हाटी विकास मंच (पंजीकृत), हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा के नेतृत्व में शिमला नाहन में लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में हाटी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण, अनुसूचित जनजाति दर्जे के प्रभावी क्रियान्वयन तथा गिरिपार क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न मांगों को उठाया गया। मंच ने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हाटी समुदाय की अनुसूचित जनजाति की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए निरंतर सहयोग दिया। साथ ही, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने संसद में सबसे पहले इस मांग को उठाकर इसे राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाया था। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि वर्तमान में हाटी समुदाय को दिए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे से संबंधित मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम स्थगन आदेश के कारण लाखों पात्र युवाओं, विद्यार्थियों, बेरोजगारों और अन्य लाभार्थियों को अनुसूचित जनजाति से मिलने वाले संवैधानिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। मंच ने केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालयों से इस विषय में प्रभावी पहल कर समुदाय के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ज्ञापन के माध्यम से, मंच ने हाटी समुदाय को प्रदान किए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे का राज्य एवं केंद्र सरकार के सभी विभागों में पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, न्यायालय में लंबित मामले के शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक प्रयासों का समर्थन करने, सोलन–राजगढ़–नौहराधार–हरिपुरधार–रोनहाट–मीनस सड़क मार्ग को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए प्रभावी पैरवी करने की भी मांग की गई। मंच ने हाटी समुदाय के युवाओं, विद्यार्थियों एवं महिलाओं के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं अन्य जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं का विशेष प्रावधान सुनिश्चित करने की अपील भी की। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि हाटी समुदाय की न्यायोचित एवं संवैधानिक मांगों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी. एन. भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता बलदेव समयाल, कपिल सिंगटा, नितेश, कपिल कपूर, नीरज ठाकुर सहित मंच के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
हाटी विकास मंच (पंजीकृत), हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा के नेतृत्व में शिमला नाहन में लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में हाटी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण, अनुसूचित जनजाति दर्जे के प्रभावी क्रियान्वयन तथा गिरिपार क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न मांगों को उठाया गया। मंच ने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हाटी समुदाय की अनुसूचित जनजाति की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए निरंतर सहयोग दिया। साथ ही, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने संसद में सबसे पहले इस मांग को उठाकर इसे राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाया था। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि वर्तमान में हाटी समुदाय को दिए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे से संबंधित मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम स्थगन आदेश के कारण लाखों पात्र युवाओं, विद्यार्थियों, बेरोजगारों और अन्य लाभार्थियों को अनुसूचित जनजाति से मिलने वाले संवैधानिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। मंच ने केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालयों से इस विषय में प्रभावी पहल कर समुदाय के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ज्ञापन के माध्यम से, मंच ने हाटी समुदाय को प्रदान किए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे का राज्य एवं केंद्र सरकार के सभी विभागों में पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, न्यायालय में लंबित मामले के शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक प्रयासों का समर्थन करने, सोलन–राजगढ़–नौहराधार–हरिपुरधार–रोनहाट–मीनस सड़क मार्ग को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए प्रभावी पैरवी करने की भी मांग की गई। मंच ने हाटी समुदाय के युवाओं, विद्यार्थियों एवं महिलाओं के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं अन्य जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं का विशेष प्रावधान सुनिश्चित करने की अपील भी की। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि हाटी समुदाय की न्यायोचित एवं संवैधानिक मांगों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी. एन. भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता बलदेव समयाल, कपिल सिंगटा, नितेश, कपिल कपूर, नीरज ठाकुर सहित मंच के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
- शिमला पुलिस ने मनीषा मर्डर मामले का बड़ा खुलासा करते हुए मृतिका के भाई हिमांक मित्तल और उसके बिजनेस पार्टनर गोविंद को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल ही था। मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक और गोविंद के साथ प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था, और इसी विवाद के चलते हिमांक ने गोविंद के साथ मिलकर दो शूटरों को मनीषा को मारने की सुपारी दी थी। एएसपी शिमला मेहर पंवर ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस भी था, जिसका उपयोग वह मनीषा मित्तल के आने-जाने की जानकारी ट्रैक करने के लिए कर रहा था। इसके अलावा, गोविंद ने ही हत्या में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट गाड़ी किराए पर लेकर शूटरों को उपलब्ध कराई थी और शूटर दीपक को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। घटना के बाद से आरोपी गोविंद फरार था और पुलिस से बचने के लिए वह पहले विदेश भाग गया था। विदेश से लौटने के बाद भी उसने अपना फोन बंद रखा और लगातार छिपने का प्रयास करता रहा। तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस ने 28 जून को गोविंद को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। मास्टरमाइंड हिमांक को भी अगले दिन, 29 जून को रोहतक से ही गिरफ्तार किया गया। एएसपी शिमला ने जानकारी दी कि तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में शामिल सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और आगामी जांच चल रही है।2
- हिमाचल प्रदेश में एक पूर्व पंचायत प्रधान को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। पूर्व प्रधान पर 13 वर्षीय छात्रा से तांत्रिक विद्या और मौत का खौफ दिखाकर दरिंदगी करने का आरोप था, जिसके बाद अदालत ने यह फैसला दिया।1
- आज राज्य सभा सांसद और अन्य नेताओं ने माता हाटकोटी के दर्शन किए। उन्होंने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे उन्हें आनंद की अनुभूति हुई।1
- बिलासपुर जिले की घुमारवीं नगर परिषद पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कब्जा कर लिया है। इस चुनाव में अमित कुमार को अध्यक्ष और सविता देवी को उपाध्यक्ष चुना गया है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी उपस्थित रहे।1
- पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-26 पुलिस लाइन में एक समारोह का आयोजन किया, जिसमें तीन सेवानिवृत्त कर्मियों को ढोल-नगाड़ों के साथ सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर, अधिकारियों ने सेवानिवृत्त हुए इन कर्मियों के पूरे सेवाकाल की सराहना की और राष्ट्र सेवा में उनके परिवारों के योगदान को भी विशेष सम्मान प्रदान किया।2
- आज मेहंदली टिकर रोड पर चल रहे निर्माण कार्य का पंचायत प्रधान के साथ दौरा किया गया, जहाँ काम में हो रही देरी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। सड़क निर्माण में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। विशेष रूप से, सड़क पर नालियाँ बनाने का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है, जिससे बरसात के मौसम में लोगों को परेशानी हो सकती है। इन समस्याओं को देखते हुए, संबंधित विभाग से तुरंत संज्ञान लेने और काम में तेजी लाने का आग्रह किया गया है, साथ ही यह भी मांग की गई है कि नालियों और पुलिया (कलवट) के काम को सबसे पहले पूरा किया जाए।1
- टीम ग्राउंड जीरो ने समस्त हिमाचल प्रदेश में प्रशासन द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संबंध में विचार विमर्श किया। इस चर्चा का उद्देश्य हिमाचल में प्रशासन के कामकाज को लेकर उठ रहे मुद्दों पर अपनी बात रखना था।1