गत दिन पूर्व थाना घोसी की सरकारी जीप में पीछे से टक्कर मारकर भागी ट्रेलर के चालक को किया गया गिरफ्तार मऊ । पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ कमलेश बहादुर के आदेश के अनुपालन में वांछित/संदिग्ध व्यक्ति/जिला बदर तथा इनामिया अपराधियो, व जनपद में हो रही चोरी, लूट तथा मुकदमें मे वांछित अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक अनुप कुमार, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना घोसी की पुलिस टीम द्वारा दिनांक दिनांक 29/30 अप्रैल 2026 की रात्रि समय 00.30 बजे सरकारी जीप वाहन संख्या UP54G0186 में रात्रि जिसमें उ0नि0 विनोद कुमार सिंह, हे0का0 पवन कुमार यादव, हे0का0 प्रीतम व पीआरडी ओमप्रकाश गस्त कर रहे थे पीछे से तेज रफ्तार से आई अज्ञात ट्रेलर जिसका चालक तेजी व लापरवाही से चलाता हुआ आकर गोरखपुर-मऊ हाईवे पर बनियापार मोड के पास जोरदार टक्कर मार देने से उक्त सरकारी जीप पुलिया के निचे करीब 6 फुट गढ्ढे में चली गयी थी जिससे उस पर गस्त कर रहे उक्त पुलिसकर्मी गम्भीर रूप से घायल हो गये थे जिन्हे तत्काल सीएचसी घोसी लाकर प्राथमिक उपचार के पश्चात जिला अस्पताल मऊ ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान हे0का0 पवन कुमार यादव की दुखद मृत्यू हो गयी थी जिस सम्बन्ध में दिनांक 30 अप्रैल 2026 की रात्रि में ही थाना हाजा पर वादी उ0नि0 दिवाकर राणा (हल्का प्रभारी हाइवे) के लिखित तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 168/26 धारा 281/125(a)/125(b)/106(1) बीएनएस पंजीकृत किया गया था जिसकी विवेचना उ0नि0 अविनाश कुमार यादव को सुपुर्द की गयी थी। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक मऊ द्वारा अज्ञात ट्रेलर व चालक की तलाश हेतु एसओजी टीम के साथ ही चार टीमों का गठन किया गया था जिनके द्वारा घटना स्थल के दोनो तरफ के व गोरखपुर से लेकर बलिया व गाजीपुर हाइवे पर लगे व आस पास लगे सीसीटीवी को देखा गया था जिसमें ट्रेलर नं0 BR28GB7304 अठ्ठारह चक्का प्रकाश मे आया जिसके आधार पर उसके मालिक बिन्द्रेश कशोधन से वार्ता करने के पश्चात उसके चालक संतोष यादव पुत्र मनोहर यादव नि0 रौतार निचलौल जिला महाराजगंज उत्तरप्रदेश का नाम व मो0नं0 मालुम चला। चालक के मो0नं0 का सीडीआर के आधार पर लोकेशन लेने पर उसका लोकेशन भी घटना स्थल पर पाया गया। सीसीटीवी फुटेज व लोकेशन के आधार पर अभियुक्त/चालक संतोष यादव का नाम प्रकाश मे आने पर उसके मो0नं0 व मुखबिर खास की सूचना के आधार पर शनिवार को प्रातः करीब 6.15 बजे उक्त चालक को मय ट्रेलर के एसओजी टीम के मदद से थाना घोसी के पुलिस द्वारा मझवारा बाजार तिराहा पर हिरासत पुलिस व कब्जा पुलिस लिया गया। पूछताछ में चालक संतोष यादव उपरोक्त द्वारा अपनी गलती स्वीकार की गयी। अतः घटना मे प्रयुक्त ट्रेलर नं0 BR28GB7304 अठ्ठारह चक्का को थाना घोसी पर लाकर खडा कराते हुए गिरफ्तारशुदा अभियुक्त के विरुध्द नियमानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए मा0न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
गत दिन पूर्व थाना घोसी की सरकारी जीप में पीछे से टक्कर मारकर भागी ट्रेलर के चालक को किया गया गिरफ्तार मऊ । पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ कमलेश बहादुर के आदेश के अनुपालन में वांछित/संदिग्ध व्यक्ति/जिला बदर तथा इनामिया अपराधियो, व जनपद में हो रही चोरी, लूट तथा मुकदमें मे वांछित अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक अनुप कुमार, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना घोसी की पुलिस टीम द्वारा दिनांक दिनांक 29/30 अप्रैल 2026 की रात्रि समय 00.30 बजे सरकारी जीप वाहन संख्या UP54G0186 में रात्रि जिसमें उ0नि0 विनोद कुमार सिंह, हे0का0 पवन कुमार यादव, हे0का0 प्रीतम व पीआरडी ओमप्रकाश गस्त कर रहे थे पीछे से तेज रफ्तार से आई अज्ञात ट्रेलर जिसका चालक तेजी व लापरवाही से चलाता हुआ आकर गोरखपुर-मऊ हाईवे पर बनियापार मोड के पास जोरदार टक्कर मार देने से उक्त सरकारी जीप पुलिया के निचे करीब 6 फुट गढ्ढे में चली गयी थी जिससे उस पर गस्त कर रहे उक्त पुलिसकर्मी गम्भीर रूप से घायल हो गये थे जिन्हे तत्काल सीएचसी घोसी लाकर प्राथमिक उपचार के पश्चात जिला अस्पताल मऊ ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान हे0का0 पवन कुमार यादव की दुखद मृत्यू हो गयी थी जिस सम्बन्ध में दिनांक 30 अप्रैल 2026 की रात्रि में ही थाना हाजा पर वादी उ0नि0 दिवाकर राणा (हल्का प्रभारी हाइवे) के लिखित तहरीर
