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सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या मेले के दौरान यातायात व्यवस्था का भारी अभाव देखा जा रहा है। इस अव्यवस्था के चलते मेले में आए श्रद्धालु और आम जनता कई घंटों से लगातार परेशान हो रही है।
राम बाबू
सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या मेले के दौरान यातायात व्यवस्था का भारी अभाव देखा जा रहा है। इस अव्यवस्था के चलते मेले में आए श्रद्धालु और आम जनता कई घंटों से लगातार परेशान हो रही है।
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- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सेंवढ़ा के प्रसिद्ध सनकुआं धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सिंध नदी के पवित्र तट पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जिन्होंने पवित्र स्नान कर भगवान के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्साह और उल्लास का माहौल भी देखने को मिला, जहाँ पूजन सामग्री, खिलौने, खाद्य पदार्थों और अन्य दुकानों पर भारी भीड़ रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मेले का आनंद लिया और सिंध नदी के घाटों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित नजर आई। सनकुआं धाम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, और मौके पर यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल अथवा ट्रैफिक कर्मी दिखाई नहीं दिए। नगर परिषद की व्यवस्थाओं में भी कमी दिखी, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, महिला श्रद्धालुओं हेतु कपड़ा बदलने की व्यवस्था और साफ-सफाई का अभाव रहा। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा पूर्व से ही यातायात प्रबंधन के उचित इंतजाम किए जाते तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनने से वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों और मेलों में भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।1
- मछण्ड चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोहचरा गांव में रात के समय चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाया। इन्द्रजीत सिंह, राकेश सिंह और सुजान सिंह के घरों में घुसकर चोरों ने लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। यह घटना मछण्ड चौकी क्षेत्र में चोरों के बढ़ते आतंक को दर्शाती है, जहाँ अब वे घरों में घुसकर भी लाखों का माल आसानी से उड़ा रहे हैं।1
- गोहद को 'गौ-हद धाम' के रूप में विकसित करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में इसे वास्तविक तथा ऐतिहासिक महत्व दिलाने के अभियान को एक नई गति मिली है। इस संबंध में आज गोहद विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय केशव देसाई को गोहद क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर गोहद की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन मंदिर परंपरा, चेदि साम्राज्य से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, अकोड़ा के नागवंशीय सिक्कों, 'गौ-हद धाम' की अवधारणा और 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' में गोहद को अंतिम पड़ाव के रूप में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कवि एवं सामाजिक चिंतक गौरव राज तेजस्वी, व्यवस्था परिवर्तन के संस्थापक पुखराज भटेले और अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक महोदय के समक्ष गोहद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विभिन्न तथ्य, स्थानीय जनभावनाएँ तथा क्षेत्र के विकास की संभावनाएँ रखीं। प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने के बाद विधायक केशव देसाई ने आश्वासन दिया कि यह विषय केवल एक नगर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और गौरव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और गोहद क्षेत्र के हित में हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ और शासन स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया, तो इस विषय को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी प्रभावी रूप से उठाया जाएगा, ताकि गोहद क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके और गोहद अब उपेक्षा का शिकार नहीं होगा। यह प्रयास मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'श्रीकृष्ण गमन पथ योजना' को उसके वास्तविक सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्वरूप तक पहुँचाने का है। यदि चंबल अंचल के गोहद, मितावली, सिहोनिया का ककनमठ, कुंतलपुर, कर्ण कुंड, गौरी सरोवर, गोहद किला तथा प्राचीन मंदिर परंपरा जैसे स्थलों का समुचित अध्ययन एवं विकास होता है, तो यह न केवल गोहद, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र के लिए एक नई पहचान का आधार बन सकता है।1
- दतिया के इंदरगढ़ स्थित सेवढ़ा सनकुआ सिंध घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का विराट जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का हुजूम घाट पर जुटने लगा, जिसमें हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे स्नान करने पहुंचे। अनुमान है कि देर शाम तक यह संख्या लगभग दो लाख तक पहुंच सकती है। इस विशाल भीड़ के बावजूद, सेवढ़ा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर केवल 10 से 15 पुलिसकर्मी ही तैनात दिखाई दे रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ने के कारण जाम की स्थिति बन रही है। श्रद्धालु बिना किसी रोक-टोक के सिंध नदी के बीच जाकर स्नान कर रहे हैं, और उन्हें रोकने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है। वीडियो में बच्चे भी नदी पार करते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले एक महीने में सनकुआं घाट पर डूबने से चार लोगों की मौतें हो चुकी हैं। आपदा प्रबंधन समिति का भी कुछ ही पुलिस बल मौके पर मौजूद है, जिससे भीड़ और उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों के बीच एक बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है। प्रशासन की इस ढीली व्यवस्था से गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। यदि कोई अप्रिय दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। आमजन और श्रद्धालु जाम से जूझते हुए भी सनकुआं घाट पर पहुंच रहे हैं, जबकि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने से खतरा लगातार मंडरा रहा है।2
- इंदरगढ़ में लोकमाता अहिल्या बाई होलकर और माता रमा बाई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महापुरुषों के सम्मान में एक संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में राकेश पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि फूल सिंह बरैया ने इसकी अध्यक्षता की। डॉ. अमित यादव जी और डॉ. कौशल यादव जी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक गायिका संजू बघेल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। इस भव्य आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लिया और सहभोज ग्रहण किया।1
- भांडेर नगर में चल रहे सुंदरकांड पाठ कार्यक्रम में सैकड़ों भक्तजन शामिल हुए। इस अवसर पर समाजसेवी मनीष पोद्दार ने वहां पहुंचे सभी श्रद्धालुओं और भक्तजनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जालौन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में कामयाबी हासिल की है।1
- दतिया जिले के सेवड़ा स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सनकुआं धाम में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु सिंध नदी में स्नान और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई और भगवान भरोसे नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है और दूर-दूर से पहुंचे लोग धार्मिक आस्था के साथ स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं, जिससे कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है और जाम जैसे हालात बन रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्याप्त पुलिसकर्मी न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक श्रद्धालु ने अपनी बाइट में प्रशासन से तत्काल पुलिस बल तैनात कर व्यवस्था संभालने की मांग की। श्रद्धालुओं ने यह चिंता भी व्यक्त की कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सनकुआं धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन भीड़ के अनुपात में ट्रैफिक प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था मिल सके।1