 हाउस-टू-हाउस टीमें, 28 ट्रांजिट टीमें और 13 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं। ये टीमें 29 जून, 2026 से 03 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो ड्रॉप से आच्छादित करेंगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को समय पर बूथ संचालित करने और कोल्डचेन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।4
- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत खलीलाबाद तहसील, बघौली ब्लॉक, बखिरा पुलिस स्टेशन की ग्राम पंचायत भगवानपुर में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'नमामि गंगे' योजना विफल साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत भगवानपुर के घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन उनमें जल नहीं आता। दावा किया जाता है कि ग्राम पंचायत भगवानपुर में पानी की सप्लाई हो रही है, परंतु यह सत्य नहीं है। सच्चाई यह है कि ग्राम पंचायत भगवानपुर के केवल करमयनी गाँव में ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके विपरीत, इसी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बगिया, बड़कीबागी, घोड़वन का पुर्वा, पश्चिम पूर्वा, दक्षिण पूर्वा, कानापार, लटपुरवा, भरौटी, चमरौटी और टेकवा बागी जैसे दस अन्य गाँवों में पानी बिल्कुल नहीं पहुँच रहा है। पानी को प्रवाहित करने वाली मुख्य जलवाहिनी को करमयनी गाँव के पास रेलवे पुल के नजदीक बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों द्वारा रेलवे के काम का बहाना बनाया गया। हालाँकि, अब रेलवे का काम पूरा हो चुका है, फिर भी नलों में पेयजल नहीं आ रहा है, और पाइप अभी भी बंद है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और पाइप क्यों बंद कर दिया गया है? शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर रेलवे का बहाना न बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पाइप को ब्रिज के नीचे या किनारे से दौड़ाया जा सकता है और ऊपर से कंक्रीट भी किया जा सकता है, लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। जनता की सीधी माँग है कि शासन-प्रशासन को शीघ्र अति शीघ्र पानी की सप्लाई सुनिश्चित करानी चाहिए, क्योंकि यह 'घर-घर नल, हरघर जल' के वादे का उल्लंघन है। यह शिकायत 27-6-2026 को आकाशवाणी द्वारा दर्ज की गई है।2
- संत कबीर नगर जिले के सांथा विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी में शुक्रवार को राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धापूर्वक मनाई गई। यह आयोजन श्री राम नरेश चौधरी कृषक इंटर कॉलेज में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने शाहूजी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार चौधरी ने की, जबकि श्याम राज चौधरी मुख्य अतिथि और पूर्व प्रधानाचार्य श्री राम नरेश चौधरी विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। वक्ताओं ने शाहूजी महाराज के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए, जिनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने शाहूजी महाराज के बताए मार्ग पर चलने तथा शिक्षा, सामाजिक समरसता और समान अधिकारों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सभी के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस दौरान राम नरेश चौधरी, राकेश चौधरी, अरविंद चौधरी, अनिल कुमार चौधरी, गिरवर पटेल, श्याम राज चौधरी, बाबूराम चौधरी, शीतल चौधरी, दीनानाथ चौधरी, अमरेश कुमार चौधरी, बनारसी चौधरी, संतकुमार चौधरी, साहुल चौधरी, लालमणि चौधरी, मदन मोहन, रामदीन चौधरी, शिव नारायण वर्मा, विजय चौधरी, श्याम लाल चौधरी, रामदीन चौधरी, हीरालाल चौधरी, सोनू चौधरी, मुरली चौधरी, पंचराम चौधरी, संतोष कुमार चौधरी, सरकारी मस्टर साहब, विकास चौधरी सहित अन्य स्वजाति बंधु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।4
- अंबेडकर नगर जनपद मुख्यालय पर भरत तिवारी एनकाउंटर केस को लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला, जहाँ एक कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए उनके खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। लोगों के बयानों में भी इस एनकाउंटर को लेकर तीखा गुस्सा साफ तौर पर झलक रहा था।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक 'मासूम' व्यक्ति स्कूल को तोड़ देने की धमकी दे रहा है। यह वीडियो देखने वाले लोग उसकी इस 'मासूमियत' पर हैरानी और हल्का-फुल्का मनोरंजन महसूस कर रहे हैं, क्योंकि धमकी देने का अंदाज़ और संदर्भ लोगों को आकर्षित कर रहा है।1
- संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम के ताजिए पूरी अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ कर्बला में दफन किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने "या हुसैन" की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारों के अनुसार, मोहर्रम के महीने में निकाले जाने वाले ये ताजिए पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में दी गई शहादत की याद दिलाते हैं। ये जुलूस और ताजिए उनके बलिदान के प्रति शोक, सम्मान और श्रद्धांजलि का प्रतीक होते हैं। ताजिया जुलूस बेलहर थाना क्षेत्र के लोहरसन, बेलहर, मंझरिया पठान और बेलवा सेगर जैसे विभिन्न स्थानों से निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को दफन किया गया। जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बेलहर थाना प्रभारी हरिकेश भारती ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही लगातार भ्रमण कर रहे थे, और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की, वहीं इस आयोजन ने गम, त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।4
- महुली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में धनघटा क्षेत्राधिकारी द्वारा जानकारी साझा की गई है, जिसमें पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की पुष्टि की गई।1
- बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक चलती स्कूल वैन का दरवाजा अचानक खुलने से पाँच मासूम बच्चे सड़क पर गिर गए। इस भयावह घटना का वीडियो वायरल हो गया है। इस हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में स्कूल प्रशासन और उस ARTO प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिसने इस वैन को फिटनेस लाइसेंस जारी किया था। वायरल वीडियो में यह घटना कथित तौर पर कैद हुई है और यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1