वादा हुआ, लेकिन ट्रेनें नहीं रुकीं शाहाबाद-अंझी स्टेशन पर ठहराव के आश्वासन के बाद भी यात्रियों की उम्मीदें अधूरी, जनता पूछ रही—आखिर कब रुकेगी ट्रेन शाहाबाद। चुनावी मंचों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों में शाहाबाद-अंझी स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का वादा सुनकर क्षेत्र की जनता के चेहरे पर उम्मीद की चमक आई थी। लोगों को लगा था कि वर्षों से चली आ रही परेशानी अब खत्म होगी और शाहाबाद-अंझी स्टेशन से ही महत्वपूर्ण ट्रेनों में सफर करने की सुविधा मिलेगी। लेकिन समय बीतता गया और वादा कागजों और भाषणों से आगे नहीं बढ़ सका। आज भी यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ट्रेनों के ठहराव का वादा किया गया था, तो उस वादे पर अमल कब होगा? #शाहाबाद क्षेत्र के हजारों छात्र, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग, मरीज और आम यात्री रेल सेवा पर निर्भर हैं। महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। जनता का सीधा सवाल—वादा किसके लिए था? क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनता को बार-बार आश्वासन देने के बजाय अब ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। अगर ट्रेनों के ठहराव का वादा हुआ था तो उसकी तारीख भी बताई जाए और यह भी बताया जाए कि किन-किन ट्रेनों का ठहराव कब से शुरू होगा। रेलवे और जनप्रतिनिधियों से लोगों की मांग है कि शाहाबाद-अंझी स्टेशन की उपेक्षा समाप्त करते हुए यहां महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। जनता अब आश्वासन नहीं चाहती—उसे स्टेशन पर रुकती हुई ट्रेन चाहिए। सवाल आज भी खड़ा है: वादा हुआ था तो ट्रेनें कब रुकेंगी?
वादा हुआ, लेकिन ट्रेनें नहीं रुकीं शाहाबाद-अंझी स्टेशन पर ठहराव के आश्वासन के बाद भी यात्रियों की उम्मीदें अधूरी, जनता पूछ रही—आखिर कब रुकेगी ट्रेन शाहाबाद। चुनावी मंचों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों में शाहाबाद-अंझी स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का वादा सुनकर क्षेत्र की जनता के चेहरे पर उम्मीद की चमक आई थी। लोगों को लगा था कि वर्षों से चली आ रही परेशानी अब खत्म होगी और शाहाबाद-अंझी स्टेशन से ही महत्वपूर्ण ट्रेनों में सफर करने की सुविधा मिलेगी। लेकिन समय बीतता गया और वादा कागजों और भाषणों से आगे नहीं बढ़ सका। आज भी यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ट्रेनों के ठहराव का वादा किया गया था, तो उस वादे पर अमल कब होगा? #शाहाबाद क्षेत्र के हजारों छात्र, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग, मरीज और आम यात्री रेल सेवा पर निर्भर हैं। महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। जनता का सीधा सवाल—वादा किसके लिए था? क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनता को बार-बार आश्वासन देने के बजाय अब ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। अगर ट्रेनों के ठहराव का वादा हुआ था तो उसकी तारीख भी बताई जाए और यह भी बताया जाए कि किन-किन ट्रेनों का ठहराव कब से शुरू होगा। रेलवे और जनप्रतिनिधियों से लोगों की मांग है कि शाहाबाद-अंझी स्टेशन की उपेक्षा समाप्त करते हुए यहां महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। जनता अब आश्वासन नहीं चाहती—उसे स्टेशन पर रुकती हुई ट्रेन चाहिए। सवाल आज भी खड़ा है: वादा हुआ था तो ट्रेनें कब रुकेंगी?
