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दिल्ली में मुहर्रम के जुलूस को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम डीसीपी आकांक्षा यादव ने विस्तृत सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिला पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी, साथ ही 'एक 2 प्लाटून' फोर्स भी तैनात की गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है, और निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। डीसीपी यादव ने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक इंतजाम इसलिए किए गए हैं ताकि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के सुरक्षित ढंग से संपन्न हो।
VACC 24 News
दिल्ली में मुहर्रम के जुलूस को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम डीसीपी आकांक्षा यादव ने विस्तृत सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिला पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी, साथ ही 'एक 2 प्लाटून' फोर्स भी तैनात की गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है, और निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। डीसीपी यादव ने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक इंतजाम इसलिए किए गए हैं ताकि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के सुरक्षित ढंग से संपन्न हो।
More news from North West Delhi and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर से जुड़े तथाकथित चोरी मामले पर अपनी बात रखी।1
- दिल्ली के मलका गंज इलाके में एक जर्जर मकान ढह गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में ऐसी कई अन्य जर्जर इमारतें भी मौजूद हैं।1
- गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में स्थित पिंक शौचालय की हालत अत्यंत खराब बताई गई है। इस दयनीय स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही यह प्रश्न भी उठाया जा रहा है कि इस समस्या का समाधान आखिर कब तक और कैसे किया जाएगा।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से एक मासूम बेटी ने अपने जन्मदिन के उपहार के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। यह मांग मंच से की गई, जहाँ बच्ची ने खास तौर पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अपने 'बर्थडे गिफ्ट' के रूप में मांगा।1
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पाली के सादड़ी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लेते हुए कई विवादास्पद बयान दिए। उन्होंने रिपोर्टर भीकाराम कंडारा की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि साधुओं की हत्या के बाद संत समाज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। राज्यपाल के अनुसार, स्वामी करपात्री जी महाराज ने कहा था कि "साधुओं की जैसी हत्या हुई, ऐसे रास्ते से आप जाएंगी," और यह श्राप बाद में पूरा भी हुआ। उन्होंने 6 नवंबर 1966 के गौरक्षा आंदोलन का भी जिक्र किया, जो गौहत्या बंदी के वादे को पूरा न करने के विरोध में संसद के बाहर आयोजित देश का पहला बड़ा आंदोलन था। इस आंदोलन में फायरिंग हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जाती है। इस दौरान, राज्यपाल ने बिना नाम लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने महाराणा प्रताप के राजतिलक का प्रसंग सुनाया, जिसमें महाराणा उदय सिंह के निधन के बाद जगमाल ने राजगद्दी नहीं छोड़ी थी, यह कहते हुए कि उदयसिंह महाराज ने उन्हें राजा घोषित किया था। राज्यपाल ने इस पर टिप्पणी की कि "पद नहीं छोड़ने की यह परंपरा अभी भी चालू है। मैं नहीं हटूंगी। मैं नहीं हारी। मैं मुख्यमंत्री से नहीं हटूंगी। शायद उन्होंने जगमाल को पढ़ा होगा।" इसके अतिरिक्त, राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की सौतेली मां धीर कंवर को "कैकेयी" बताया, जिन्होंने अपने बेटे को गद्दी पर बैठाने का वचन लिया था और लोगों ने उन्हें हाथ पकड़कर उठाया था, जैसी अयोध्या में कैकेयी ने किया था। कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, राज्यपाल सुबह करीब 11 बजे बस स्टैंड स्थित आजाद मैदान शिवनगरी पहुंचे, जहां उन्होंने व्यासपीठ पूजन किया। उन्होंने मंदिर निर्माण में विशेष योगदान देने वाली दानदाता लाड़ कंवर को सम्मानित भी किया। बाद में, वे मंदिर स्थल जाटों के डोरण गए, जहाँ उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया, गाय का पूजन किया और भगवान शिव की आराधना की। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सेन, डीएसपी चैनसिंह महेचा, एडीएम शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिनेश बिश्नोई सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।1
- ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के पांडव नगर पुलिस स्टेशन स्टाफ ने NDPS एक्ट के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 324 ग्राम गांजा और ₹87,000 कैश बरामद किया। इस मामले में पांडव नगर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 213/2026 U/s 20 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।1
- दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को दोपहर करीब 12:03 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के भीतर एक के बाद एक तीनों मजदूर उतरे थे। टैंक की गहराई में बनी अत्यधिक जहरीली गैस को सूंघने के कारण वे अंदर ही अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। हालांकि, शुरुआती दौर में ज्वालापुरी इलाके में भारी ट्रैफिक जाम के चलते दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद विपरीत दिशा से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को सूचित किया गया। मुंडका थाने की पुलिस टीम ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1