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शिवपुरी-कोतवाली क्षेत्र में युवती महक व उसकी तीन माह की बच्ची आरोही का अपरहण करने बाले आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने किया गिरफ्तार,युवती व उसकी 03 माह की बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया गया। युवती महक का कहना है की दबाब में बनाया था वीडियो.... पुलिस ने बहुत मदद की..... शिवपुरी-कोतवाली क्षेत्र में युवती महक व उसकी तीन माह की बच्ची आरोही का अपरहण करने बाले आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने किया गिरफ्तार,युवती व उसकी 03 माह की बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया गया। युवती महक का कहना है की दबाब में बनाया था वीडियो.... पुलिस ने बहुत मदद की.....
Safik kazi Midia
शिवपुरी-कोतवाली क्षेत्र में युवती महक व उसकी तीन माह की बच्ची आरोही का अपरहण करने बाले आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने किया गिरफ्तार,युवती व उसकी 03 माह की बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया गया। युवती महक का कहना है की दबाब में बनाया था वीडियो.... पुलिस ने बहुत मदद की..... शिवपुरी-कोतवाली क्षेत्र में युवती महक व उसकी तीन माह की बच्ची आरोही का अपरहण करने बाले आरोपी पुष्पेंद्र चौहान को पुलिस ने किया गिरफ्तार,युवती व उसकी 03 माह की बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया गया। युवती महक का कहना है की दबाब में बनाया था वीडियो.... पुलिस ने बहुत मदद की.....
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- धार्मिक ग्रँथ हमें सदमार्ग दिखाते है- घनश्याम सिंह, पूर्व विधायक ग्राम नयागांव गार्दी में श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा में शामिल हुए पूर्व विधायक दतिया। वर्तमान समय में व्यक्ति भौतिक सुख सुविधाओं को जुटाने के लिए अंधी दौड़ में शामिल है, ऐसे में वह भटक जाता हैं और कठिन समय आने पर निराश होने लगता है, तब धार्मिक ग्रँथ हमें कठिन परिस्थितियों से निकाल कर सदमार्ग दिखाते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और पुरातन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। यह विचार सेंवढ़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने शनिवार को ग्राम नयागांव गार्दी में सिद्ध बाबा आश्रम पर आयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक कथाओं में ऐसे अनेकों उद्धरण हैं जो कठिन समय में व्यक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रीराम महायज्ञ, श्रीराम कथा एवं श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति को ह्रदय से धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के आरंभ में श्री सिंह ने जगद्गुरु श्री बलराम दास देवाचार्य जी महाराज श्रीधाम व्रन्दावन,जगद्गुरू श्री स्वामी रामकमलाचार्य जी महाराज एवं भगवताचार्य श्री मनमोहन दास जी महाराज को पुष्पहार पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्रीराम महायज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों ने श्री सिंह का फूल मालाएं पहनाकर,शॉल ओढ़ाकर श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। धार्मिक ग्रँथ हमें सदमार्ग दिखाते है- घनश्याम सिंह, पूर्व विधायक ग्राम नयागांव गार्दी में श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा में शामिल हुए पूर्व विधायक दतिया। वर्तमान समय में व्यक्ति भौतिक सुख सुविधाओं को जुटाने के लिए अंधी दौड़ में शामिल है, ऐसे में वह भटक जाता हैं और कठिन समय आने पर निराश होने लगता है, तब धार्मिक ग्रँथ हमें कठिन परिस्थितियों से निकाल कर सदमार्ग दिखाते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और पुरातन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। यह विचार सेंवढ़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने शनिवार को ग्राम नयागांव गार्दी में सिद्ध बाबा आश्रम पर आयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक कथाओं में ऐसे अनेकों उद्धरण हैं जो कठिन समय में व्यक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रीराम महायज्ञ, श्रीराम कथा एवं श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति को ह्रदय से धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के आरंभ में श्री सिंह ने जगद्गुरु श्री बलराम दास देवाचार्य जी महाराज श्रीधाम व्रन्दावन,जगद्गुरू श्री स्वामी रामकमलाचार्य जी महाराज एवं भगवताचार्य श्री मनमोहन दास जी महाराज को पुष्पहार पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्रीराम महायज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों ने श्री सिंह का फूल मालाएं पहनाकर,शॉल ओढ़ाकर श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीद और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री के पारदर्शी खरीदी के निर्देशों के बावजूद, सर्वेयरों पर मिट्टी-कचरा मिश्रित गेहूं खरीदने का आरोप है, जिससे सरकार को नुकसान का अंदेशा है। मामले की जांच जारी है, वहीं आरोपी सर्वेयरों ने हटाने पर 'पोल खोलने' की धमकी दी है।1
- दतिया के धीरपुरा थाने की पुलिस ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग गुमशुदा बालिका को 24 घंटे के भीतर ढूंढ निकाला। ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने परिजनों को राहत दिलाई और बच्ची को सकुशल वापस परिवार से मिलाया।1
- दतिया जिला कुटुंब न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में मनमुटाव के चलते अलग हुए एक पति-पत्नी फिर साथ आ गए। पत्नी द्वारा दायर भरण-पोषण की याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को समझाया गया। इसके बाद पिंकी और रामू ने सभी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और खुशी-खुशी साथ रहने की शपथ ली।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अब मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर रहा है। यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करेगी।1
- दतिया में महिला के साथ तमंचे की नौक पर लूट का मामला आया सामने।1
- नवागत एसपी मयूर खंडेलवाल का एक्शन मोड, कार्यालय पहुंचते ही शुरू की जनसुनवाई दतिया। जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने पदभार संभालते ही आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। शनिवार को 12 बजे के आसपास एसपी कार्यालय में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। खास बात यह रही कि एसपी खंडेलवाल जैसे ही कार्यालय पहुंचे, बाहर पहले से ही लोग अपनी समस्याएं लेकर खड़े मिले। यह देखकर उन्होंने बिना देर किए ऑफिस के बाहर ही फरियादियों से आवेदन लेना शुरू कर दिया और एक-एक व्यक्ति की समस्या ध्यानपूर्वक सुनी। जनसुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें संबंधित थाना प्रभारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने से लोग परेशान थे। इस पर एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और फरियादियों को शीघ्र न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। एसपी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और अनावश्यक रूप से किसी भी फरियादी को परेशान न किया जाए। इस दौरान आकांक्षा जैन, विनायक शुक्ला, अजय चानना, दिलीप समाधिया, विनीत तिवारी सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।1
- *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।1
- मध्य प्रदेश के भांडेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 फरवरी से चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया है। यह गंभीर लापरवाही प्रसूताओं और नवजात शिशुओं के जीवन को संक्रमण के बड़े खतरे में डाल रही है, जिसे मानव अधिकारों का हनन माना जा रहा है। स्थानीय लोग जिम्मेदारों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1