आलमपुर थाना क्षेत्र में बाराही देवी मंदिर के पास से 11 के.व्ही. मैन लाइन का लगभग एक किलोमीटर लंबा बिजली का तार चोरी हो गया है। यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात को हुई, जिसमें चोरों ने करीब 1 लाख 83 हजार रुपये मूल्य का तार काटकर चुरा लिया। जानकारी के अनुसार, यह चोरी तब हुई जब गुरुवार दोपहर आई तेज आंधी के कारण सेवढ़ा से आलमपुर आने वाली 33 के.व्ही. मैन लाइन के 14 खंभे टूट गए थे। इससे आलमपुर और आसपास के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। बिजली की आपूर्ति शुक्रवार-शनिवार की देर रात करीब तीन बजे बहाल की जा सकी, और इसी स्थिति का फायदा चोरों ने उठाया। चोरों ने बाराही देवी मंदिर के पास स्थित दीनदयाल की कोठी से लेकर उत्तम कौरव की कोठी के बीच पंप फीडर के लिए बिछाई गई 11 के.व्ही. मैन लाइन के तार को निशाना बनाया। उन्होंने मुख्य सड़क से लेकर अंदर तक के छह हिस्सों से एक किलोमीटर से भी अधिक तार काट कर चुरा लिया। इस घटना के संबंध में संबंधित जेई द्वारा आलमपुर थाने में एक आवेदन दिया गया है।
आलमपुर थाना क्षेत्र में बाराही देवी मंदिर के पास से 11 के.व्ही. मैन लाइन का लगभग एक किलोमीटर लंबा बिजली का तार चोरी हो गया है। यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात को हुई, जिसमें चोरों ने करीब 1 लाख 83 हजार रुपये मूल्य का तार काटकर चुरा लिया। जानकारी के अनुसार, यह चोरी तब हुई जब गुरुवार दोपहर आई तेज आंधी के कारण सेवढ़ा से आलमपुर आने वाली 33 के.व्ही. मैन लाइन के 14 खंभे टूट गए थे। इससे आलमपुर और आसपास के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। बिजली की आपूर्ति शुक्रवार-शनिवार की देर रात करीब तीन बजे बहाल की जा सकी, और इसी स्थिति का फायदा चोरों ने उठाया। चोरों ने बाराही देवी मंदिर के पास स्थित दीनदयाल की कोठी से लेकर उत्तम कौरव की कोठी के बीच पंप फीडर के लिए बिछाई गई 11 के.व्ही. मैन लाइन के तार को निशाना बनाया। उन्होंने मुख्य सड़क से लेकर अंदर तक के छह हिस्सों से एक किलोमीटर से भी अधिक तार काट कर चुरा लिया। इस घटना के संबंध में संबंधित जेई द्वारा आलमपुर थाने में एक आवेदन दिया गया है।
- मछण्ड चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोहचरा गांव में रात के समय चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाया। इन्द्रजीत सिंह, राकेश सिंह और सुजान सिंह के घरों में घुसकर चोरों ने लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। यह घटना मछण्ड चौकी क्षेत्र में चोरों के बढ़ते आतंक को दर्शाती है, जहाँ अब वे घरों में घुसकर भी लाखों का माल आसानी से उड़ा रहे हैं।1
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सेंवढ़ा के प्रसिद्ध सनकुआं धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सिंध नदी के पवित्र तट पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जिन्होंने पवित्र स्नान कर भगवान के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्साह और उल्लास का माहौल भी देखने को मिला, जहाँ पूजन सामग्री, खिलौने, खाद्य पदार्थों और अन्य दुकानों पर भारी भीड़ रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मेले का आनंद लिया और सिंध नदी के घाटों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित नजर आई। सनकुआं धाम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, और मौके पर यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल अथवा ट्रैफिक कर्मी दिखाई नहीं दिए। नगर परिषद की व्यवस्थाओं में भी कमी दिखी, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, महिला श्रद्धालुओं हेतु कपड़ा बदलने की व्यवस्था और साफ-सफाई का अभाव रहा। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा पूर्व से ही यातायात प्रबंधन के उचित इंतजाम किए जाते तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनने से वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों और मेलों में भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।1
- गोहद को 'गौ-हद धाम' के रूप में विकसित करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में इसे वास्तविक तथा ऐतिहासिक महत्व दिलाने के अभियान को एक नई गति मिली है। इस संबंध में आज गोहद विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय केशव देसाई को गोहद क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर गोहद की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन मंदिर परंपरा, चेदि साम्राज्य से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, अकोड़ा के नागवंशीय सिक्कों, 'गौ-हद धाम' की अवधारणा और 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में गोहद को अंतिम पड़ाव के रूप में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कवि एवं सामाजिक चिंतक गौरव राज तेजस्वी, व्यवस्था परिवर्तन के संस्थापक पुखराज भटेले और अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक महोदय के समक्ष गोहद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विभिन्न तथ्य, स्थानीय जनभावनाएँ तथा क्षेत्र के विकास की संभावनाएँ रखीं। प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने के बाद विधायक केशव देसाई ने आश्वासन दिया कि यह विषय केवल एक नगर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और गौरव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और गोहद क्षेत्र के हित में हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ और शासन स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया, तो इस विषय को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी प्रभावी रूप से उठाया जाएगा, ताकि गोहद क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके और गोहद अब उपेक्षा का शिकार नहीं होगा। यह प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' को उसके वास्तविक सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्वरूप तक पहुँचाने का है। यदि चंबल अंचल के गोहद, मितावली, सिहोनिया का ककनमठ, कुंतलपुर, कर्ण कुंड, गौरी सरोवर, गोहद किला तथा प्राचीन मंदिर परंपरा जैसे स्थलों का समुचित अध्ययन एवं विकास होता है, तो यह न केवल गोहद, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान का आधार बन सकता है।1
- कोंच में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर, सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक रूप से पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस पूजन के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार के लिए सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हुए आशीर्वाद मांगा।1
- जनपद जालौन के थाना कुठौंद क्षेत्र से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला एक संवेदनशील मामला सामने आया है। ग्राम नौरेजपुर निवासी जितेंद्र पुत्र सुरेश ने थाना कुठौंद में लिखित सूचना दी कि उनकी पत्नी रश्मि, जिनकी आयु लगभग 25 वर्ष थी, को 13.06.2026 को प्रसव पीड़ा होने पर Banke Bihari Hospital में भर्ती कराया गया था। सूचना के अनुसार, रश्मि की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, लेकिन डिलीवरी के कुछ समय बाद डॉक्टरों ने जच्चा और नवजात शिशु दोनों की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें औरैया रेफर कर दिया। जब परिजन मरीज को औरैया ले गए, तो वहां के चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चे दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर थाना कुठौंद में मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस ने आवश्यक कानूनी धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने Banke Bihari Hospital को सीज कर दिया है। अस्पताल की व्यवस्थाओं, प्रसव प्रक्रिया और चिकित्सकीय लापरवाही की संभावना को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है। दोनों मृतकों का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही औरैया पुलिस द्वारा पूरी कर ली गई है, और रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। इस पूरे प्रकरण की जांच पुलिस और संबंधित स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। क्षेत्राधिकारी जालौन इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने बताया कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या चिकित्सकीय त्रुटि पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच जारी है, जिसमें अस्पताल के रिकॉर्ड, स्टाफ की भूमिका और इलाज की प्रक्रिया की गहनता से जांच की जा रही है, और आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्यवाही तय की जाएगी।2
- जनपद जालौन के साइबर थाना और विभिन्न थानों पर गठित पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 35,70,000/- रुपये बताई गई है। पुलिस टीम ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया, जिससे मोबाइल पाकर उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जालौन, डॉ. विनय कुमार, ने जानकारी देते हुए बताया कि जालौन जिले में अलग-अलग स्थानों से गुम हुए इन मोबाइल फोन को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया था।3
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जालौन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में कामयाबी हासिल की है।1
- दतिया जिले के सेवड़ा स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु सिंध नदी में स्नान और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई और भगवान भरोसे नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है और दूर-दूर से पहुंचे लोग धार्मिक आस्था के साथ स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं, जिससे कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है और जाम जैसे हालात बन रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्याप्त पुलिसकर्मी न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक श्रद्धालु ने अपनी बाइट में प्रशासन से तत्काल पुलिस बल तैनात कर व्यवस्था संभालने की मांग की। श्रद्धालुओं ने यह चिंता भी व्यक्त की कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सनकुआं धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन भीड़ के अनुपात में ट्रैफिक प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था मिल सके।1