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अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सिंधी समाज ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से समाज ने बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। सिंधी समाज अब यह सवाल उठा रहा है कि ये दान की गई ईंटें इस समय कहाँ हैं और इनका प्रयोग कहाँ किया गया है। समाज के प्रतिनिधि इन चांदी की ईंटों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग कर रहे हैं और इनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की अपील कर रहे हैं। समाज की ओर से जारी यह वीडियो, जिसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का उल्लेख है, वायरल हो गया है।
अयोध्या वार्ता
अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सिंधी समाज ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से समाज ने बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। सिंधी समाज अब यह सवाल उठा रहा है कि ये दान की गई ईंटें इस समय कहाँ हैं और इनका प्रयोग कहाँ किया गया है। समाज के प्रतिनिधि इन चांदी की ईंटों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग कर रहे हैं और इनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की अपील कर रहे हैं। समाज की ओर से जारी यह वीडियो, जिसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का उल्लेख है, वायरल हो गया है।
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- अयोध्या के हैदरगंज बीकापुर क्षेत्र में एक पीड़ित जमीनी विवाद को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तहरीर दिए जाने के बावजूद संबंधित मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने अधिकारियों से जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- अयोध्या में अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है, जिससे खनन विभाग पर निष्क्रियता और “कुंभकरण की नींद” में होने का गंभीर आरोप लग रहा है। आरोप है कि रात होते ही खनन विभाग सो जाता है और खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। रिहायशी इलाकों से गुजरते अवैध खनन में लिप्त डंफर की गर्जना से आम लोग सहम जाते हैं। रात के समय शहर के हर कोने और चौराहों से ये डंफर तेज रफ्तार से गरजते हुए निकलते हैं। जानकारी के लिए जब खनन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो उनका फोन नहीं उठता। यहां तक कि अयोध्या में आए नए खनन अधिकारी पत्रकारों तक का फोन उठाना सही नहीं समझते। न तो खनन विभाग और न ही कोई अन्य जिम्मेदार यह बताने को तैयार है कि अवैध बालू कहाँ से खोदी जा रही है और कहाँ ले जाई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर वंदे मातरम फाउंडेशन की टीम ने जल्द ही अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात करने और खनन अधिकारी तथा अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।1
- एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम और राम मंदिर को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये लुटेरे राम के मंदिर और दरबार से लूट ले गए, जिसमें चांदी और सोना भी शामिल था, लेकिन भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए। मौर्य ने पूछा कि जो भगवान अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह लोगों का भला या उनकी रक्षा कैसे कर सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है। उनके इस बयान को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है, हालांकि, संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सिंधी समाज ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से समाज ने बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। सिंधी समाज अब यह सवाल उठा रहा है कि ये दान की गई ईंटें इस समय कहाँ हैं और इनका प्रयोग कहाँ किया गया है। समाज के प्रतिनिधि इन चांदी की ईंटों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग कर रहे हैं और इनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की अपील कर रहे हैं। समाज की ओर से जारी यह वीडियो, जिसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का उल्लेख है, वायरल हो गया है।2
- पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो वे आम लोगों का भला क्या कर सकते हैं। मौर्य ने यह भी सवाल उठाया कि जो अपने मंदिर की ही रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी रक्षा क्या करेगा।1
- अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और बाद में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन पिछली पंचायत में नगर निगम द्वारा चिलचिलाती धूप में पीने के लिए टैंकर से 'उबलता हुआ पानी' और 'गंदा पानी' भेजे जाने के कारण उपजे आक्रोश से शुरू हुआ। किसानों की महापंचायत नगर निगम कार्यालय अयोध्या परिसर में आयोजित की गई थी, जिसमें यूरिया खाद की कालाबाजारी और थोक दर घोषित न किए जाने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान मांगा गया। महापंचायत के बीच नगर मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने पहुंचकर समस्या समाधान का प्रयास किया। नगर निगम अधिकारियों को बुलाने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं आया, तो क्रोधित कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर दिया और हॉल में ही पंचायत शुरू कर दी। बाद में नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, नगर