*ड्यूटी के दौरान सोनू शर्मा एवं शैलेश त्रिपाठी के उत्पीड़न, धमकी और टॉर्चर से EMT विजय यादव को आया हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज — मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती* *गोरखपुर से दुखद खबर* *ड्यूटी के दौरान सोनू शर्मा एवं शैलेश त्रिपाठी के उत्पीड़न, धमकी और टॉर्चर से EMT विजय यादव को आया हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज — मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती* *जनपद गोरखपुर* 102 एंबुलेंस सेवा में तैनात EMT विजय यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्रेन हेमरेज की सूचना के बाद उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। गोरखपुर के पिपरौली क्षेत्र में 102 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत विजय यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले हार्ट अटैक आया, जिसके बाद ब्रेन हेमरेज हुआ और हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों में चिंता का माहौल है। गंभीर आरोप भी सामने आए हैं प्राप्त जानकारी और पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि पिछले लगभग एक महीने से सोनू शर्मा और शैलेश त्रिपाठी द्वारा विजय यादव पर फर्जी केस (20 से 25) और 250 किलोमीटर तक एंबुलेंस फर्जी चलाने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि ऐसा न करने पर 300 किलोमीटर दूर ट्रांसफर या नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही थी। इसके अलावा, RM दिग्विजय मौर्य के निर्देश पर काम करते हुए लगातार दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं EME सोनू शर्मा और EME शैलेश त्रिपाठी पर मानसिक दबाव, टॉर्चर और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। लगातार ड्यूटी का भी मामला बताया जा रहा है कि विजय यादव मूल रूप से गाजीपुर जनपद के निवासी हैं और पिछले डेढ़ से दो महीनों से लगातार दिन-रात (करीब 24 घंटे) ड्यूटी कर रहे थे। ऐसे में अत्यधिक कार्य दबाव और मानसिक तनाव को भी उनकी हालत बिगड़ने की संभावित वजह माना जा रहा है। पहले भी दी गई थी जानकारी दावा किया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई दिनों से खबरों के माध्यम से गोरखपुर प्रशासन को अवगत कराया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ा सवाल क्या लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक दबाव इस गंभीर स्थिति की वजह बना? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? मांग तेज इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए अब निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है— पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए एंबुलेंस कर्मियों की कार्य परिस्थितियों की तत्काल समीक्षा हो लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक उत्पीड़न जैसे मामलों पर स्पष्ट नीति बनाई जाए अब कार्रवाई जरूरी यह मामला केवल एक कर्मचारी की गंभीर हालत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी एंबुलेंस सेवा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को इस तरह के दबाव और उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। फिलहाल विजय यादव का इलाज जारी है और पूरे मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
*ड्यूटी के दौरान सोनू शर्मा एवं शैलेश त्रिपाठी के उत्पीड़न, धमकी और टॉर्चर से EMT विजय यादव को आया हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज — मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती* *गोरखपुर से दुखद खबर* *ड्यूटी के दौरान सोनू शर्मा एवं शैलेश त्रिपाठी के उत्पीड़न, धमकी और टॉर्चर से EMT विजय यादव को आया हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज — मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती* *जनपद गोरखपुर* 102 एंबुलेंस सेवा में तैनात EMT विजय यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्रेन हेमरेज की सूचना के बाद उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। गोरखपुर के पिपरौली क्षेत्र में 102 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत विजय यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले हार्ट अटैक आया, जिसके बाद ब्रेन हेमरेज हुआ और हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों में चिंता का माहौल है। गंभीर आरोप भी सामने आए हैं प्राप्त जानकारी और पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि पिछले लगभग एक महीने से सोनू शर्मा और शैलेश त्रिपाठी द्वारा विजय यादव पर फर्जी केस (20 से 25) और 250 किलोमीटर तक एंबुलेंस फर्जी चलाने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि ऐसा न करने पर 300 किलोमीटर दूर ट्रांसफर या नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही थी। इसके अलावा, RM दिग्विजय मौर्य के निर्देश पर काम करते हुए लगातार दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं EME सोनू शर्मा और EME शैलेश त्रिपाठी पर मानसिक दबाव, टॉर्चर और धमकी देने के गंभीर
आरोप सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। लगातार ड्यूटी का भी मामला बताया जा रहा है कि विजय यादव मूल रूप से गाजीपुर जनपद के निवासी हैं और पिछले डेढ़ से दो महीनों से लगातार दिन-रात (करीब 24 घंटे) ड्यूटी कर रहे थे। ऐसे में अत्यधिक कार्य दबाव और मानसिक तनाव को भी उनकी हालत बिगड़ने की संभावित वजह माना जा रहा है। पहले भी दी गई थी जानकारी दावा किया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई दिनों से खबरों के माध्यम से गोरखपुर प्रशासन को अवगत कराया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ा सवाल क्या लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक दबाव इस गंभीर स्थिति की वजह बना? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? मांग तेज इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए अब निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है— पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए एंबुलेंस कर्मियों की कार्य परिस्थितियों की तत्काल समीक्षा हो लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक उत्पीड़न जैसे मामलों पर स्पष्ट नीति बनाई जाए अब कार्रवाई जरूरी यह मामला केवल एक कर्मचारी की गंभीर हालत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी एंबुलेंस सेवा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को इस तरह के दबाव और उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। फिलहाल विजय यादव का इलाज जारी है और पूरे मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