- आकाशवाणी आगरा के ग्राम्यालोक कार्यक्रम में ज़िला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह जी ने दी बाज़ार हस्त क्षेप योजना के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी1
- जसवंतनगर बकरी मेला में मेला के दो कर्मचारियों ने मेरे साथ बदतमीजी की मैं अपनी बकरी बेचने गया था बकरी बिकी नहीं मेरी फिर भी मेला कर्मचारी मुझे पैसे मांग रहे थे मैंने पैसे नहीं दिए मुझ पर ते नहीं मुझ में थप्पड़ मारने की बात कर रहे थे और मेरे फोन में थप्पड़ दिया मुझे इंसाफ चाहिए इन दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए 🙏 up 75 / .16. 7 .2026.1
- साल से जलभराव, ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत, जसवंतनगर के नगला घनु गांव में पिछले करीब दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से समाधान न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सबसे ज्यादा समस्या सुघर सिंह के मकान से लेकर राम गोपाल के मकान तक है। इस रास्ते पर लंबे समय से पानी भरा होने के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और बदबू का माहौल है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब पर अवैध कब्जा होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है। इसी वजह से बारिश या अन्य स्रोतों से आने वाला पानी लंबे समय तक रास्ते में जमा रहता है। रणवीर, पान सिंह, विशुन दयाल, राजवीर, हिम्मत सिंह, राजकुमारी, किरन देवी और छोटी देवी समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए टीम बनाई जाएगी और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करते हुए जलभराव की समस्या को हल किया जाएगा।1
- आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी लोग आज भी काली पन्नी तानकर जिंदगी काटने को मजबूर परिवार आवास के लिए वर्षों से लगा रहा गुहार जनपद- मैनपुरी रिपोर्टर- अरुण कुमार मो-9761113671 स्लोगन -आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी लोग आज भी काली पन्नी तानकर जिंदगी काटने को मजबूर परिवार आवास के लिए वर्षों से लगा रहा गुहार एंकर- आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद आज भी गरीबी और सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार का दर्द उस परिवार की जिंदगी में साफ दिखाई देता है, जो आज भी काली पन्नी तानकर जीवन बिताने को मजबूर है। बरसात, गर्मी और सर्दी जैसे हर मौसम में यह परिवार असुरक्षित हालात में रहने को विवश है, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। बीओ-जनपद मैनपुरी के करहल विकासखंड क्षेत्र के पतारा के मजरा किशनपुर में कुछ परिवार अपने परिवार के साथ कच्ची ईंटों से बने छोटे से आशियाने में रह रहे हैं। घर की छत पर काली पन्नी डालकर किसी तरह रहने की व्यवस्था की गई है। परिवार में चार बच्चे हैं मजदूरी करने के साथ परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पिछले करीब 40 वर्षों से परिवार इसी बदहाल स्थिति में जीवन यापन कर रहे है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। रोज कमाने और खाने वाले इस परिवारो के पास इतना पैसा नहीं है कि खुद का पक्का मकान बनवा सकें। परिवार का कहना है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान काली पन्नी भी सहारा नहीं बन पाती, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। छोटे बच्चों के साथ रहने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य सरकारी योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके। बाइट- गुड्डी देवी बाइट- लल्लन सिंह बाइट- फूला देबी बाइट- रामा देबी बाइट- सर्वेश कुमार ग्रामीण1
- पाली गाँव मे आकाशीय बिजली गिरने से युबक़ की मौत,कराया गया पोस्टमार्टम दरअसल मंगलबार की रोज पाली गांव निवासी धीर सिंह खेतो पर पशुओं को चरा रहा था तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से धीर सिंह की मौत हो गई घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुँचे ओर मृतक धीर सिंह के शव को जिला अस्पताल के शव ग्रह लाया गया तो जिला अस्पताल में मौके पर मौजूद डॉक्टर ने मृतक धीर सिंह के शव का चेकअप करके उसकी मौत हो जाने की पुष्टि कर दी जिसके बाद मृतक धीरसिंह के शव को जिला अस्पताल के शव ग्रह भेज दिया गया ओर घटना की सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस ने मौके पर पहुँच शव कब्जे में लिया और सभी परिजन को जिला अस्पताल के शव ग्रह बुलाया तो सभी बुधबार की रोज सुबह करीब 10 बजकर 30 मिंट पर पहुँचे तो पुलिस ने मृतक धीरसिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजन को सौप कर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी1
