दिल्ली/लखनऊ: शुरू एप्प न्यूज के साथ उत्तर प्रदेश जिला मुख्यालय संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट अरौल सपा नेत्री रचना सिंह गौतम के आवास पर पहुंची पीड़ित महिलाओं ने अपनी आपबीती बताई कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना पूरा मामला योगी की पुलिस सबसे ज्यादा करती है अपराध दोषी को बताती है निर्दोष निर्दोष को बताती है दोषी आखिर कब तक चलता रहेगा ऐसा सिलसिला क्या न्यायालय के आगे पुलिस सर्वोच्च न्याय हो गई है पुलिस अपनी गाड़ी तो स्वयं ब्लैक शीशा लगवाए रहती है राहागीर की गाड़ियों चालान करती है UP पुलिस ऐसे ही मामला कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना का है खाकी की हनक या बेगुनाहों पर आफत? बकोठी पुरवा गांव के आंसू आखिर कौन पोंछेगा? विधानसभा बिल्हौर के थाना अरौल बकोठी पुरवा गांव की महिलाओं और बुजुर्गों का यह दर्द भरा वीडियो देखकर मन विचलित है। गांव वालों ने पुलिस प्रशासन पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर और रूह कंपा देने वाले हैं। ग्रामीणों की आपबीती के मुख्य अंश: ▪️ पीड़ित पूरे गांव के कुर्मी समाज का आरोप है कि पिछले 3 महीनों से पुलिस रात के 2 से 4 बजे के बीच 'चोरों' की तरह गांव में घुसती है। ▪️ बिना महिला पुलिस के, सादी वर्दी और प्राइवेट गाड़ियों में आकर घरों के दरवाजे तोड़े जाते हैं और महिलाओं के साथ अभद्रता की जाती है। ▪️ सबसे दुखद बात यह है कि मासूम छोटे-छोटे बच्चों को भी उठाकर ले जाया जा रहा है। उनके मन में खौफ भरा जा रहा है और उन्हें बेवजह अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है। ▪️ ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस असली मुजरिम को पकड़ने के बजाय निर्दोषों को उठा रही है और फिर उन्हें छोड़ने के नाम पर 'अवैध वसूली' का खेल चल रहा है। बर्बादी की कगार पर गांव: दहशत का आलम यह है कि पुरुष गांव छोड़कर भाग चुके हैं और खेत में खड़ी फसलें सूख रही हैं। निर्दोष कुर्मी समाज और गौतम समाज के परिवारों का यह उत्पीड़न किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। हमारी मांग: हम अपराधियों को सजा देने के पक्ष में हैं, लेकिन जांच के नाम पर बेगुनाहों और मासूम बच्चों का उत्पीड़न कतई स्वीकार्य नहीं है। मैं उच्चाधिकारियों से अपील करती हूं कि इस वीडियो का संज्ञान लेकर बकोठी पुरवा मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और बेगुनाह जनता को इस मानसिक और आर्थिक यातना से तुरंत मुक्ति मिलनी चाहिए।
दिल्ली/लखनऊ: शुरू एप्प न्यूज के साथ उत्तर प्रदेश जिला मुख्यालय संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट अरौल सपा नेत्री रचना सिंह गौतम के आवास पर पहुंची पीड़ित महिलाओं ने अपनी आपबीती बताई कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना पूरा मामला योगी की पुलिस सबसे ज्यादा करती है अपराध दोषी को बताती है निर्दोष निर्दोष को बताती है दोषी आखिर कब तक चलता रहेगा ऐसा सिलसिला क्या न्यायालय के आगे पुलिस सर्वोच्च न्याय हो गई है पुलिस अपनी गाड़ी तो स्वयं ब्लैक शीशा लगवाए रहती है राहागीर की गाड़ियों चालान करती है UP पुलिस ऐसे ही मामला कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना का है खाकी की हनक या बेगुनाहों पर आफत? बकोठी पुरवा गांव के आंसू आखिर कौन पोंछेगा? विधानसभा बिल्हौर के थाना अरौल बकोठी पुरवा गांव की महिलाओं और बुजुर्गों का यह दर्द भरा वीडियो
देखकर मन विचलित है। गांव वालों ने पुलिस प्रशासन पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर और रूह कंपा देने वाले हैं। ग्रामीणों की आपबीती के मुख्य अंश: ▪️ पीड़ित पूरे गांव के कुर्मी समाज का आरोप है कि पिछले 3 महीनों से पुलिस रात के 2 से 4 बजे के बीच 'चोरों' की तरह गांव में घुसती है। ▪️ बिना महिला पुलिस के, सादी वर्दी और प्राइवेट गाड़ियों में आकर घरों के दरवाजे तोड़े जाते हैं और महिलाओं के साथ अभद्रता की जाती है। ▪️ सबसे दुखद बात यह है कि मासूम छोटे-छोटे बच्चों को भी उठाकर ले जाया जा रहा है। उनके मन में खौफ भरा जा रहा है और उन्हें बेवजह अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है। ▪️ ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस
असली मुजरिम को पकड़ने के बजाय निर्दोषों को उठा रही है और फिर उन्हें छोड़ने के नाम पर 'अवैध वसूली' का खेल चल रहा है। बर्बादी की कगार पर गांव: दहशत का आलम यह है कि पुरुष गांव छोड़कर भाग चुके हैं और खेत में खड़ी फसलें सूख रही हैं। निर्दोष कुर्मी समाज और गौतम समाज के परिवारों का यह उत्पीड़न किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। हमारी मांग: हम अपराधियों को सजा देने के पक्ष में हैं, लेकिन जांच के नाम पर बेगुनाहों और मासूम बच्चों का उत्पीड़न कतई स्वीकार्य नहीं है। मैं उच्चाधिकारियों से अपील करती हूं कि इस वीडियो का संज्ञान लेकर बकोठी पुरवा मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और बेगुनाह जनता को इस मानसिक और आर्थिक यातना से तुरंत मुक्ति मिलनी चाहिए।
- कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश !! वादी द्वारा दिया गया वक्तव्य। सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित लूट की घटना संबंधी प्रकरण में अवगत कराना है कि दिनांक 16.02.2026 को श्यामनगर शताब्दी उद्यान मोड़ के पास मोटरसाइकिलों के बीच टक्कर के उपरांत मारपीट की घटना घटित हुई थी। पीड़ित मो० वाशिद पुत्र साबिर अली निवासी थाना नौबस्ता अपने साथी अरशद खान उर्फ सानू पुत्र मुमताज अहमद निवासी H-44 राजीव नगर मछरिया बाजार थाना नौबस्ता के साथ मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान दूसरी मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई, जिसके पश्चात दूसरी मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों एवं उनके दो अन्य साथियों द्वारा दोनों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची तथा पीड़ित से तहरीर देने हेतु कहा गया। प्रारंभिक अवस्था में प्रार्थी द्वारा घबराहट एवं मानसिक तनाव के कारण लूट की सूचना दी गई थी। तत्पश्चात प्रार्थी द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र उपलब्ध कराते हुए तथा वादी से की गई वार्ता/पूछताछ के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रथम दृष्टया लूट की सूचना असत्य है। प्रार्थी द्वारा स्पष्ट रूप से लूट की घटना से इंकार किया गया है तथा किसी प्रकार की विधिक कार्रवाई न किए जाने का अनुरोध किया गया है। अतः स्पष्ट किया जाता है कि पीड़ित द्वारा दी गई लिखित सूचना, उपलब्ध साक्ष्यों एवं वादी से की गई वार्ता/पूछताछ के आधार पर प्रथम दृष्टया लूट की घटना असत्य पाई गई है। हालाँकि, मारपीट की घटना में सम्मिलित व्यक्तियों की पहचान एवं घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हेतु पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस एवं स्थानीय अभिसूचना के माध्यम से आवश्यक जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बाइट-पुलिस उपायुक्त पूर्वी श्री सत्यजीत गुप्ता।1
- दिल्ली/लखनऊ: शुरू एप्प न्यूज के साथ उत्तर प्रदेश जिला मुख्यालय संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट अरौल सपा नेत्री रचना सिंह गौतम के आवास पर पहुंची पीड़ित महिलाओं ने अपनी आपबीती बताई कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना पूरा मामला योगी की पुलिस सबसे ज्यादा करती है अपराध दोषी को बताती है निर्दोष निर्दोष को बताती है दोषी आखिर कब तक चलता रहेगा ऐसा सिलसिला क्या न्यायालय के आगे पुलिस सर्वोच्च न्याय हो गई है पुलिस अपनी गाड़ी तो स्वयं ब्लैक शीशा लगवाए रहती है राहागीर की गाड़ियों चालान करती है UP पुलिस ऐसे ही मामला कानपुर कमिश्नरेट अरौल थाना का है खाकी की हनक या बेगुनाहों पर आफत? बकोठी पुरवा गांव के आंसू आखिर कौन पोंछेगा? विधानसभा बिल्हौर के थाना अरौल बकोठी पुरवा गांव की महिलाओं और बुजुर्गों का यह दर्द भरा वीडियो देखकर मन विचलित है। गांव वालों ने पुलिस प्रशासन पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर और रूह कंपा देने वाले हैं। ग्रामीणों की आपबीती के मुख्य अंश: ▪️ पीड़ित पूरे गांव के कुर्मी समाज का आरोप है कि पिछले 3 महीनों से पुलिस रात के 2 से 4 बजे के बीच 'चोरों' की तरह गांव में घुसती है। ▪️ बिना महिला पुलिस के, सादी वर्दी और प्राइवेट गाड़ियों में आकर घरों के दरवाजे तोड़े जाते हैं और महिलाओं के साथ अभद्रता की जाती है। ▪️ सबसे दुखद बात यह है कि मासूम छोटे-छोटे बच्चों को भी उठाकर ले जाया जा रहा है। उनके मन में खौफ भरा जा रहा