गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा तटबंधों से लेकर निचले इलाकों तक निगरानी तेज, स्थानीय लोगों से संवाद कर तैयारियों का लिया फीडबैक मुजफ्फरपुर, 26 अगस्त 2026। नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और इसके कारण गंडक नदी के जलप्रवाह में संभावित अचानक वृद्धि को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर ने बुधवार को विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ रेवा घाट सहित गंडक नदी के किनारे स्थित कई संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, नदी के जलस्तर तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। स्थानीय लोगों से भी लिया फीडबैक निरीक्षण के दौरान डीएम एवं एसएसपी ने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की स्थिति एवं उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे प्रशासन के संपर्क में रहें और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्थानीय निवासियों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। “पैनिक न हों, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें” जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में सामान्य जनजीवन कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बिल्कुल पैनिक न हों, लेकिन सजग और सतर्क रहें। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। अफवाहों से बचने की अपील जिलाधिकारी ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि नागरिक केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और बाढ़ की स्थिति में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा तटबंधों की निगरानी, सामुदायिक रसोई केंद्रों के संचालन, सूखा राशन वितरण, स्वास्थ्य जांच एवं दवाओं की उपलब्धता जैसी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए कुट्टी-भूसा एवं चारा वितरण, पशु चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित की गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने तथा बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम लोगों से नियमित संवाद स्थापित कर फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। “जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता” जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों के जान-माल की सुरक्षा एवं समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, मुजफ्फरपुर: ☎️ 0621-2212007 राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार: ☎️ 0612-2294204 / 205 आपातकालीन सहायता नंबर: ☎️ 1070 प्रशासन का संदेश: “घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें—सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा तटबंधों से लेकर निचले इलाकों तक निगरानी तेज, स्थानीय लोगों से संवाद कर तैयारियों का लिया फीडबैक मुजफ्फरपुर, 26 अगस्त 2026। नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और इसके कारण गंडक नदी के जलप्रवाह में संभावित अचानक वृद्धि को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर ने बुधवार को विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ रेवा घाट सहित गंडक नदी के किनारे स्थित कई संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, नदी के जलस्तर तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। स्थानीय लोगों से भी लिया फीडबैक निरीक्षण के दौरान डीएम एवं एसएसपी ने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की स्थिति एवं उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे प्रशासन के संपर्क में रहें और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्थानीय निवासियों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। “पैनिक न हों, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें” जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में सामान्य जनजीवन कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक
तैयारियां पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बिल्कुल पैनिक न हों, लेकिन सजग और सतर्क रहें। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। अफवाहों से बचने की अपील जिलाधिकारी ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि नागरिक केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और बाढ़ की स्थिति में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा तटबंधों की निगरानी, सामुदायिक रसोई केंद्रों के संचालन, सूखा राशन वितरण, स्वास्थ्य जांच एवं दवाओं की उपलब्धता जैसी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए कुट्टी-भूसा एवं चारा वितरण, पशु चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित की गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने तथा बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम लोगों से नियमित संवाद स्थापित कर फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। “जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता” जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों के जान-माल की सुरक्षा एवं समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, मुजफ्फरपुर: ☎️ 0621-2212007 राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार: ☎️ 0612-2294204 / 205 आपातकालीन सहायता नंबर: ☎️ 1070 प्रशासन का संदेश: “घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें—सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा: मुजफ्फरपुर में प्रशासन हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने रेवा घाट समेत कई इलाकों का लिया जायजा तटबंधों से लेकर निचले इलाकों तक निगरानी तेज, स्थानीय लोगों से संवाद कर तैयारियों का लिया फीडबैक मुजफ्फरपुर, 26 अगस्त 2026। नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और इसके कारण गंडक नदी के जलप्रवाह में संभावित अचानक वृद्धि को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर ने बुधवार को विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ रेवा घाट सहित गंडक नदी के किनारे स्थित कई संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, नदी के जलस्तर तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। स्थानीय लोगों से भी लिया फीडबैक निरीक्षण के दौरान डीएम एवं एसएसपी ने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की स्थिति एवं उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे प्रशासन के संपर्क में रहें और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्थानीय निवासियों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। “पैनिक न हों, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें” जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में सामान्य जनजीवन कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बिल्कुल पैनिक न हों, लेकिन सजग और सतर्क रहें। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। अफवाहों से बचने की अपील जिलाधिकारी ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि नागरिक केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और बाढ़ की स्थिति में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा तटबंधों की निगरानी, सामुदायिक रसोई केंद्रों के संचालन, सूखा राशन वितरण, स्वास्थ्य जांच एवं दवाओं की उपलब्धता जैसी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए कुट्टी-भूसा एवं चारा वितरण, पशु चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित की गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने तथा बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम लोगों से नियमित संवाद स्थापित कर फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। “जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता” जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों के जान-माल की सुरक्षा एवं समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, मुजफ्फरपुर: ☎️ 0621-2212007 राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार: ☎️ 0612-2294204 / 205 आपातकालीन सहायता नंबर: ☎️ 1070 प्रशासन का संदेश: “घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें—सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।2
- 25 अगस्त पटना मार्च: किसानों को तोड़ने की साजिश नाकाम! न्यू सैटलाइट टाउनशिप के विरोध में 25 अगस्त को हुए पटना मार्च के दौरान प्रशासन की ओर से 20 किसानों की डेलिगेशन टीम को मुख्यमंत्री से वार्ता के नाम पर अलग ले जाकर आंदोलन को कमजोर और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की गई। लेकिन किसान भाई समय रहते पूरी मंशा समझ गए। डेलिगेशन में चुने गए सभी किसान बस से उतर आए और वहीं जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। किसानों की एकजुटता के आगे प्रशासन की यह रणनीति पूरी तरह विफल हो गई। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, अपनी जमीन, अपने अधिकार और अपने भविष्य की रक्षा के लिए है। किसान एकता जिंदाबाद जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा जिंदाबाद1
- नीतीश कुमार के पार्टी में 20 साल तक रहने के बाद भी सत्ता का लालच नही इस वीडियो में देखें1
- भिखुआ में दो पक्षों के बीच मारपीट, एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला करने का आरोप फतुहा। थाना क्षेत्र के भिखुआ गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से फतुहा थाने में अलग-अलग आवेदन देकर एक-दूसरे पर घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। दोनों पक्षों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पहले पक्ष की राममितर देवी ने आवेदन में आरोप लगाया है कि 25 अगस्त की रात करीब 11 बजे गांव के कुछ लोग उनके घर में घुसकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गयी और बाल पकड़कर घर से बाहर घसीटने का आरोप लगाया गया है। महिला के अनुसार, बचाने पहुंचे उनके बेटे शिवजी के साथ भी लाठी-डंडे से मारपीट की गयी। बीच-बचाव के दौरान उनका हाथ ऐंठ दिया गया, जिससे उंगली में चोट और सूजन हो गयी। वहीं, दूसरे पक्ष की सविता देवी ने 26 अगस्त की सुबह करीब पांच बजे की घटना को लेकर आवेदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोग उनके घर में घुसकर गाली-गलौज करने लगे और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्हें बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया। इसके बाद ईंट से हमला किया गया, जिससे उनकी दायीं आंख के नीचे गंभीर चोट लगी और खून निकलने लगा। सविता देवी ने अपने बच्चों के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से जान-माल का खतरा बताते हुए पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।1
- वायरल Gen Alfa Aditya Raj का नरेंद्र मोदी को सीधा अल्टीमेटम #StudentProtest #NarendraModi #genalfa #trendingvideo वायरल Gen Alfa Aditya Raj का नरेंद्र मोदी को सीधा अल्टीमेटम #StudentProtest #NarendraModi #genalfa #trendingvideo1
- *स्टोरी :-* सहरसा में आपसी विवाद के दौरान गोलीबारी, चाय दुकानदार महिला के पैर में लगी गोली। एंकर :-* खबर सहरसा से है जहाँ दो पक्षों के बीच आपसी विवाद में गोलीबारी की घटना में वहां मौजूद एक महिला गोली लगने से जख्मी हो गई. घायल महिला की पहचान सुमित्रा देवी के रूप में की गई है जो एक चाय का दुकान चलाती है. मामला जिले के सिमरीबख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चपराम कोठी के समीप की है. घटना के सम्बंध में बताया जाता है कि दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था इस दौरान विवाद काफी बढ़ गया और फिर गोलीबारी शुरू हो गई इस दौरान पास में मौजूद महिला सुमित्रा देवी के पैर में गोली लग गई जिसके बाद घायल महिला को आनन फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद सिमरीबख्तियारपुर के प्रभारी SDPO धीरेंद्र पांडे मौके पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गए, प्रभारी SDPO ने बताया कि आपसी विवाद में दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई इस बीच वहाँ मौजूद एक महिला के पैर में गोली लग गई है. फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है दोषी व्यक्ति के खिलाफ विधि सम्वत कार्रवाई की जाएगी. *BYTE :-* धीरेंद्र पांडे, प्रभारी SDPO सिमरीबख्तियारपुर.1
- 10 सर्कुलर रोड अब माता शबरी सेवा सदन हो गया है। आज भव्य गृह प्रवेश है। लालू यादव और राबड़ी देवी इसी 10 सर्कुलर रोड में पिछले 20 सालों से रह रहे थे और अब भाजपा कोटे से मंत्री नंदकिशोर राम को यह आवास आवंटित हो गया है। हरा रंग से भगवा कलर में तब्दील हो गया है। 10 सर्कुलर रोड अब माता शबरी सेवा सदन हो गया है। आज भव्य गृह प्रवेश है। लालू यादव और राबड़ी देवी इसी 10 सर्कुलर रोड में पिछले 20 सालों से रह रहे थे और अब भाजपा कोटे से मंत्री नंदकिशोर राम को यह आवास आवंटित हो गया है। हरा रंग से भगवा कलर में तब्दील हो गया है।1
- बिहार में बाढ़ को लेकर बड़ा अलर्ट, गंडक नदी के तटवर्ती जिलों में प्रशासन अलर्ट! नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी में अचानक भारी बाढ़ आने से हड़कंप मचा हुआ है। इस बाढ़ के असर को देखते हुए नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल की आधिकारिक जल एवं मौसम विज्ञान एजेंसी ने भी 26 अगस्त को हाइड्रोलॉजिकल चेतावनी जारी की है। बिहार में गंडक नदी से जुड़े जिलों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आ रही है। SDRF और बचाव दलों को तैयार रखने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।1