के आधार पर मु0अ0सं0 168/26 धारा 281/125(a)/125(b)/106(1) बीएनएस पंजीकृत किया गया था जिसकी विवेचना उ0नि0 अविनाश कुमार यादव को सुपुर्द की गयी थी। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक मऊ द्वारा अज्ञात ट्रेलर व चालक की तलाश हेतु एसओजी टीम के साथ ही चार टीमों का गठन किया गया था जिनके द्वारा घटना स्थल के दोनो तरफ के व गोरखपुर से लेकर बलिया व गाजीपुर हाइवे पर लगे व आस पास लगे सीसीटीवी को देखा गया था जिसमें ट्रेलर नं0 BR28GB7304 अठ्ठारह चक्का प्रकाश मे आया जिसके आधार पर उसके मालिक बिन्द्रेश कशोधन से वार्ता करने के पश्चात उसके चालक संतोष यादव पुत्र मनोहर यादव नि0 रौतार निचलौल जिला महाराजगंज उत्तरप्रदेश का नाम व मो0नं0 मालुम चला। चालक के मो0नं0 का सीडीआर के आधार पर लोकेशन लेने पर उसका लोकेशन भी घटना स्थल पर पाया गया। सीसीटीवी फुटेज व लोकेशन के आधार पर अभियुक्त/चालक संतोष यादव का नाम प्रकाश मे आने पर उसके मो0नं0 व मुखबिर खास की सूचना के आधार पर शनिवार को प्रातः करीब 6.15 बजे उक्त चालक को मय ट्रेलर के एसओजी टीम के मदद से थाना घोसी के पुलिस द्वारा मझवारा बाजार तिराहा पर हिरासत पुलिस व कब्जा पुलिस लिया गया। पूछताछ में चालक संतोष यादव उपरोक्त द्वारा अपनी गलती स्वीकार की गयी। अतः घटना मे प्रयुक्त ट्रेलर नं0 BR28GB7304 अठ्ठारह चक्का को थाना घोसी पर लाकर खडा कराते हुए गिरफ्तारशुदा अभियुक्त के विरुध्द नियमानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए मा0न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
- मऊ। आपरेशन क्लीन आभियान के तहत पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में बरामद/मुकदमाती मालों/अबैध शराब का कराया जा रहा विनिष्टीकरण, शराब विनिष्टीकरण के तहत मा0 न्यायालय के आदेश के क्रम में शनिवार को नायब तहसीलदार सदर मऊ शेषमणि, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र सिंह व प्रभारी निरीक्षक थाना कोपागंज की उपस्थिति में थाना कोपागंज में कुल 20 अभियोंग से संबंधित अबैध कच्ची व देशी शराब कुल मात्रा (40 ली0) गिराकर विनिष्टीकरण कराया गया ।1
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- Post by Ramjanam Ramjansm Sinh1
- जबलपुर क्रूज हादसे के बाद वाराणसी पुलिस ने भी कसी कमर...! जबलपुर क्रूज हादसे के बाद प्रशासन ने वाराणसी में सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने घाटों और प्रमुख स्थलों पर व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- भाई 🙏 भाई1
- आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में सिधारी थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एक अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग कूट रचित (फर्जी) फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुख्य बिंदु: कुल आउटवर्ड सप्लाई: 41 करोड़ 93 लाख रुपये। राजस्व की चोरी (ITC): 7 करोड़ 54 लाख रुपये। गिरफ्तारी: थाना सिधारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा। अपराध का तरीका: फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाना। घटना का विवरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार द्वारा अपराधियों और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, सिधारी पुलिस और साइबर सेल को एक बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि एक अंतरराज्यीय गैंग सक्रिय है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर व्यापारिक फर्में पंजीकृत कराता है। यह गैंग कागजों पर करोड़ों रुपये का लेनदेन (आउटवर्ड सप्लाई) दिखाकर सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करता था, जबकि वास्तव में कोई माल सप्लाई नहीं किया जाता था। 42 करोड़ का फर्जीवाड़ा पुलिस की जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने करीब 41 करोड़ 93 लाख रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाई थी। इस आधार पर उन्होंने 7 करोड़ 54 लाख रुपये के टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई। पुलिस टीम की सराहना इस बड़ी सफलता पर आईजी आजमगढ़ रेंज और पुलिस मुख्यालय द्वारा टीम के उत्साहवर्धन की बात कही गई है। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।1
- बिल्थरारोड उभांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनाडीह चट्टी के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और ओवरटेक करने के प्रयास में एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक सहित कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा चालक ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने मानवता दिखाते हुए सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायल ई-रिक्शा चालक की हालत नाजुक देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है।4
- मऊ । जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में तहसील मधुबन में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को सुनने के उपरांत उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 140 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें सर्वाधिक राजस्व विभाग की 80 तथा पुलिस विभाग की 10 शिकायत थी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान प्राप्त कुल शिकायतों में से 20 का तत्काल निस्तारण किया तथा 3 शिकायतों के निस्तारण हेतु मौके पर टीमें भेजी गई। शेष शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को प्रेषित कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए किसी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखते हुए पीड़ितों को संतोषजनक समाधान प्रदान किया जाए। इस दौरान उप जिलाधिकारी मधुबन सत्य प्रकाश सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।4