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धौलपुर में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत आंगई थाना पुलिस ने चिलाचौंद के पास से कार्रवाई करते हुए अवैध पत्थर बोल्डर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक बिकास सांगवान के निर्देशन में जिले भर में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत आंगई थाना प्रभारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के संबंध में आंगई थाना प्रभारी ने बताया कि जिले में अवैध खनन की गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
विष्णु कुमार सोनी
धौलपुर में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत आंगई थाना पुलिस ने चिलाचौंद के पास से कार्रवाई करते हुए अवैध पत्थर बोल्डर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक बिकास सांगवान के निर्देशन में जिले भर में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत आंगई थाना प्रभारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के संबंध में आंगई थाना प्रभारी ने बताया कि जिले में अवैध खनन की गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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- राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा में राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रनजीत मीणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी अल्का श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले शीघ्र खोलने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान में तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले अंतिम बार वर्ष 2018 में हुए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग के अन्य संवर्गों के तबादले होते रहे, लेकिन 1.30 लाख से अधिक तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले आज तक नहीं किए गए। अनेक शिक्षक पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से अपने घरों से 800 किलोमीटर तक दूर सेवाएं दे रहे हैं और स्पष्ट तबादला नीति के अभाव में अपने परिवार के पास नहीं पहुंच पा रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार, गंभीर बीमारी से पीड़ित, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, पति-पत्नी और दिव्यांग सहित अन्य विशेष श्रेणी के शिक्षकों के तबादले न होना उनके साथ अन्याय है। संगठन ने सुझाव दिया कि सरकार पारस्परिक (म्यूचुअल) तबादलों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर सकती है। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री द्वारा जिले से बाहर तबादले पर वरिष्ठता समाप्त होने के बयान पर शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर वे वरिष्ठता का दावा न करने संबंधी शपथपत्र देने के लिए भी तैयार हैं। बीएलओ चुनाव ड्यूटी, जनगणना, छात्रवृत्ति और एसआईआर सहित सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर लागू करने के बावजूद लंबे समय से तबादले न होने से शिक्षकों में भारी निराशा और असंतोष व्याप्त है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो विभिन्न मांगों को लेकर 29 जुलाई से उपखंड अधिकारी कार्यालय सरमथुरा के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान रामवीर मीणा, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, धर्म सिंह, जयप्रकाश, राजवीर मीणा, जितेंद्र चेतीवाल, पिंटू मीणा, हेमराज, संतराम, रवि जोरवाल, अजय राजपूत, फुलकेश मीणा, शिवशंकर, विजेंद्र और महेंद्र सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में पंचायती राज आम चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं और सरकार ने इस संबंध में चुनावी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार ने जिला कलेक्टरों और एसडीएम (SDM) को चुनाव की आरक्षण लॉटरी निकालने के लिए अधिकृत करते हुए चुनाव तैयारी शुरू करने के अधिकार सौंप दिए हैं।1
- हिंडौन मंडावर रोड की गंभीर जनसमस्याओं, जलभराव, टूटी सड़कों, पेयजल संकट और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ नगर परिषद आयुक्त कार्यालय में समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दिया। विष्णु प्रजापति के धरने पर बैठते ही नगर परिषद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और मंडावरा रोड पर मशीन भेजकर पानी की निकासी के प्रयास तेज कर दिए। इसके बाद समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने शुक्रवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई के लिए 2 दिन का समय लिया गया है और जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए 7 दिन का आश्वासन मिला है। प्रशासन से मिले इस आश्वासन के बाद धरना और भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई।1
- नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर देशभर से आए सभी साथियों को मध्य प्रदेश के श्योपुर की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं। संदेश में उम्मीद जताई गई है कि सभी की आवाज़ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठेगी तथा देश और समाज के हित में इसके सार्थक परिणाम मिलेंगे। इसमें जंतर-मंतर को देश में अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ शांतिपूर्ण जन-अभिव्यक्ति के प्रमुख स्थानों में से एक बताया गया है। यह स्नेहपूर्ण संदेश 'बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश)' की ओर से भेजा गया है और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 7746976553 भी साझा किया गया है।1
- करौली के हिंडौन सिटी में मंडावरा रोड़ पर जलभराव, टूटी सड़कों और पेयजल समस्या के समाधान की माँग को लेकर समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने शुक्रवार को नगर परिषद आयुक्त कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल की सूचना पर नगर परिषद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मंडावरा रोड़ पर पानी निकासी का काम तेज कर दिया गया। शाम को समाजसेवी प्रजापति ने बताया कि प्रशासन ने समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए दो दिन और जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए सात दिन का समय देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन द्वारा दिए गए इस आश्वासन के बाद उन्होंने फिलहाल भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।2
- राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत सूरौठ में प्रस्तावित नहर परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपनी उपजाऊ भूमि और आजीविका की रक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने सूरौठ तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रिंकू खेड़ी हैवत ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे इस संबंध में जानकारी साझा की। किसानों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण से उनकी आजीविका और फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि नहर का सर्वे और निर्माण कार्य पहाड़ों की तलहटी, सरकारी चारागाह, सिवायचक या अन्य उपलब्ध सरकारी जमीन से कराया जाए, जिससे किसानों की उपजाऊ जमीन सुरक्षित रह सके। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कारणवश निजी भूमि का अधिग्रहण करना अनिवार्य हो, तो प्रत्येक प्रभावित किसान परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। यदि सरकार इस मांग को नहीं मानती है, तो अधिग्रहित भूमि का कम से कम 10 गुना मुआवजा दिया जाए और किसानों को खेती योग्य वैकल्पिक सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, पुनर्वास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की लिखित गारंटी देने की भी मांग रखी गई है।1
- सबलगढ़ तहसील के ग्राम खेरली (पोस्ट रायपुर) में सड़क की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। सड़क की खस्ताहाली के कारण सभी बच्चों को पैदल ही जाना पड़ रहा है और स्कूल की गाड़ियाँ गाँव तक नहीं पहुँच पा रही हैं। इसके अलावा, डिलीवरी के लिए अस्पताल की गाड़ी भी गाँव में नहीं आ पा रही है, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस गंभीर समस्या की रिपोर्ट किए जाने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है।1