गोहद को 'गौ-हद धाम' के रूप में विकसित करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में इसे वास्तविक तथा ऐतिहासिक महत्व दिलाने के अभियान को एक नई गति मिली है। इस संबंध में आज गोहद विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय केशव देसाई को गोहद क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर गोहद की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन मंदिर परंपरा, चेदि साम्राज्य से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, अकोड़ा के नागवंशीय सिक्कों, 'गौ-हद धाम' की अवधारणा और 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में गोहद को अंतिम पड़ाव के रूप में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कवि एवं सामाजिक चिंतक गौरव राज तेजस्वी, व्यवस्था परिवर्तन के संस्थापक पुखराज भटेले और अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक महोदय के समक्ष गोहद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विभिन्न तथ्य, स्थानीय जनभावनाएँ तथा क्षेत्र के विकास की संभावनाएँ रखीं। प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने के बाद विधायक केशव देसाई ने आश्वासन दिया कि यह विषय केवल एक नगर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और गौरव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और गोहद क्षेत्र के हित में हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ और शासन स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया, तो इस विषय को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी प्रभावी रूप से उठाया जाएगा, ताकि गोहद क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके और गोहद अब उपेक्षा का शिकार नहीं होगा। यह प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' को उसके वास्तविक सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्वरूप तक पहुँचाने का है। यदि चंबल अंचल के गोहद, मितावली, सिहोनिया का ककनमठ, कुंतलपुर, कर्ण कुंड, गौरी सरोवर, गोहद किला तथा प्राचीन मंदिर परंपरा जैसे स्थलों का समुचित अध्ययन एवं विकास होता है, तो यह न केवल गोहद, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान का आधार बन सकता है।
गोहद को 'गौ-हद धाम' के रूप में विकसित करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में इसे वास्तविक तथा ऐतिहासिक महत्व दिलाने के अभियान को एक नई गति मिली है। इस संबंध में आज गोहद विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय केशव देसाई को गोहद क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर गोहद की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन मंदिर परंपरा, चेदि साम्राज्य से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, अकोड़ा के नागवंशीय सिक्कों, 'गौ-हद धाम' की अवधारणा और 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में गोहद को अंतिम पड़ाव के रूप में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कवि एवं सामाजिक चिंतक गौरव राज तेजस्वी, व्यवस्था परिवर्तन के संस्थापक पुखराज भटेले और अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक महोदय के समक्ष गोहद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विभिन्न तथ्य, स्थानीय जनभावनाएँ तथा क्षेत्र के विकास की संभावनाएँ रखीं। प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने के बाद विधायक केशव देसाई ने आश्वासन दिया कि यह विषय केवल एक नगर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और गौरव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और गोहद क्षेत्र के हित में हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ और शासन स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया, तो इस विषय को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी प्रभावी रूप से उठाया जाएगा, ताकि गोहद क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके और गोहद अब उपेक्षा का शिकार नहीं होगा। यह प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' को उसके वास्तविक सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्वरूप तक पहुँचाने का है। यदि चंबल अंचल के गोहद, मितावली, सिहोनिया का ककनमठ, कुंतलपुर, कर्ण कुंड, गौरी सरोवर, गोहद किला तथा प्राचीन मंदिर परंपरा जैसे स्थलों का समुचित अध्ययन एवं विकास होता है, तो यह न केवल गोहद, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान का आधार बन सकता है।
- गोहद को 'गौ-हद धाम' के रूप में विकसित करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में इसे वास्तविक तथा ऐतिहासिक महत्व दिलाने के अभियान को एक नई गति मिली है। इस संबंध में आज गोहद विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय केशव देसाई को गोहद क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर गोहद की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन मंदिर परंपरा, चेदि साम्राज्य से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, अकोड़ा के नागवंशीय सिक्कों, 'गौ-हद धाम' की अवधारणा और 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में गोहद को अंतिम पड़ाव के रूप में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कवि एवं सामाजिक चिंतक गौरव राज तेजस्वी, व्यवस्था परिवर्तन के संस्थापक पुखराज भटेले और अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक महोदय के समक्ष गोहद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विभिन्न तथ्य, स्थानीय जनभावनाएँ तथा क्षेत्र के विकास की संभावनाएँ रखीं। प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने के बाद विधायक केशव देसाई ने आश्वासन दिया कि यह विषय केवल एक नगर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और गौरव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और गोहद क्षेत्र के हित में हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ और शासन स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया, तो इस विषय को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी प्रभावी रूप से उठाया जाएगा, ताकि गोहद क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके और गोहद अब उपेक्षा का शिकार नहीं होगा। यह प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' को उसके वास्तविक सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्वरूप तक पहुँचाने का है। यदि चंबल अंचल के गोहद, मितावली, सिहोनिया का ककनमठ, कुंतलपुर, कर्ण कुंड, गौरी सरोवर, गोहद किला तथा प्राचीन मंदिर परंपरा जैसे स्थलों का समुचित अध्ययन एवं विकास होता है, तो यह न केवल गोहद, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान का आधार बन सकता है।1
