logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विशेष कवरेज: सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल ​ ​पत्थलगांव (जशपुर): केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके। ​लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है। ​ ​ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की: ​रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ। ​DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया। ​पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया। ​डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा। ​सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए। ​ दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है। ​बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500 वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है। ​टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके। ​*सभी पक्षों का विस्तृत सार प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी प्रावधान...* ​किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि: - ​तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए। * ​कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए। * ​अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए। ​यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।

6 hrs ago
user_RISHIKESH MISHRA
RISHIKESH MISHRA
Local News Reporter Raigarh, Chhattisgarh•
6 hrs ago

विशेष कवरेज: सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल ​ ​पत्थलगांव (जशपुर): केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके। ​लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है। ​ ​ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की: ​रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन

किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ। ​DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया। ​पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया। ​डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा। ​सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए। ​ दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है। ​बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500

वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है। ​टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके। ​*सभी पक्षों का विस्तृत सार प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी प्रावधान...* ​किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि: - ​तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए। * ​कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए। * ​अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए। ​यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • SECL की लापरवाही से किसानों की आजीविका पर संकट प्रदूषित पानी से फसलें बर्बाद, मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग तेज कोरबा (सुघर गांव)। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत तालापार एवं राहाडीह के किसानों ने SECL सराईपाली क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रदूषित पानी से फसलों को हो रहे नुकसान पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि खदान क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषित पानी अधूरी और अव्यवस्थित नालियों के कारण सीधे कृषि भूमि में पहुंच रहा है, जिससे खेतों की उर्वरता घट रही है और फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती रमा श्याम ने 17 जुलाई 2025 को उपक्षेत्रीय प्रबंधक, SECL सराईपाली को ज्ञापन सौंपकर प्रदूषित पानी रोकने, समुचित जल निकासी व्यवस्था बनाने और प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की थी। ज्ञापन की प्रतिलिपि विधायक, कलेक्टर, एसडीएम, महाप्रबंधक SECL एवं तहसीलदार को भी भेजी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खेती-किसानी और ग्रामीणों की आजीविका पर गंभीर संकट गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन और SECL प्रबंधन से त्वरित हस्तक्षेप कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। ::
    2
    SECL की लापरवाही से किसानों की आजीविका पर संकट
प्रदूषित पानी से फसलें बर्बाद, मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग तेज
कोरबा (सुघर गांव)। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत तालापार एवं राहाडीह के किसानों ने SECL सराईपाली क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रदूषित पानी से फसलों को हो रहे नुकसान पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि खदान क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषित पानी अधूरी और अव्यवस्थित नालियों के कारण सीधे कृषि भूमि में पहुंच रहा है, जिससे खेतों की उर्वरता घट रही है और फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं।
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती रमा श्याम ने 17 जुलाई 2025 को उपक्षेत्रीय प्रबंधक, SECL सराईपाली को ज्ञापन सौंपकर प्रदूषित पानी रोकने, समुचित जल निकासी व्यवस्था बनाने और प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की थी। ज्ञापन की प्रतिलिपि विधायक, कलेक्टर, एसडीएम, महाप्रबंधक SECL एवं तहसीलदार को भी भेजी गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खेती-किसानी और ग्रामीणों की आजीविका पर गंभीर संकट गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन और SECL प्रबंधन से त्वरित हस्तक्षेप कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। ::
    user_Vishnu Kumar Yadav
    Vishnu Kumar Yadav
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल ​पत्थलगांव (जशपुर): केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके। ​लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है। ​ ​ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की: ​रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ। ​DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया। ​पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया। ​डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा। ​सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए। ​ दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है। ​बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500 वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है। ​टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके। ​सभी पक्षों का विस्तृत सार प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी प्रावधान... ​किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि: - ​तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए। ​कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए। ​अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए। ​यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।
    2
    सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल
​पत्थलगांव (जशपुर):
केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके।
​लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है।
​
​ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की:
​रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ।
​DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया।
​पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया।
​डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा।
​सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
​
दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है।
​बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500 वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है।
​टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके।
​सभी पक्षों का विस्तृत सार
प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी 
प्रावधान...
​किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि:
- ​तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए।
​कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए।
​अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए।
​यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।
    user_ANURAG
    ANURAG
    Local News Reporter जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    48 min ago
  • घरघोड़ा क्षेत्र में कोल परियोजना के सर्वे का ग्रामीणों ने किया विरोध,मांगें पूरी होने तक सर्वे स्थगित करने की मांग।
    1
    घरघोड़ा क्षेत्र में कोल परियोजना के सर्वे का ग्रामीणों ने किया विरोध,मांगें पूरी होने तक सर्वे स्थगित करने की मांग।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • शिक्षा व्यवस्था पर NSUI का प्रदर्शन, 8 सूत्रीय मांगों के साथ DEO कार्यालय का घेराव स्कूलों की बदहाली और निजी संस्थानों की मनमानी पर जताया विरोध कोरबा (सुघर गांव)। जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को NSUI और युवा कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) मनमोहन राठौर एवं नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए सरकारी स्कूलों में भवन, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर और रिक्त शिक्षक पदों को भरने की मांग की। साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी फीस, अनिवार्य किताब खरीद और नियम विरुद्ध संचालन की जांच की मांग उठाई। जिला शिक्षा अधिकारी ने एक माह के भीतर कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया।
    4
    शिक्षा व्यवस्था पर NSUI का प्रदर्शन, 8 सूत्रीय मांगों के साथ DEO कार्यालय का घेराव
स्कूलों की बदहाली और निजी संस्थानों की मनमानी पर जताया विरोध
कोरबा (सुघर गांव)। जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को NSUI और युवा कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) मनमोहन राठौर एवं नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए सरकारी स्कूलों में भवन, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर और रिक्त शिक्षक पदों को भरने की मांग की। साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी फीस, अनिवार्य किताब खरीद और नियम विरुद्ध संचालन की जांच की मांग उठाई। जिला शिक्षा अधिकारी ने एक माह के भीतर कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया।
    user_Vishnu Kumar Yadav
    Vishnu Kumar Yadav
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • चार दिन बाद मिला दंपति का लाश शक्ति जिले के नदिया में बह गए थे
    1
    चार दिन बाद मिला दंपति का लाश शक्ति जिले के नदिया में बह गए थे
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.