संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम के ताजिए पूरी अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ कर्बला में दफन किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने "या हुसैन" की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारों के अनुसार, मोहर्रम के महीने में निकाले जाने वाले ये ताजिए पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में दी गई शहादत की याद दिलाते हैं। ये जुलूस और ताजिए उनके बलिदान के प्रति शोक, सम्मान और श्रद्धांजलि का प्रतीक होते हैं। ताजिया जुलूस बेलहर थाना क्षेत्र के लोहरसन, बेलहर, मंझरिया पठान और बेलवा सेगर जैसे विभिन्न स्थानों से निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को दफन किया गया। जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बेलहर थाना प्रभारी हरिकेश भारती ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही लगातार भ्रमण कर रहे थे, और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की, वहीं इस आयोजन ने गम, त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।
संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम के ताजिए पूरी अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ कर्बला में दफन किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने "या हुसैन" की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारों के अनुसार, मोहर्रम के महीने
में निकाले जाने वाले ये ताजिए पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में दी गई शहादत की याद दिलाते हैं। ये जुलूस और ताजिए उनके बलिदान के प्रति शोक, सम्मान और श्रद्धांजलि का प्रतीक होते हैं। ताजिया जुलूस बेलहर थाना क्षेत्र के लोहरसन, बेलहर, मंझरिया
पठान और बेलवा सेगर जैसे विभिन्न स्थानों से निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को दफन किया गया। जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बेलहर थाना प्रभारी हरिकेश भारती ने बताया कि पुलिस
और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही लगातार भ्रमण कर रहे थे, और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की, वहीं इस आयोजन ने गम, त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।
- संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम के ताजिए पूरी अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ कर्बला में दफन किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने "या हुसैन" की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारों के अनुसार, मोहर्रम के महीने में निकाले जाने वाले ये ताजिए पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में दी गई शहादत की याद दिलाते हैं। ये जुलूस और ताजिए उनके बलिदान के प्रति शोक, सम्मान और श्रद्धांजलि का प्रतीक होते हैं। ताजिया जुलूस बेलहर थाना क्षेत्र के लोहरसन, बेलहर, मंझरिया पठान और बेलवा सेगर जैसे विभिन्न स्थानों से निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को दफन किया गया। जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बेलहर थाना प्रभारी हरिकेश भारती ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही लगातार भ्रमण कर रहे थे, और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की, वहीं इस आयोजन ने गम, त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।4
- राष्ट्रवादी पार्टी और माननीय अखिलेश सिंह के सम्मान में जोरदार नारों का उद्घोष किया गया। इन नारों में 'जिंदाबाद' की ध्वनि बार-बार गूंजती रही, जो उनके प्रति उत्साही समर्थन को दर्शाती है।1
- महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनाबंदी से लोटन मार्ग पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। सोनाबंदी से लगभग 100 मीटर आगे लोटन रोड की ओर हुई यह टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे कुल तीन लोग चोटिल हुए। दुर्घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस बुलाई। ग्रामीणों की सहायता से सभी घायल व्यक्तियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही बृजमनगंज पुलिस भी घटनास्थल पर पहुँची और दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को अपने कब्जे में लेकर थाने पर जमा करा दिया। पुलिस फिलहाल इस सड़क दुर्घटना के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, घायलों की पहचान और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की त्वरित कार्यवाही के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।1
- संतकबीरनगर जिले में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ हो गया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद से पल्स पोलियो जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें स्कूली बच्चों ने बैंड-बाजे और उत्साह के साथ लोगों को पोलियो की दो बूंद पिलाने के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जोर दिया कि जन-जागरूकता और आम जनता के सहयोग से ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि 28 जून को आयोजित बूथ दिवस पर 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाई जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रामानुज कनौजिया ने बताया कि जनपद में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 3 लाख 11 हजार 141 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए जिले में 858 बूथ बनाए गए हैं। साथ ही, 489 हाउस-टू-हाउस टीमें, 28 ट्रांजिट टीमें और 13 मोबाइल टीमें 29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने सभी टीमों को समय पर बूथ संचालन और कोल्ड चेन व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से पोलियो मुक्त भारत के इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के जिला कारागार में, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अभिनव मालवीय और प्रतिभा द्विवेदी को उनके उत्कृष्ट एवं निःस्वार्थ योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन दोनों प्रशिक्षकों द्वारा बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए नियमित रूप से योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर, जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से दिए जा रहे इस नियमित प्रशिक्षण का बंदियों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के कारण बंदियों के व्यवहार, अनुशासन और मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों के सेवा-भाव, समर्पण और निरंतर सहयोग की हृदय से सराहना करते हुए यह आशा व्यक्त की कि जिला कारागार को भविष्य में भी उनका मूल्यवान मार्गदर्शन मिलता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर, जिला कारागार परिवार ने प्रशिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के प्रांगण से पल्स पोलियो अभियान की जनपद स्तरीय रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में स्कूल के बच्चों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका उद्देश्य पल्स पोलियो के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जन-जागरूकता और आमजन के पूर्ण सहयोग से ही पोलियो जैसी बीमारी का उन्मूलन संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि 28 जून, 2026 को जनपद में बूथ दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 0-5 वर्ष के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संत कबीर नगर जनपद में 0-5 वर्ष के कुल 3,11,141 बच्चों को शत-प्रतिशत पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खलीलाबाद के नगरीय क्षेत्र में 27 बूथों सहित कुल 09 विकास खंडों में 858 बूथ बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 489 हाउस-टू-हाउस टीमें, 28 ट्रांजिट टीमें और 13 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं। ये टीमें 29 जून, 2026 से 03 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो ड्रॉप से आच्छादित करेंगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को समय पर बूथ संचालित करने और कोल्डचेन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।4
- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत खलीलाबाद तहसील, बघौली ब्लॉक, बखिरा पुलिस स्टेशन की ग्राम पंचायत भगवानपुर में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'नमामि गंगे' योजना विफल साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत भगवानपुर के घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन उनमें जल नहीं आता। दावा किया जाता है कि ग्राम पंचायत भगवानपुर में पानी की सप्लाई हो रही है, परंतु यह सत्य नहीं है। सच्चाई यह है कि ग्राम पंचायत भगवानपुर के केवल करमयनी गाँव में ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके विपरीत, इसी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बगिया, बड़कीबागी, घोड़वन का पुर्वा, पश्चिम पूर्वा, दक्षिण पूर्वा, कानापार, लटपुरवा, भरौटी, चमरौटी और टेकवा बागी जैसे दस अन्य गाँवों में पानी बिल्कुल नहीं पहुँच रहा है। पानी को प्रवाहित करने वाली मुख्य जलवाहिनी को करमयनी गाँव के पास रेलवे पुल के नजदीक बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों द्वारा रेलवे के काम का बहाना बनाया गया। हालाँकि, अब रेलवे का काम पूरा हो चुका है, फिर भी नलों में पेयजल नहीं आ रहा है, और पाइप अभी भी बंद है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और पाइप क्यों बंद कर दिया गया है? शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर रेलवे का बहाना न बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पाइप को ब्रिज के नीचे या किनारे से दौड़ाया जा सकता है और ऊपर से कंक्रीट भी किया जा सकता है, लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। जनता की सीधी माँग है कि शासन-प्रशासन को शीघ्र अति शीघ्र पानी की सप्लाई सुनिश्चित करानी चाहिए, क्योंकि यह 'घर-घर नल, हरघर जल' के वादे का उल्लंघन है। यह शिकायत 27-6-2026 को आकाशवाणी द्वारा दर्ज की गई है।2
- महुली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में धनघटा क्षेत्राधिकारी द्वारा जानकारी साझा की गई है, जिसमें पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की पुष्टि की गई।1
- इटवा, सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक ऐसे अस्पताल में देर रात ऑपरेशन चल रहे थे जिसे पूर्व में एफआईआर दर्ज होने के बाद सील कर दिया गया था। शनिवार देर रात 'जनता सेवा हॉस्पिटल' पर की गई एक संयुक्त छापेमारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 'अस्पताल बंद है' का बोर्ड लगाकर अंदर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा मानी जा रही है। 27 जून की देर रात स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जब छापा मारा, तो ऑपरेशन थियेटर की लाइटें जल रही थीं और ऑपरेशन की प्रक्रिया जारी थी, जो यह साबित करती है कि कानून का डर अस्पताल संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता। नोडल अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, इटवा एसडीएम और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने कई गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया और प्रशासन ने अस्पताल को फिर से सील कर दिया है। हालांकि, सवाल यह है कि एक बंद अस्पताल में उपकरण, दवाइयां, स्टाफ, बिजली-पानी की आपूर्ति और अन्य संसाधन किसके संरक्षण में बहाल थे, और प्रशासन की 'कड़ी चेतावनी' का मजाक उड़ाने की हिम्मत संचालक को किसी 'ऊपरी दबाव' या 'जुगाड़' के कारण कैसे मिली? इस घटना से यह साफ हो गया है कि मरीजों की सुरक्षा की बजाय यहां अवैध कमाई को प्राथमिकता दी जा रही थी। अधिकारियों ने संचालक और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात तो कही है, परंतु जनता को अब केवल आश्वासनों से संतुष्टि नहीं है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस पूरे गोरखधंधे के पीछे के सिंडिकेट और उसे संरक्षण देने वालों का पता लगा पाएगा। यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस 'अवैध कमाई' के पूरे तंत्र को ध्वस्त नहीं किया, तो यह स्पष्ट होगा कि इटवा में कानून का नहीं, बल्कि माफियाओं का राज चल रहा है, और केवल अस्पताल सील करने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्त आपराधिक मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाना चाहिए।1