छत्तीसगढ़ के उत्तरी वनांचल क्षेत्रों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ पिछले 30 घंटों के भीतर हाथियों के हमले में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में बलरामपुर जिले में एक दंपती और कोरिया जिले में सड़क निर्माण कार्य में लगे दो मजदूर शामिल हैं। इन दुखद घटनाओं के बाद वन विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम कुंदी के बांधपारा निवासी जुगून गोंड (65) और उनकी पत्नी सुंदरी बाई (56) मंगलवार सुबह जंगल की ओर जा रहे थे। घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। दंपती ने भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने पीछा करके दोनों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई। कोरिया जिले के सोनहत वन परिक्षेत्र में हुई एक अन्य घटना में, रामगढ़ से कोटाडोल सड़क निर्माण में लगे मजदूर गौरव (22) और अमर सिंह (35) रात में सड़क किनारे सो रहे थे। देर रात करीब 11:30 बजे एक अकेला दंतैल हाथी वहाँ पहुँच गया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अमर सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। अन्य मजदूर अपनी जान बचाने में सफल रहे। वन अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में 5 से 8 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है, जिसमें से एक दंतैल हाथी दल से बिछड़कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुँच गया है। इसी अकेले हाथी द्वारा दोनों घटनाओं को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहा है और ग्रामीणों को मुनादी तथा जनसंपर्क के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से जंगल और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले न जाने का आग्रह किया है।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी वनांचल क्षेत्रों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ पिछले 30 घंटों के भीतर हाथियों के हमले में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में बलरामपुर जिले में एक दंपती और कोरिया जिले में सड़क निर्माण कार्य में लगे दो मजदूर शामिल हैं। इन दुखद घटनाओं के बाद वन विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम कुंदी के बांधपारा निवासी जुगून गोंड (65) और उनकी पत्नी सुंदरी बाई (56) मंगलवार सुबह जंगल की ओर जा रहे थे। घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। दंपती ने भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने पीछा करके दोनों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई। कोरिया जिले के सोनहत वन परिक्षेत्र में हुई एक अन्य घटना में, रामगढ़ से कोटाडोल सड़क निर्माण में लगे मजदूर गौरव (22) और अमर सिंह (35) रात में सड़क किनारे सो रहे थे। देर रात करीब 11:30 बजे एक अकेला दंतैल हाथी वहाँ पहुँच गया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अमर सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। अन्य मजदूर अपनी जान बचाने में सफल रहे। वन अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में 5 से 8 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है, जिसमें से एक दंतैल हाथी दल से बिछड़कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुँच गया है। इसी अकेले हाथी द्वारा दोनों घटनाओं को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहा है और ग्रामीणों को मुनादी तथा जनसंपर्क के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से जंगल और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले न जाने का आग्रह किया है।
- सूरजपुर ज़िले के सलका क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच लोगों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर Adani के खिलाफ रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुई भीड़ ने Adani के प्रति अपना गहरा आक्रोश जताया, जहाँ आदिवासी समुदाय विशेष रूप से परेशान दिखाई दे रहा है और उनका गुस्सा लगातार जारी है।1
- बेंगलुरु में स्थित आध्यात्मिक केंद्र ध्याण मंदिर को हाल ही में राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयोजित ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की।1
- विकासखंड भरतपुर के ग्राम उमरवाह में आयोजित जिला स्तरीय अंतिम सुशासन तिहार शिविर में हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ और माँगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिसके परिणामस्वरूप शिविर में 429 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को त्वरित राहत प्रदान की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने इस आयोजन को शासन और जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत माध्यम बताया। शिविर के दौरान, पात्र हितग्राहियों को अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, मूंग बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, छड़ी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियाँ वितरित की गईं। साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। अधिकारियों ने इस दौरान यह भी आश्वस्त किया कि लंबित आवेदनों का निराकरण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। उमरवाह में सुशासन तिहार का यह भव्य समापन हजारों ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने में सफल रहा।1
- कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद गोदाम में रखे पटाखों तक पहुंचते ही लगातार जोरदार धमाके होने शुरू हो गए। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।1
- मनेन्द्रगढ़ जिले के मुसरा पंचायत से एक महिला अपनी विधवा पेंशन संबंधी समस्या लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची।1
- राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग के मामले में जेल में बंद यूट्यूबर और कोचिंग संचालक रोशन आनंद को बड़ा झटका लगा है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने मंगलवार को उनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह मामला 2 जून की रात को फैजल खान उर्फ खान सर की कोचिंग संस्था के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे से जुड़ा है। रोशन आनंद पर इस घटना में साजिश रचने और हमले से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने रोशन आनंद समेत उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। मामले की जांच के दौरान एक वीडियो सामने आने और खान सर के सुरक्षा कर्मियों के बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में खान सर का नाम भी जोड़ा था। हालांकि, खान सर को पटना सिविल कोर्ट से 20 जून तक गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत मिली हुई है। इस बीच, प्रशासन ने रोशन आनंद के कोचिंग संस्थान और अस्पताल में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पाई जाने पर नोटिस जारी किया है। इन संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया है, और ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रोशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में पटना में कैंडल मार्च भी निकाला गया था। हालांकि, अदालत के इस नवीनतम फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मामले की अगली सुनवाई और आगामी जांच पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग 24 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में महिला उत्पीड़न से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए एक विशेष सुनवाई का आयोजन करेगा। जनपद पंचायत एमसीबी के अमृत सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्य प्रियम्बदा सिंह जूदेव की न्यायपीठ कुल 9 प्रकरणों पर सुनवाई करेगी। आयोग ने एमसीबी, कोरिया, सरगुजा और सूरजपुर के पुलिस अधीक्षकों को संबंधित पक्षों को नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना तथा लंबित मामलों का प्रभावी ढंग से निराकरण करना है।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।2
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बेहद दर्दनाक और डराने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ कटघोरा थाना क्षेत्र के रामपुर इलाके में स्थित एक बड़े पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा गोदाम मलबे और धुएं के गुबार में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोदाम के भीतर रखे भारी मात्रा में पटाखों में लगातार तेज धमाके हो रहे थे, जिससे आसपास की धरती तक हिल गई और धमाकों की गूंज से रामपुर कांप उठा। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से ही आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार साफ देखा जा सकता था। यह भीषण आग शर्मा पटाखा गोदाम में भड़की, जो पूरे क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। यहाँ कोरबा के साथ-साथ आसपास के अन्य जिलों से भी लोग थोक और खुदरा दरों पर पटाखे खरीदने आते थे, क्योंकि यहाँ अन्य बाजारों की तुलना में काफी सस्ते दामों पर पटाखे उपलब्ध होते थे, जिसके कारण गोदाम में हमेशा स्टॉक भरा रहता था। आज अचानक अज्ञात कारणों से गोदाम के भीतर आग लग गई, और आग लगते ही पटाखों में सिलसिलेवार धमाके शुरू हो गए, जिससे बचाव दल को शुरुआत में पास जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल, आग लगने की सही वजह का पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा नगरपालिका की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुट गईं। आग की भयावहता और गंभीरता को देखते हुए कटघोरा दमकल विभाग के अलावा अन्य नजदीकी क्षेत्रों से भी अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई जा रही हैं। राहत की बात यह रही कि यह गोदाम आबादी वाले क्षेत्र से काफी दूरी पर स्थित है, जिसकी वजह से कोई बड़ी जनहानि होने से बच गई। मौके पर स्थानीय पुलिस बल और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद है, जो राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे इलाके को सुरक्षित घेरे में ले लिया गया है ताकि किसी भी उत्सुक राहगीर को नुकसान न पहुँचे। आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी कुछ और समय लगने की आशंका है।2