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राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत (भील) को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएँ दी गई हैं। इस अवसर पर उनके दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना भी की गई है।
Subhash chander
राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत (भील) को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएँ दी गई हैं। इस अवसर पर उनके दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना भी की गई है।
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- राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत (भील) को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएँ दी गई हैं। इस अवसर पर उनके दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना भी की गई है।2
- अनूपगढ़ के वार्ड नंबर 8 में मुस्लिम समाज द्वारा ठंडे मीठे पानी की छबील का आयोजन किया गया।1
- श्री गंगानगर, राजस्थान में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच रही है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश वाल्मीकि के नेतृत्व में ठेका प्रथा के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा रहा है। कर्मचारियों में विधानसभा जयपुर के सामने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह और आक्रोश देखा जा रहा है। उमेश वाल्मीकि ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्षों से सफाई कर्मचारी ठेका प्रथा, शोषण और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं, जहाँ उन्हें समान वेतन नहीं मिल रहा और स्थायीकरण की उनकी मांग अधूरी पड़ी है। अपनी प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा का पूर्ण उन्मूलन, सफाई कर्मचारियों का स्थायीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, शोषण और उत्पीड़न पर रोक तथा सभी कर्मचारियों को सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाना शामिल है। सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए 'आर-पार' की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।1
- राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर भारी उबाल देखा जा रहा है। इस मामले में जयपुर में की जा रही भूख हड़ताल को श्रीगंगानगर से बड़ा समर्थन मिला है। इसी क्रम में, आज 26 जून को पूरे राजस्थान में एक विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।1
- साल की सबसे बड़ी एकादशी के पावन अवसर पर महिला मंडल द्वारा 12 घंटे तक निरंतर सेवा प्रदान की गई। इस दौरान मंडल की सदस्यों ने बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं जारी रखीं।1
- राजस्थान के सूरजनसर गांव में धोरे पर एक ऐसा मंदिर मौजूद है, जहां के संत की तपस्या को सब कुछ संभव बनाने वाला माना जाता है। यह स्थान अपनी भक्ति और चमत्कारी प्रभाव के लिए प्रसिद्ध है, और लोग इसे 'वायरल भक्ति' के रूप में देख रहे हैं।1
- स्थानीय 'स्नेकमैन' भीमजी शर्मा ने नोहर उप-जिला चिकित्सालय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से एक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक मांग की है, जिसमें उन्होंने अस्पताल में एंटी-वेनम वैक्सीन की तत्काल व्यवस्था की अपील की है। शर्मा ने आगाह किया है कि आगामी आषाढ़, सावन और भादवे के महीनों में सांपों का बाहर निकलना और सर्पदंश की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा होता है। उन्होंने चिकित्सालय प्रशासन को सचेत करते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को अत्यधिक जहरीले सांप के काटने पर जीवन बचाने के लिए केवल 45 मिनट का कीमती समय होता है। वर्तमान में सांप के जहर को बेअसर करने वाली यह जीवनरक्षक वैक्सीन केवल जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है। नोहर से जिला अस्पताल पहुंचने में लगभग दो घंटे लग जाते हैं, ऐसे में समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ सकता है। 'स्नेकमैन' भीमजी शर्मा ने बताया कि नोहर के स्थानीय उप-जिला चिकित्सालय में इस महत्वपूर्ण वैक्सीन का अभाव है। आगामी खतरों को देखते हुए, भीमजी शर्मा ने पुरजोर अपील की है कि नोहर उप-जिला चिकित्सालय में तुरंत पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम वैक्सीन की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय नागरिकों की जान बचाई जा सके।1
- श्रीगंगानगर सफाई कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने नगर निगम ग्रेटर लाल कोठी जयपुर में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रही भूख हड़ताल को अपना समर्थन दिया। यह भूख हड़ताल संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ, जयपुर के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर श्रीगंगानगर से अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश वाल्मीकि, जिला सचिव आर्यन भारती और राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष विक्की वाल्मीकि भी उपस्थित रहे। अनिल धारीवाल ने बताया कि इस समर्थन के तहत सफाई कर्मचारी भर्ती से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इन मांगों में परंपरागत सफाई का कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज और वर्तमान में कार्यरत अस्थाई सफाई कर्मचारियों को भर्ती में प्राथमिकता देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, भर्ती से पहले कोर्ट केस वाले कर्मचारियों को नियुक्ति देने, सफाई कर्मचारी भर्ती की संख्या को तीन गुना करने, कर्मचारियों को एक वर्ष अर्द्ध कुशल तथा एक वर्ष कुशल मानते हुए स्थाई करने, ठेका प्रथा को समाप्त करने, आउटसोर्सिंग बंद कर निकाय द्वारा अपने कोष से ही भुगतान किए जाने और यूनियन के साथ राज्य सरकार द्वारा पूर्व में किए गए समझौते के अनुसार ही सफाई कर्मचारी भर्ती करने की मांगें प्रमुख हैं।1