तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के 52वें जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को वेलूर के पेंटालैंड सरकारी अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी की ओर से अस्पताल में जन्मे 12 नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठियां भेंट की गईं। टीवीके के वेलूर जिला अध्यक्ष वेलमुरुगन ने नवजात शिशुओं के परिजनों को ये अंगूठियां सौंपते हुए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के जन्मदिन की खुशियां साझा कीं। इसके बाद, अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच मिठाइयां भी वितरित की गईं, जिससे जन्मदिन का उत्सव मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वेलूर अरुण अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुणकुमार विजय ने की। इस अवसर पर पार्टी के कोषाध्यक्ष प्रशांत, कार्यकारी सदस्य धनशेखर, दीपक, सागर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर अस्पताल परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के 52वें जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को वेलूर के पेंटालैंड सरकारी अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी की ओर से अस्पताल में जन्मे 12 नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठियां भेंट की गईं। टीवीके के वेलूर जिला अध्यक्ष वेलमुरुगन ने नवजात शिशुओं के परिजनों को ये अंगूठियां सौंपते हुए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के जन्मदिन की खुशियां साझा कीं। इसके बाद, अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच मिठाइयां भी वितरित की गईं, जिससे जन्मदिन का उत्सव मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वेलूर अरुण अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुणकुमार विजय ने की। इस अवसर पर पार्टी के कोषाध्यक्ष प्रशांत, कार्यकारी सदस्य धनशेखर, दीपक, सागर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर अस्पताल परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जालौर जिले में भव्य स्वागत किया गया। राजीव गांधी भवन में केसरी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया, जहाँ उन्हें सफा और माला पहनाई गई। इस कार्यक्रम में जिले भर से कई कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमिला मेघवाल, सुखराम बिश्नोई और अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर खान जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अशोक गहलोत का यह भव्य स्वागत किया गया।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को जालौर से जोधपुर जाते समय तखतगढ़ में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचने के बावजूद, भीषण गर्मी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और उनके आगमन पर जोरदार अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीनों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की वर्षा की और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाई। इस दौरान नगर अध्यक्ष फुटरमल सुथार और ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गहलोत ने तीन बार की पार्षद पुरीबाई का माला पहनाकर सम्मान भी किया। अपने संबोधन में गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यकाल की अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जिससे लाखों परिवारों को महंगे इलाज का लाभ मिला), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, महंगाई राहत कैंप और महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण जैसी ऐतिहासिक पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य आमजन को राहत प्रदान करना था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया, और कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तखतगढ़ के अलावा, गहलोत का बलाना, दुजाना, सांडेराव और गुंदोज में भी जोरदार स्वागत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, PCC महासचिव भूराराम सीरवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगरवासियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।4
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।1
- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।2