सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल पत्थलगांव (जशपुर): केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके। लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है। ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की: रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ। DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया। पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया। डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा। सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए। दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है। बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500 वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है। टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके। सभी पक्षों का विस्तृत सार प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी प्रावधान... किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि: - तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए। कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए। अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए। यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।
सब्सिडी वाले 'भारत यूरिया' की कालाबाजारी का सच; ₹266.50 की बोरी ₹500 में बेचने का आरोप, स्टिंग व फुटेज में खुली पोल पत्थलगांव (जशपुर): केंद्र सरकार की बहुमहत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना' (PMBJP) के तहत किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सब्सिडी युक्त 'भारत यूरिया' उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का स्पष्ट नियम है कि 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 से अधिक नहीं लिया जा सकता। सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये इसीलिए खर्च करती है ताकि किसानों की लागत कम हो सके। लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित 'श्री बालाजी खाद भंडार' (जशपुर रोड) में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय किसानों द्वारा प्रस्तुत सबूतों और फुटेज के अनुसार, यहाँ संकट की स्थिति का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है। ग्राम पंगसूआ (कुमेकेला) के निवासी किसान लोहर साय नाग ने खाद दुकान में हुई अपनी पूरी आपबीती साझा की: रेट में भारी अंतर: किसान लोहर साय नाग जब 'श्री बालाजी खाद भंडार' में यूरिया खरीदने पहुंचे, तो उनसे 1 बोरी यूरिया का रेट ₹500 मांगा गया। जब उन्होंने कम करने का निवेदन किया, तो ₹450 में एक बोरी देने पर सौदा तय हुआ। DAP की दर: जब उन्होंने डीएपी (DAP) का भाव पूछा, तो प्रति बोरी ₹1600 मांगा गया और उसमें कोई छूट देने से साफ मना कर दिया गया। पक्का बिल देने से इनकार: किसान ने जब अपनी खरीद का पक्का बिल माँगा, तो विक्रेता ने बिल देने से साफ मना कर दिया। डिजिटल पेमेंट से तौबा: जब किसान ने फोन-पे (PhonePe) से भुगतान करना चाहा, तो विक्रेता ने डिजिटल लेन-देन लेने से मना कर दिया और नकद (Cash) देने की शर्त रखी। मजबूर होकर किसान को एटीएम (ATM) जाकर पैसे निकालने
पड़े और फिर कैश में भुगतान कर यूरिया लेना पड़ा। सरकार से गुहार: किसान लोहर साय नाग ने हाथ जोड़कर सरकार और जिला प्रशासन से प्रार्थना की है कि पत्थलगांव की इस दुकान में हो रही लूट पर सख्त अंकुश लगाया जाए और किसानों को वाजिब सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध कराई जाए। दुकान के बाहर लगे साइनबोर्ड और फ्लैक्स पर 'श्री बालाजी खाद भंडार' और संचालक धीरज अग्रवाल का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट दर्ज दिखाई देता है। बोरी पर अंकित एमआरपी: खाद की बोरियों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य ₹266.50 अंकित है। इसके बावजूद ₹450 से ₹500 वसूलना सीधे तौर पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है। टैक्स चोरी की आशंका: बिल न देना और ऑनलाइन पेमेंट अस्वीकार करना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा रहा है ताकि कालाबाजारी को कागजों में न पकड़ा जा सके। सभी पक्षों का विस्तृत सार प्रशासनिक कार्रवाई की माँग व कानूनी प्रावधान... किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन जशपुर एवं कृषि विभाग से मांग की है कि: - तत्काल जांच टीम का गठन: 'श्री बालाजी खाद भंडार' के पॉस (POS) मशीन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और बिल-बुक की जांच की जाए। कठोर कानूनी कार्रवाई: उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए। अतिरिक्त राशि की वापसी: किसानों से अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस दिलाई जाए। यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों की जेब में जाता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है।