है और उन्हें बेवजह अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है। ▪️ ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस असली मुजरिम को पकड़ने के बजाय निर्दोषों को उठा रही है और फिर उन्हें छोड़ने के नाम पर 'अवैध वसूली' का खेल चल रहा है। बर्बादी की कगार पर गांव: दहशत का आलम यह है कि पुरुष गांव छोड़कर भाग चुके हैं और खेत में खड़ी फसलें सूख रही हैं। निर्दोष कुर्मी समाज और गौतम समाज के परिवारों का यह उत्पीड़न किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। हमारी मांग: हम अपराधियों को सजा देने के पक्ष में हैं, लेकिन जांच के नाम पर बेगुनाहों और मासूम बच्चों का उत्पीड़न कतई स्वीकार्य नहीं है। मैं उच्चाधिकारियों से अपील करती हूं कि इस वीडियो का संज्ञान लेकर बकोठी पुरवा मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और बेगुनाह जनता को इस मानसिक और आर्थिक यातना से तुरंत मुक्ति मिलनी चाहिए।3
- रिटायर्ड फौजी ने अपने ही परिवार की गोली मार कर की हत्या इसके बाद रिटायर्ड फौजी ने रेलवे ट्रैक पर जाकर अपने जीवन को किया समाप्त मृतक के बड़े भाई ने की निष्पक्ष जांच करने की मांग1
- *थाना सचेंडी* क्षेत्रांतर्गत आरसीआरटी कॉलेज में एसएससी एमटीएस परीक्षा के दौरान सर्वर समस्या के कारण एंट्री में विलंब हुआ, जिससे कुछ छात्र आक्रोशित हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, छात्रों को समझाकर शांत कराया गया और सर्वर समस्या का समाधान करा दिया गया। वर्तमान में स्थिति सामान्य है तथा परीक्षा सुचारू रूप से चल रही है, *पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी* द्वारा दी गयी बाइट ।1
- स्थान: लोनी (ट्रोनिका सिटी), गाजियाबाद मुख्य समाचार: गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी इलाके में रविवार दोपहर को डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों और पुलिस के बीच जबरदस्त झड़प हो गई। काफी समय से चल रहा यह विरोध प्रदर्शन आज हिंसक हो गया, जिसमें जमकर पथराव और लाठीचार्ज हुआ। क्या है पूरा मामला? * विरोध का कारण: स्थानीय ग्रामीण रिहायशी इलाके के पास डंपिंग ग्राउंड (कूड़ा निस्तारण केंद्र) बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। हंगामे की शुरुआत: जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाने और कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई। हिंसा: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में ग्रामीणों की तरफ से भी पथराव की खबरें आई हैं। पुलिस बल तैनात: मौके पर भारी तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन का रुख: प्रशासन का कहना है कि कूड़ा निस्तारण प्लांट सरकारी प्रोजेक्ट है और इसमें बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि ग्रामीण इसे स्वास्थ्य के लिए खतरा बता रहे हैं। आपकी क्या राय है? > क्या रिहायशी इलाकों और गांवों के करीब डंपिंग ग्राउंड बनाना सही है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें और ऐसी ही लोकल खबरों के लिए हमें फॉलो करें।1
- कन्नौज व्यूरो रिपोर्ट कन्नौज में यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा में इस बार 47505 स्टूडेंट शामिल होंगे यह परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी ।1
- 📰 समाचार शैली में खबर Kannauj जिले में बड़ी संख्या में साँप निकलने से दहशत कन्नौज जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बड़ी संख्या में साँप निकलने से लोगों में भय का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से घरों और खेतों के आसपास लगातार साँप दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में नमी और बारिश के कारण साँप अपने बिलों से बाहर आ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं, बल्कि सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत 112 पर संपर्क करें।1
- कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश !! संदिग्ध अवस्था में कई घंटे से सड़क किनारे पड़ा हुआ है शव !! सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस। आस पास मौजूद लोगों का कहना कोई फेक कर भाग गया। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के परमट मंदिर के रैन बसेरा के सामने का मामला।1