- एक व्यक्ति ने खुले तौर पर यह चुनौती दी है कि वह अपनी मर्जी से कचरा फेंकेगा। इस दौरान, उसने वीडियो बना रहे शख्स को सीधे तौर पर कहा कि वे जो चाहें कर लें, और पूछा कि वह उसका क्या बिगाड़ लेगा। व्यक्ति ने कैमरा पकड़े शख्स से कहा कि वीडियो बना ले, लेकिन उससे उसका कुछ नहीं होगा।1
- दतिया जिले के सेवड़ा स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु सिंध नदी में स्नान और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई और भगवान भरोसे नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है और दूर-दूर से पहुंचे लोग धार्मिक आस्था के साथ स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं, जिससे कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है और जाम जैसे हालात बन रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्याप्त पुलिसकर्मी न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक श्रद्धालु ने अपनी बाइट में प्रशासन से तत्काल पुलिस बल तैनात कर व्यवस्था संभालने की मांग की। श्रद्धालुओं ने यह चिंता भी व्यक्त की कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सनकुआं धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन भीड़ के अनुपात में ट्रैफिक प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था मिल सके।1
- मछण्ड चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोहचरा गांव में रात के समय चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाया। इन्द्रजीत सिंह, राकेश सिंह और सुजान सिंह के घरों में घुसकर चोरों ने लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। यह घटना मछण्ड चौकी क्षेत्र में चोरों के बढ़ते आतंक को दर्शाती है, जहाँ अब वे घरों में घुसकर भी लाखों का माल आसानी से उड़ा रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया का एक अजीबोगरीब आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जे.एस. यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग स्वास्थ्य विभाग का 'तुगलकी फरमान' बता रहे हैं। इस वीडियो में सीएमएचओ आवक-जावक शाखा को लेकर एक ऐसा अनोखा नियम बताते नजर आ रहे हैं, जो सरकारी नियमों के बिल्कुल उलट है। आमतौर पर किसी भी सरकारी कार्यालय की आवक-जावक शाखा में कोई भी नागरिक या कर्मचारी अपनी शिकायत, आवेदन या सामान्य पत्र बिना किसी रोक-टोक के जमा कर सकता है और उसकी पावती ले सकता है, जिसके लिए किसी अधिकारी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, वायरल वीडियो में सीएमएचओ डॉ. जे.एस. यादव साफ तौर पर कह रहे हैं कि आवक-जावक शाखा में उनकी अनुमति के बिना कोई भी पत्र या आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके इस नए नियम के मुताबिक, अब कार्यालय में कोई भी आवेदन देने से पहले उसे खुद सीएमएचओ से 'मार्क' (Approve) कराना अनिवार्य होगा। वायरल हो रहे इस वीडियो में डॉ. जे.एस. यादव अपने इस अजीबोगरीब फरमान के पक्ष में नाना प्रकार के तर्क देते और अपनी मर्जी चलाते दिखाई दे रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शासकीय कार्यप्रणाली के तहत आवक-जावक शाखा जनता और प्रशासन के बीच की एक पारदर्शी कड़ी होती है, और यदि वहां भी आवेदन जमा करने के लिए मुखिया की अनुमति अनिवार्य कर दी जाएगी, तो पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत आसानी से दर्ज नहीं करा पाएगा। इसे सीधे तौर पर जनता की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का प्रयास माना जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो और अधिकारी के इस कथित 'फरमान' पर वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।1
- भिंड जिले के रोनथाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मारुति ग्राम स्थित जसावली हनुमान मंदिर पर इन दिनों संगीतमय कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के साथ ही 108 कुंडीय महायज्ञ भी चल रहा है, जहाँ खनेता धाम सरकार के मुखारविंद से कथा कही जा रही है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु और भक्तिजन इस कथा का श्रवण पान कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में, कथा के आज के दिन शंकराचार्य ने मंदिर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामस्वरूपाचार्य महाराज, जो कामतानाथ प्रमुख चित्रकूट धाम से हैं, भी पधारे। इस दौरान कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री रामस्वरूप आचार्य महाराज के साथ सेगाय सनातन को लेकर चर्चा भी हुई।1
- एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 'दरी नहीं बिछाई जाएगी, बल्कि अब हिस्सेदारी और बराबरी की बात होगी।' इसके साथ ही, ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर के नाम पर मासूमों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। अपने इस राजनीतिक हुंकार के दौरान, ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी बिगुल फूँका। उन्होंने साफ किया कि अब अल्पसंख्यक समाज केवल दूसरों के लिए रैलियों में दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीति में अपनी उचित हिस्सेदारी की मांग करेगा। ओवैसी ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में हो रही पुलिस मुठभेड़ों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि एनकाउंटर के नाम पर मासूमों को बेवजह तकलीफ दी जा रही है। अपने दौरे के दौरान, उन्होंने बहराइच की मटेरा विधानसभा सीट से पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली को चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान भी किया।1
- सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या मेले के दौरान यातायात व्यवस्था का भारी अभाव देखा जा रहा है। इस अव्यवस्था के चलते मेले में आए श्रद्धालु और आम जनता कई घंटों से लगातार परेशान हो रही है।1