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- सिसई : विधायक के पहल पर लगाया गया 25 केवी का ट्रांसफार्मर, बिजली बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड अंतर्गत कुदरा पंचायत बगीचा टोली में माननीय विधायक जिग्गा सुसारन होरो जी के पहल पर 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया। विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव व झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी ने विधिवत रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। कुछ दिनों पहले बगीचा टोली में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण लोग अंधेरे में रहने को विवश थे, वहीं दैनिक कार्यों के साथ बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी बाधित होने लगी थी। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव से की और अंधेरे की समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई। प्रकाश उरांव ने माननीय विधायक महोदय को समस्या से अवगत कराते हुए अविलंब ट्रांसफार्मर दिलाने की बात कही। जिसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए विधायक जी ने महज 24 घंटे के अंदर गांव में नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराई। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के मौसम में बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई लिखाई और रोजमर्रा के कामों में काफ़ी परेशानी हो रही थी एवं विषैले कीड़े मकोड़े व साँपों का खतरा भी बना हुआ था। विधायक जी ने हमलोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए काम किया। इसके लिए पूरा गांव उनका आभार प्रकट करता है। विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव ने ग्रामीणों से कहा कि बिजली, पानी सड़क या कोई भी जनसमस्या हो आप लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं, विधायक के नेतृत्व में हर समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। वहीं झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी ने कहा कि हमारे लोकप्रिय विधायक महोदय जी ने सरकार के हर कल्याणकारी योजनाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रही है। मौके पर बिरसमुनी देवी,बबलू उरांव, बहुरी देवी, रविंद्र उरांव,विनोद ,संदीप,छोटू,जागेश्वर, लक्ष्मण,आशामुनी देवी, सिब्बू,कार्तिक, सुनीता देवी सहित सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित थे।4
- सावन की पहली सोमवारी को पोटरो के बूढ़ा महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब सावन के पवित्र माह की पहली सोमवारी पर प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर पोटरो में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर में सुबह 4 बजे से ही "हर हर महादेव" और "ॐ नमः शिवाय" के जयकारों से गूंज उठा। सावन को लेकर मंदिरों की साफ-सफाई और रंग-रोगन पहले से ही कर दिया गया था। मंदिर में भक्ति गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना किए। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि सावन माह के तीसरे सोमवारी को मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समिति की ओर से रात्रि में सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी। सावन के इस पहले सोमवारी को प्रखंड के नगर स्थित बाबा कपिलनाथ, प्रखण्ड मुख्यालय, नागफेनी साहित सभी शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।1
- तिरंगा यात्रा कार्यक्रम सफल तथा जन जन तक संदेश पहुंचाने हेतु भाजपाइयों ने बैठक कर किया विचार विमर्श उक्त बैठक राष्ट्रिय व प्रदेश के निर्देशानुसार लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड कार्यालय में भाजपा मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में आहूत किया गया। जिसमें भाजपा के वरिष्ठ कनिष्ठ एवं सहयोगी कार्यकर्ता शामिल थे।1
- पेपर लीक मामले पर फूटा छात्रों का गुस्सा, झारखंड की सड़कों पर जोरदार आंदोलन.? #reels #delhi #jharkhand #viral #ranchi #HemantSoren #police #school #teacher #paper #new1
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- PSC-JSSC परीक्षा धांधली: CID जाँच पर भड़के छात्र, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना; CBI जाँच और परीक्षा रद्द करने की माँग राँची झारखंड में JPSC, JSSC CGL और JSSC LDC जैसी प्रमुख नियुक्ति परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों के आह्वान पर राँची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और सत्याग्रह लगातार जारी है। बारिश और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राज्यभर से आए हजारों अभ्यर्थी दिन-रात स्टेडियम में डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य की हेमन्त सोरेन सरकार द्वारा इस मामले में सौंपी गई CID (Crime Investigation Department) जाँच को पूरी तरह से 'लीपापोती' और महज औपचारिकता करार दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य की जाँच एजेंसियां बड़े मगरमच्छों और भ्रष्टाचार के मुख्य सरगनाओं को बचाने का प्रयास कर रही हैं। आंदोलन के प्रमुख बिंदु और अभ्यर्थियों की माँगें: CBI एवं ED से निष्पक्ष जाँच: छात्रों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के लेन-देन और गिरोह से जुड़ा अंतरराज्यीय भ्रष्टाचार है। इसलिए इसकी निष्पक्ष जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए। विवादित परीक्षाएँ हों रद्द: धांधली और OMR शीट से जुड़ी गड़बड़ियों के पुख्ता प्रमाणों का हवाला देते हुए छात्रों ने JPSC, JSSC CGL और LDC की विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी परीक्षा कराने की माँग की है। CID जाँच पर अविश्वास: अभ्यर्थियों का मानना है कि राज्य एजेंसी की जाँच सीमित और प्रभाव में रहती है, जिससे