- जुआ खेलते सात लोग गिरफ्तार, 26,830 रुपये व ताश की गड्डी बरामद अजीतमल। थाना अजीतमल पुलिस ने जुआ खेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 26,830 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। मामले में जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी अजीतमल के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 सितंबर की शाम करीब 7:50 बजे अजीतमल पुलिस टीम ने ग्राम मोहारी बंबा के पास झाड़ियों में कुछ लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा। पुलिस ने मौके से नवल सिंह (45) निवासी मोहारी, विकास कुमार (35) निवासी मोहारी, सर्वेश कुमार (35) निवासी पटेल नगर अजीतमल, नौशाद (43) निवासी गांधी नगर अजीतमल, शिव कुमार (32) निवासी भूरेपुर कला, कुंवर सिंह (50) निवासी गोपियापुर थाना बकेवर जिला इटावा और पवन कुमार (28) निवासी विलावा अजीतमल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना अजीतमल में मु0अ0सं0 365/2026, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक संजीव कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल रामप्रकाश और आशीष कुमार शामिल रहे।1
- गणपति बप्पा की आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, श्रद्धालुओं ने ‘जय हिंद, जय भारत, जय समाजवाद’ के नारे लगाए गणपति बप्पा की आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ जसवंतनगर। मोहल्ला रेलमंडी निवासी रविचंद्र फौजी के आवास पर विराजमान गणपति बप्पा की मंगलवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती उतारी गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ के कानपुर मंडल अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने पहुंचकर गणपति बप्पा की आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान बड़ी संख्या में गणपति भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ गणपति बप्पा की आरती उतारी तथा भगवान गणेश से परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया। आयोजक रविचंद्र फौजी ने बताया कि गणपति बप्पा की स्थापना के बाद प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना और आरती में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। आरती के समापन पर श्रद्धालुओं ने ‘जय हिंद, जय भारत, जय समाजवाद’ के नारे लगाए। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।1
- जिला अस्पताल के शव ग्रह में पुलिस ने कराया मृतिका बुजुर्ग महिला के शव ग्रह में पोस्टमार्टम ऊमरी थाना पुलिस ने जिला अस्पताल के शव ग्रह में पोस्टमार्टम कराया है।दरअसल अकोड़ा वार्ड क्र 12 निवासी बुजुर्ग महिला लडेता देवी घर का कचरा बाहर फेकने जा रही थी तभी तेज़ रफ़्तार आ रहे ट्रेक्टर ने बुजुर्ग महिला लडेता देवी को बुधबार की रोज कुचल दिया था जिससे उसकी मौत हो गई घटना की सूचना मिलते ही परिजन ओर पुलिस मौके पर पहुँची ओर पुलिस ने मौके पर पहुँच कर मृतिका बुजुर्ग महिला लडेता देवी के शव को अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के शव ग्रह भेज कर घटना की जांच शुरू करके सभी परिजन को जिला अस्प्ताल के शव ग्रह बुलाया और मृतिका बुजुर्ग महिला लडेता देवी के शव का बुधबार की रोज दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने सभी परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया।1
- हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, दो पुलिसकर्मी करेंगे साक्ष्य संकलन औरैया। अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए औरैया पुलिस की ओर से थाना स्तर पर ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स)’ का गठन किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य घटनास्थल से साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संकलन को मजबूत करना और आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना रहा। जनपद के प्रत्येक थाने में गठित मिनी फील्ड यूनिट में दो-दो पुलिसकर्मियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की टीम किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर त्वरित रूप से पहुंचकर निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार साक्ष्यों का संकलन करेगी। इससे घटनास्थल पर महत्वपूर्ण साक्ष्यों के सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से एकत्र किए जाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसे में घटनास्थल से साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से करना विवेचना की गुणवत्ता के लिए जरूरी है। जनपद की फॉरेंसिक टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों और विभिन्न उपकरणों के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक रूप से भी प्रशिक्षित किया गया, ताकि वास्तविक घटनास्थल पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और एकत्र करने में किसी प्रकार की कमी न रहे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि इस पहल से जिले में विवेचना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर संकलन से अभियोजन को मजबूती मिलने और न्यायालय में मामलों के प्रभावी निस्तारण में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।1