- *गोरखपुर से दुखद खबर* *ड्यूटी के दौरान सोनू शर्मा एवं शैलेश त्रिपाठी के उत्पीड़न, धमकी और टॉर्चर से EMT विजय यादव को आया हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज — मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती* *जनपद गोरखपुर* 102 एंबुलेंस सेवा में तैनात EMT विजय यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। ब्रेन हेमरेज की सूचना के बाद उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। गोरखपुर के पिपरौली क्षेत्र में 102 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत विजय यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले हार्ट अटैक आया, जिसके बाद ब्रेन हेमरेज हुआ और हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों में चिंता का माहौल है। गंभीर आरोप भी सामने आए हैं प्राप्त जानकारी और पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि पिछले लगभग एक महीने से सोनू शर्मा और शैलेश त्रिपाठी द्वारा विजय यादव पर फर्जी केस (20 से 25) और 250 किलोमीटर तक एंबुलेंस फर्जी चलाने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि ऐसा न करने पर 300 किलोमीटर दूर ट्रांसफर या नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही थी। इसके अलावा, RM दिग्विजय मौर्य के निर्देश पर काम करते हुए लगातार दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं EME सोनू शर्मा और EME शैलेश त्रिपाठी पर मानसिक दबाव, टॉर्चर और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। लगातार ड्यूटी का भी मामला बताया जा रहा है कि विजय यादव मूल रूप से गाजीपुर जनपद के निवासी हैं और पिछले डेढ़ से दो महीनों से लगातार दिन-रात (करीब 24 घंटे) ड्यूटी कर रहे थे। ऐसे में अत्यधिक कार्य दबाव और मानसिक तनाव को भी उनकी हालत बिगड़ने की संभावित वजह माना जा रहा है। पहले भी दी गई थी जानकारी दावा किया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई दिनों से खबरों के माध्यम से गोरखपुर प्रशासन को अवगत कराया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ा सवाल क्या लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक दबाव इस गंभीर स्थिति की वजह बना? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? मांग तेज इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए अब निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है— पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए एंबुलेंस कर्मियों की कार्य परिस्थितियों की तत्काल समीक्षा हो लगातार 24 घंटे ड्यूटी और मानसिक उत्पीड़न जैसे मामलों पर स्पष्ट नीति बनाई जाए अब कार्रवाई जरूरी यह मामला केवल एक कर्मचारी की गंभीर हालत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी एंबुलेंस सेवा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को इस तरह के दबाव और उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। फिलहाल विजय यादव का इलाज जारी है और पूरे मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।2
- आजमगढ़: बैंक की लापरवाही से बुजुर्ग की मौत का आरोप, वीडियो वायरल #Azamgarh #BreakingNews #BankNegligence #ViralVideo #UPNews #Bardah #GraminBank #JusticeForMagan #fecbookpost1
- Post by Satyavan Chauhan1
- मऊ में तेज रफ्तार का कहर, स्कॉर्पियो ने मचाई तबाही – 14 वर्षीय बालक गंभीर मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में सोमवार दोपहर तेज रफ्तार का खौफनाक हादसा सामने आया। आजमगढ़–मुहम्मदाबाद गोहना मार्ग पर बनियापार के पास अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने साइकिल सवार 14 वर्षीय आकाश चौहान को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल पूरी तरह टूट गई। इसके बाद बेकाबू स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी एक कार को टक्कर मारते हुए बिजली के पोल से जा भिड़ी, जिससे पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। घायल आकाश को स्थानीय लोगों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि वह सरसों लेकर कोल्हू जा रहा था। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।1
- Post by Umesh nishad azamgarh Umesh az1
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- नए छात्रों को मिलेगा मुफ्त टैबलेट, डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में, अभिभावकों-छात्रों से जल्द नामांकन की अपील दैनिक भास्कर दूत संतकबीरनगर: जनपद के प्रतिष्ठित एवं अग्रणी शिक्षण संस्थान सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खलीलाबाद में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां जोर-शोर से पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की है कि कक्षा 11 (फर्स्ट ईयर) की नियमित कक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू हो जाएंगी। सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद संस्थान अब उच्च शिक्षा के स्तर पर भी नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में नए सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन और प्रवेश प्रक्रिया तेजी से जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक पहुंचकर नामांकन करा रहे हैं। विद्यालय की विशेष पहल के तहत इस वर्ष कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को निशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक एवं डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान का संचालन 2 अप्रैल से सुचारू रूप से जारी है तथा प्रवेश प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने अभिभावकों एवं छात्रों से अपील की है कि जो विद्यार्थी अभी तक नामांकन नहीं करा पाए हैं, वे जल्द से जल्द प्रवेश सुनिश्चित कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 अप्रैल से कक्षाएं अनिवार्य रूप से प्रारंभ हो जाएंगी, इसलिए समय से प्रवेश लेना आवश्यक है, ताकि छात्र सत्र के पहले दिन से ही नियमित पढ़ाई शुरू कर सकें।2
- आजमगढ़ अवैध हथियार लगाने का वीडियो वायरल1