पहले भी कई मामलों को दबाया जा चुका है। छात्र प्रतिनिधियों का कड़ा रुख: "वर्षों की हाड़-तोड़ मेहनत और आर्थिक तंगी के बाद युवा परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यहाँ हर परीक्षा धांधली की चढ़ जाती है। CID जाँच सिर्फ जन-आक्रोश को शांत करने का एक राजनीतिक हथकंडा है। जब तक सरकार सीबीआई जाँच की अनुशंसा नहीं करती और परीक्षाओं को रद्द नहीं करती, हमारा आंदोलन स्टेडियम से हटकर विधानसभा तक जाएगा।" आंदोलन और उग्र होने के आसार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, दुमका और अन्य जिलों से लगातार युवाओं का जत्था पहुँच रहा है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी माँगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो वे सड़क से लेकर राजभवन और विधानसभा घेराव तक का कड़ा रुख अपनाएंगे।1
- JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो छात्रों की मांगे पूरी नहीं होगी तो जान दे देंगे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो छात्रों की मांगे पूरी नहीं होगी तो जान दे देंगे1
- *अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी : प्रेम संबंध एवं जमीन विवाद के चलते महिला की हत्या, शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार* *➡️ मामला चौकी दोकड़ा क्षेत्रांतर्गत ग्राम बंदरचुवा का* *➡️ आरोपियों के विरुद्ध चौकी दोकड़ा में बी एन एस की धारा 103(1),238 के तहत अपराध पंजीबद्ध* *➡️ नाम गिरफ्तार आरोपी क्रमशः - *1. श्यामपति बाई उम्र 42 वर्ष* *2. बुधमती बाई उम्र 65 वर्ष* *3. भूषण राम उम्र 29 वर्ष* *सभी निवासी ग्राम बन्दरचुआं चौकी दोकड़ा जिला जशपुर छ ग।* *➡️ आरोपिया श्यामपति बाई एवं उसकी मां बुधमति बाई ने गला दबाकर की महिला की हत्या।* *➡️ मृतिका के पुत्र आरोपी भूषण राम ने दोनों महिलाओं का साथ देकर शव को निर्माणाधीन आंगनबाड़ी के पास रेत में दफनाया, चौकी दोकड़ा पुलिस ने 48 घंटे के भीतर किया सनसनीखेज मामले का खुलासा।* ---00--- ➡️जशपुर पुलिस ने चौकी दोकड़ा क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में हत्या करने वाली दो महिलाओं तथा शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले मृतिका के पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। ➡️ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 30.07.2026 को ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में हरावती बाई के मकान से तेज दुर्गंध आने तथा मकान के बाहर ताला लगे होने की सूचना चौकी दोकड़ा पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी एवं नायब तहसीलदार की उपस्थिति में घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान मकान के समीप निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ। शव की पहचान हरावती बाई (58 वर्ष) निवासी ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती के रूप में हुई। प्रकरण में चौकी दोकड़ा में अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। ➡️विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतिका के पुत्र भूषण राम की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। घटना के बाद उसका अपनी मां के अंतिम संस्कार एवं पंचनामा कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहना तथा लगातार घर से दूर रहना संदेह का कारण बना। पुलिस ने तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। ➡️पूछताछ में भूषण राम ने बताया कि उसका पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से पिछले लगभग पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। वहीं मृतिका हरावती बाई एवं श्यामपति बाई के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। आरोपी के मेमोरेंडम कथन एवं विवेचना में एकत्रित साक्ष्यों से यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 24.07.26 की रात श्यामपति बाई एवं उसकी मां बुधमति बाई ने हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन जब भूषण राम को घटना की जानकारी हुई, तब दोनों महिलाओं ने उसे किसी को भी घटना की जानकारी नहीं देने के लिए कहा। कुछ दिनों बाद शव से तेज दुर्गंध आने लगी, जिससे घटना के उजागर होने की आशंका उत्पन्न हुई। इसके बाद भूषण राम, श्यामपति बाई एवं बुधमति बाई ने मिलकर रात के समय हरावती बाई के शव को घर से निकालकर पास में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप ले जाकर गड्ढा खोदा तथा शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर शव दफनाने में प्रयुक्त फावड़ा एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर विधिवत जब्त की गई। घटनास्थल निरीक्षण, एफएसएल परीक्षण, गवाहों के कथन, मेमोरेंडम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपी— श्यामपति बाई (42 वर्ष) , बुधमति बाई (65 वर्ष) , भूषण राम (29 वर्ष), को दिनांक 01.08.2026 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है। ➡️ मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उप निरीक्षक दिलबंधन भगत, प्रधान आरक्षक इग्नेशियूस तिर्की, आरक्षक तर सी यूस, सुरेंद्र यादव व महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। *➡️ मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि चौकी दोकड़ा क्षेत्रांतर्गत एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, कार्यवाही जारी है।*2