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इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निवेश पर आबकारी विभाग की कार्रवाई विदुर नगर इंदौर आज कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन व सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में विधुर नगर में आरोपी संजय मिश्रा के घर 102 B विधुर नगर से भांग के अवैध धारण का प्रकरण पंजी बद्ध किया गया. कुल 1182 किलोग्राम भांग बुरादा मौके से आरोपी के कब्जे से बरामद कर जप्त किया.जिसका बाजार मूल्य लगभग 236400 रुपए है.कार्यवाही कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल सहायक जिला आबकारी अधिकारी राघवेंद्र कुशवाह व कमलेश सोलंकी (उड़न दस्ता प्रभारी अधिकारी )द्वारा की गई जिसमें आरक्षक मुकेश रावत व अजय का सराहनीय योगदान रहा.
Naseem Khan
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निवेश पर आबकारी विभाग की कार्रवाई विदुर नगर इंदौर आज कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन व सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में विधुर नगर में आरोपी संजय मिश्रा के घर 102 B विधुर नगर से भांग के अवैध धारण का प्रकरण पंजी बद्ध किया गया. कुल 1182 किलोग्राम भांग बुरादा मौके से आरोपी के कब्जे से बरामद कर जप्त किया.जिसका बाजार मूल्य लगभग 236400 रुपए है.कार्यवाही कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल सहायक जिला आबकारी अधिकारी राघवेंद्र कुशवाह व कमलेश सोलंकी (उड़न दस्ता प्रभारी अधिकारी )द्वारा की गई जिसमें आरक्षक मुकेश रावत व अजय का सराहनीय योगदान रहा.
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- इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निवेश पर आबकारी विभाग की कार्रवाई विदुर नगर इंदौर आज कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन व सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में विधुर नगर में आरोपी संजय मिश्रा के घर 102 B विधुर नगर से भांग के अवैध धारण का प्रकरण पंजी बद्ध किया गया. कुल 1182 किलोग्राम भांग बुरादा मौके से आरोपी के कब्जे से बरामद कर जप्त किया.जिसका बाजार मूल्य लगभग 236400 रुपए है.कार्यवाही कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल सहायक जिला आबकारी अधिकारी राघवेंद्र कुशवाह व कमलेश सोलंकी (उड़न दस्ता प्रभारी अधिकारी )द्वारा की गई जिसमें आरक्षक मुकेश रावत व अजय का सराहनीय योगदान रहा.1
- एंकर - पिछले दिनों इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सागर टाउनशिप के समृद्धि एन्क्लेव में पिता पुत्र की कार से कुचलकर एक महिला इंजीनियर की मौत हो गई थी अब इस मामले मे मृतका के परिजनों की ओर से वाहन मालिक और बीमा कंपनी को पक्षकार बनाते हुए 5 करोड़ 65 लाख रुपये का मुआवजा दावा प्रस्तुत किया गया है वी ओ - दरअसल पूरा मामला मार्च 2026 का है जब पेंट हाउस किराए पर देने के विवाद में लसूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सागर टाउनशिप के समृद्धि एन्क्लेव में पिता पुत्र की कार से कुचलकर इंफोसिस में कार्यरत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला शंपा पाठक की मौत हो गई थी यह एक दुखद और गंभीर घटना थी जिसने एक परिवार की ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी मृतका शंपा पाठक एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थीं इस हादसे के बाद उनके परिजनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की है परिवार की ओर से वाहन मालिक और बीमा कंपनी को पक्षकार बनाते हुए 5 करोड़ 65 लाख रुपये का मुआवजा दावा प्रस्तुत किया गया है अधिवक्ता अरुण त्रिपाठी ने बताया कि मृतका की आमदनी को देखते हुए यह क्लेम प्रस्तुत किया गया है वहीं अधिवक्ता अरुण त्रिपाठी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत, यदि किसी वाहन के उपयोग के दौरान दुर्घटना होती है और वाहन बीमित है, तो बीमा कंपनी मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकती है गौरतलब है कि इस मामले मे पुलिस द्वारा पहले ही आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की गई है बाईट - अरुण त्रिपाठी, अधिवक्ता3
- इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र की प्रदेश की सबसे बड़ी चोइथराम मंडी का इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स एक युवक को चाकू लहराकर मारने की धमकी दे रहा है पुलिस द्वारा वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है ।1
- इंदौर में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप पर खुली आंखों के बाउजूद चोरी वारदात बालियां देखने के बहाने सोने का पाउच ले उड़ा चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात चंदन नगर पुलिस मामले में जांच शुरू की है 6 लाख से अधिक की सोने की बलि ले जाने का है मामला इन्दौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र के जवाहर टेकरी इलाके में एक अज्ञात चोर ने बड़ी चतुराई से एक ज्वेलरी शॉप को अपना निशाना बनाया। गहने खरीदने का बहाना बनाकर दुकान में घुसे बदमाश ने दुकानदार को बातों में उलझाया और मौके का फायदा उठाकर सोने से भरा पाउच चोरी कर लिया। वारदात के बाद आरोपी बड़ी ही सफाई से दुकान से बाहर निकल गया। पुलिस के मुताबिक फरियादी आशीष पिता गिरधर सोनी निवासी द्वारकापुरी ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति उनकी जवाहर टेकरी स्थित दुकान पर आया। उसने आते ही आशीष से छोटे बच्चों की बालियां दिखाने को कहा। जब आशीष ने बालियां दिखाईं, तो आरोपी ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि उसे ये पसंद नहीं हैं।दुकानदार जब पेटी में से अन्य फैंसी बालियां निकाल रहा था, तो आरोपी लगातार उसे यह कहकर भ्रमित करता रहा कि यह नहीं, मुझे दूसरी बाली दिखाओ।इसी बीच जब दुकानदार का ध्यान दूसरी तरफ गया, तो शातिर आरोपी ने सोने से भरा एक पाउच अपनी उंगलियों में छिपा लिया। चोरी करने के तुरंत बाद आरोपी ने दुकानदार से कहा, चलो रहने दो, आपकी बालियां मुझे पसंद नहीं आ रही हैं और दुकान से निकलकर फरार हो गया।फरियादीआशीष को कुछ देर बाद चोरी का अहसास हुआ, लेकिन तब तक बदमाश काफी दूर निकल चुका था। फरियादी ने तुरंत चंदन नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दुकान और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। बाइट पराग सैनी, एसीपी इंदौर1
- Post by PM NEWS1
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- Post by V k Vishwakarma1
- यह एक गंभीर मामला है जो स्थानीय प्रशासन और भू-राजस्व प्रणाली की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है। इस पूरी घटना के मुख्य बिंदुओं और निहितार्थों को नीचे दिए गए सारांश में समझा जा सकता है: घटना का मुख्य विवरण धोखाधड़ी का स्वरूप: आरोपी राहुल प्रजापत (प्रजातियां) पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर पुजारी की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने और उसे अवैध रूप से बेचने का आरोप है। पीड़ित की स्थिति: पीड़ित एक पुजारी है, जिसने न केवल अपनी संपत्ति खोई है बल्कि वह अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को भी मजबूर है। प्रशासनिक ढिलाई: तहसील कार्यालय में बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक जमीन की वापसी या आरोपी की गिरफ्तारी के ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। जांच और कार्रवाई के प्रमुख पहलू इस मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका निम्नलिखित चरणों में महत्वपूर्ण है: दस्तावेजों की जांच: यह देखना आवश्यक है कि बिना मूल मालिक की उपस्थिति के 'रजिस्ट्री' या 'नामांतरण' (Mutation) की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई। क्या इसमें तहसील कर्मचारियों की भी मिलीभगत है? आरोपी की गिरफ्तारी: आरोपी के अभी तक बाहर रहने से पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द गिरफ्तारी आवश्यक है। राजस्व न्यायालय में मामला: जमीन वापस पाने के लिए पीड़ित को तहसील स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड को फिर से सुधारने (Correction of Records) की प्रक्रिया तेज करनी होगी। प्रशासन के समक्ष चुनौतियां1