निगम के वायदे से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित करने की मांग की, क्योंकि फुटकर विक्रेताओं को महंगे दाम पर खाद बेची जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और किसानों के हित में न बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी की। राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी के सवाल पर घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान ट्रस्टियों द्वारा मंदिर व्यवस्था ठीक से संभाली नहीं जा रही है, इसलिए राम जन्मभूमि को 'सुना' के हवाले कर दिया जाना चाहिए। पंचायत को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं, जिनमें प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे शामिल थे, ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया।2
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बुधवार, 24 जून को अयोध्या में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग को लेकर एक महापंचायत आयोजित की। नगर निगम परिसर में हुए इस जोरदार प्रदर्शन के बाद, भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव किया और अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च निकाला। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है, जहाँ थोक विक्रेता बिना निर्धारित दर घोषित किए फुटकर दुकानदारों को अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं, जिससे किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यूरिया की थोक दर सार्वजनिक करने की मांग की और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे भी समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने का मुद्दा भी गरमा गया, जिससे आक्रोशित किसानों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर वहीं पंचायत शुरू कर दी। बाद में, नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने गंदे पानी की आपूर्ति के लिए खेद व्यक्त करते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन पांडे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट मार्च के दौरान, नगर मजिस्ट्रेट ने किसानों को रोककर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने किसानों को 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, किसानों का आंदोलन समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन में शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, राजदेव यादव, रविशंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेमशंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, रामसुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ. हरिओम वर्मा सहित सैकड़ों किसान और भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- अयोध्या जनपद के बाबा बाजार थाना क्षेत्र में एक जमीनी विवाद अब गंभीर आपराधिक आरोपों तक पहुंच गया है। ग्राम बढ़ई मिश्र का पुरवा निवासी विकास कोरी ने आरोप लगाया है कि उसे बातचीत के बहाने बुलाकर न सिर्फ बुरी तरह पीटा गया, बल्कि उसकी जान लेने की कोशिश भी की गई। पीड़ित ने शिकायत की है कि थाना बाबा बाजार में लिखित तहरीर देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके बाद उसने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। विकास कोरी ने अपने और परिवार के लिए जान-माल के खतरे की आशंका भी जताई है। विकास कोरी, जो दुर्गा प्रसाद के पुत्र हैं, का आनंद कुमार पुत्र राम सजीवन, निवासी काली गोसाई का पुरवा से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पीड़ित के आरोप के मुताबिक, 20 जून 2026 को शाम करीब 7:30 बजे आनंद कुमार ने उसे संत बाबा भीखा दास की कुटी पर समझौते के लिए बुलाया। विकास का कहना है कि वहां पहुँचते ही आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि शोर सुनकर आसपास के लोगों के मौके पर पहुँचने पर ही वह किसी बड़ी अनहोनी से बच सका। तहरीर में यह भी कहा गया है कि जाते समय आरोपी ने उसे दोबारा मिलने पर जान से मार देने की धमकी दी। विकास कोरी का दावा है कि उसके पास आरोपी द्वारा उसे बुलाने की फोन रिकॉर्डिंग भी है, जिसे वह साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने को तैयार है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उसने तुरंत थाना बाबा बाजार में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की, लेकिन SHO स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, विकास कोरी ने बताया कि दो दिन बाद जब उसे थाने बुलाया गया, तो थाना प्रभारी ने कथित तौर पर उससे कहा कि अगर उसे जान का खतरा हो जाएगा तो दो-तीन लाख रुपये का अनुदान करवा देंगे। थाना प्रभारी के इस कथित बयान से पीड़ित और उसके परिवार में भय और नाराजगी व्याप्त है। इस घटना के बाद विकास कोरी ने अब उच्च पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है, क्योंकि उसे और उसके परिवार को आरोपी पक्ष से लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच, मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी रूदौली, आशीष निगम ने बताया कि मामले में थाना प्रभारी से जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, अब यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या पुलिस पीड़ित की शिकायत पर समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या एक बार फिर फरियादी को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।1