बिहार के पश्चिम चंपारण के बगहा में एक घर के अंदर करीब 10 फीट लंबा जहरीला सांप निकलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घर में विशालकाय और बेहद खतरनाक सांप को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। हर कोई इस खौफनाक मंजर को देखकर डरा हुआ था। इस संकट के बीच, सूचना मिलते ही 'स्नेक लेडी' के नाम से मशहूर स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद लोगों से सुरक्षित दूरी बनाने की अपील की और फिर पूरी सावधानी व प्रशिक्षण का परिचय देते हुए सांप को काबू में करने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। जानकी देवी की इस बहादुरी को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और राहत की सांस ली, जिसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अब इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके साहस, धैर्य और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बारिश के मौसम में रिहायशी इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दें। खुद से सांप पकड़ने की कोशिश कभी न करें, क्योंकि यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
बिहार के पश्चिम चंपारण के बगहा में एक घर के अंदर करीब 10 फीट लंबा जहरीला सांप निकलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घर में विशालकाय और बेहद खतरनाक सांप को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। हर कोई इस खौफनाक मंजर को देखकर डरा हुआ था। इस संकट के बीच, सूचना मिलते ही 'स्नेक लेडी' के नाम से मशहूर स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद लोगों से सुरक्षित दूरी बनाने की अपील की और फिर पूरी सावधानी व प्रशिक्षण का परिचय देते हुए सांप को काबू में करने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। जानकी देवी की इस बहादुरी को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और राहत की सांस ली, जिसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अब इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके साहस, धैर्य और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बारिश के मौसम में रिहायशी इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दें। खुद से सांप पकड़ने की कोशिश कभी न करें, क्योंकि यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
- सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 19 दिन से अधिक समय को पार कर गया है। उनका यह अनशन लगातार जारी है।1
- दैनिक सिरहा टाइम्स के राज्य समन्वयक श्री सुशील कुमार ठाकुर ने मुजफ्फरपुर जिले के शुभंकरपुर में स्थित स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर वहाँ के कार्यों की जानकारी ली। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में सहायक चिकित्सा कर्मी और डॉक्टर उपस्थित पाए गए। श्री सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि वह काफी समय से इस शुभंकरपुर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को जानने की योजना बना रहे थे कि यहाँ मरीजों का इलाज कैसे चलता है और कर्मचारी समय पर आते हैं या नहीं। अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि सहायक चिकित्सा कर्मी मरीजों को दवा दे रहे थे। वहाँ मौजूद मरीजों ने भी बयान दिया कि डॉक्टर उनका सही तरीके से इलाज करते हैं, जिससे वे संतुष्ट नजर आए। इसके बाद राज्य समन्वयक ने स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारी महोदया से मुलाकात की, जो खुद वहाँ मरीजों की सेवा में लगी हुई थीं। इस पूरे दौरे और अस्पताल की सकारात्मक स्थिति की जानकारी दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक रवि कुमार भार्गव द्वारा दी गई है।1
- बिहार के पूर्वी चम्पारण मोतिहारी जिले के बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने यहां से एक फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया है।1
- पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में अवैस अंबर ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि अगर किसी गरीब का बेटा नेता बन रहा है, तो उसे बनने देना चाहिए।1
- पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी थाना क्षेत्र के चांद सरैया गांव में शुक्रवार को पुलिस ने एक फरार वारंटी के घर कुर्की की कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश पर फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, चांद सरैया निवासी खेदु चौधरी के खिलाफ वारंट जारी था, लेकिन वह लंबे समय से फरार चल रहा था। बार-बार गिरफ्तारी के प्रयासों के बावजूद उसके न्यायालय में उपस्थित न होने पर कोर्ट से कुर्की का आदेश प्राप्त हुआ था। न्यायालय के आदेश के आलोक में पुलिस टीम गांव पहुंची और दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा रही, लेकिन पुलिस ने पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने कुर्की की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरार वारंटियों और आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने वालों के विरुद्ध ऐसी ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो में 'बिना पैसे नहीं बनेगा प्रमाण पत्र' का दावा किया जा रहा है। वीडियो में स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डाटा ऑपरेटर रघुवीर यादव और विद्यानंद झा जनता से खुलेआम रुपयों की मांग करते और पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इस पर क्या एक्शन लेता है, या फिर यह पूरा मामला पहले की ही तरह जस का तस रह जाता है।1
- पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन की उत्तरी और दक्षिणी पंचायतों में विकास के लंबे-चौड़े दावों के बीच धरातल पर व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। यहाँ की बदहाल स्थिति को देखकर किसी को भी शर्म और गुस्सा आ जाए क्योंकि इलाके की तरक्की का जरिया बनने वाला रास्ता अब हजारों परिवारों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। घोड़ासहन में मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी इलाकों की संकरी गलियों तक का जल निकासी सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। नालियां कचरे से पटी पड़ी हैं और महीनों से सफाई न होने के कारण इनका सड़ा हुआ, काला व बदबूदार पानी लोगों के घरों के दरवाजे और मुख्य सड़कों पर बह रहा है। स्थानीय डॉक्टरों के अनुसार, यह जमा पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसी घातक बीमारियों का खुला निमंत्रण बन चुका है। इसके साथ ही, बिरता चौक से बिजबनी जाने वाला मुख्य मार्ग अब गहरे और जानलेवा गड्ढों वाले तालाब में तब्दील हो चुका है, जहां घुटनों तक पानी भरा रहता है और आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहाँ जनता के टैक्स के पैसे से बनी नालियों में इंजीनियरिंग का एक अजीबोगरीब अजूबा देखने को मिला है, जहां बिना किसी मापदंड के नाले का ढलान बिल्कुल उल्टा रख दिया गया है। ढलान उल्टी होने के कारण नाले का पानी आगे बहने के बजाय वापस लौटकर दुकानों के आगे जमा हो जाता है। इस बदबू और कीचड़ के कारण ग्राहक दुकानों पर कदम रखने से कतराते हैं, जिससे व्यापारियों का धंधा पूरी तरह चौपट हो चुका है। इस भयानक और नारकीय स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही अपनी वातानुकूलित (एसी) गाड़ियों के शीशे चढ़ाकर इस कीचड़ से चुपचाप निकल जाते हैं। वहीं, प्रखंड कार्यालय और पंचायत के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें देकर गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार जनता के हाथ केवल कोरे आश्वासन ही लगे हैं।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण के बगहा में एक घर के अंदर करीब 10 फीट लंबा जहरीला सांप निकलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घर में विशालकाय और बेहद खतरनाक सांप को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। हर कोई इस खौफनाक मंजर को देखकर डरा हुआ था। इस संकट के बीच, सूचना मिलते ही 'स्नेक लेडी' के नाम से मशहूर स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद लोगों से सुरक्षित दूरी बनाने की अपील की और फिर पूरी सावधानी व प्रशिक्षण का परिचय देते हुए सांप को काबू में करने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। जानकी देवी की इस बहादुरी को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और राहत की सांस ली, जिसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अब इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके साहस, धैर्य और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बारिश के मौसम में रिहायशी इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दें। खुद से सांप पकड़ने की कोशिश कभी न करें, क्योंकि यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।1