पत्रकार ब्यूरो चीफ राजीव कुमार सिंह सिकरवार दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश ✍️ गायत्री से रहित ब्राह्मण निन्दनीय है जो ब्राह्मण उपनयन संस्कार होने के बाद गायत्री की उपासना (जप) करता है, वह परम पवित्र ब्राह्मण कहा जाता है और जो गायत्री की उपासना नहीं करता, वह परम अपवित्र ब्राह्मण कहा जाता है। 'गायत्री रहितो विप्रः शूद्रादप्य शुचिर्भवेत् ।'(पाराशरस्मृति ८।३२) 'गायत्री से रहित ब्राह्मण अधिक अपवित्र होता है।' गायत्री से रहित ब्राह्मण के बारे में तो यहाँ तक लिखा है- गायत्रीरहितो विप्रो न स्पृशेत् तुलसीदलम् ।हरेर्नाम न गृह्णी यात् गायत्रीरहितो द्विजः ॥महाचण्डालसदृश स्तस्य किं विष्णुपूजने ।। (गायत्रीतन्त्र, तृतीयपटल). 'गायत्रीसे रहित जो ब्राह्मण है, वह तुलसीदलका स्पर्श न करें। गायत्रीसे रहित द्विज भगवान् विष्णुका नामोच्चारण न करें। क्योंकि वह द्विज गायत्रीसे रहित होनेके कारण महाचाण्डालके सदृश कहा गया है। अतः उसके किये हुए विष्णु पूजनसे क्या लाभ ?'ब्राह्मण के लिये गायत्री की उपासना परमावश्यक कही गयी है। जो ब्राह्मण गायत्रीकी उपासना करता है, वही ब्राह्मणत्व को प्राप्त करता है और जो गायत्रीकी उपासना नहीं करता, वह ब्राह्मणत्वसे च्युत हो जाता है। अतः ब्राह्मणत्वकी प्राप्तिके लिये गायत्रीकी उपासना ही श्रेष्ठ साधन है। ब्राह्मणत्वकी प्राप्ति गायत्रीकी उपासनासे ही हो सकती है, न कि वेदादि शास्त्रोंके पढ़नेसे। लिखा भी है- न ब्राह्मणो वेदपाठान्न शास्त् रपठनादपि ।देव्यास्त्रिकालमभ्या साद् ब्राह्मणः स्याद्धिनान्यथा ॥ (स्कन्दपुराण, काशीखण्ड, पूर्वार्ध, ४१।७७) 'वेदोके पढ़नेसे अथवा शास्त्रों के अध्ययन से कोई ब्राह्मण नहीं हो सकता। त्रिकाल सन्ध्यामें गायत्री देवी के बार-बार उच्चारणसे ही ब्राह्मण हो सकता है, अन्यथा नहीं ।' महर्षि पराशरने कहा है कि जो ब्राह्मण गायत्री-उपासनाविहीनः है,वह समस्त शास्त्रोंका अध्ययन करने पर भी ब्राह्मणत्व प्राप्त नहीं कर सकता- किं वेदैः पठितैः सर्वैः सेतिहास पुराणकैः ।साङ्गैः सावित्रीहीनो यो न विप्रत्वमवाप्नुयात् ॥ ( बृहत् पाराशरस्मृति ५/१४). 'समस्त अङ्गों और इतिहास- पुराणके साथ सभी वेदोंके अध्ययन-से उस पुरुषका क्या लाभ ? जिसने सावित्रीहीन होनेसे विप्रत्वः (द्विजत्व) प्राप्त नहीं किया।' अतः स्पष्ट है कि द्विजत्वकी प्राप्ति केवल गायत्रीकी उपासनासे ही हो सकती है। इसलिये द्विजत्वकी प्राप्ति के लिये गायत्रीकी उपासना आवश्यक है ।
पत्रकार ब्यूरो चीफ राजीव कुमार सिंह सिकरवार दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश ✍️ गायत्री से रहित ब्राह्मण निन्दनीय है जो ब्राह्मण उपनयन संस्कार होने के बाद गायत्री की उपासना (जप) करता है, वह परम पवित्र ब्राह्मण कहा जाता है और जो गायत्री की उपासना नहीं करता, वह परम अपवित्र ब्राह्मण कहा जाता है। 'गायत्री रहितो विप्रः शूद्रादप्य शुचिर्भवेत् ।'(पाराशरस्मृति ८।३२) 'गायत्री से रहित ब्राह्मण अधिक अपवित्र होता है।' गायत्री से रहित ब्राह्मण के बारे में
तो यहाँ तक लिखा है- गायत्रीरहितो विप्रो न स्पृशेत् तुलसीदलम् ।हरेर्नाम न गृह्णी यात् गायत्रीरहितो द्विजः ॥महाचण्डालसदृश स्तस्य किं विष्णुपूजने ।। (गायत्रीतन्त्र, तृतीयपटल). 'गायत्रीसे रहित जो ब्राह्मण है, वह तुलसीदलका स्पर्श न करें। गायत्रीसे रहित द्विज भगवान् विष्णुका नामोच्चारण न करें। क्योंकि वह द्विज गायत्रीसे रहित होनेके कारण महाचाण्डालके सदृश कहा गया है। अतः उसके किये हुए विष्णु पूजनसे क्या लाभ ?'ब्राह्मण के लिये गायत्री की उपासना परमावश्यक कही गयी है। जो ब्राह्मण गायत्रीकी उपासना करता है, वही ब्राह्मणत्व को प्राप्त
करता है और जो गायत्रीकी उपासना नहीं करता, वह ब्राह्मणत्वसे च्युत हो जाता है। अतः ब्राह्मणत्वकी प्राप्तिके लिये गायत्रीकी उपासना ही श्रेष्ठ साधन है। ब्राह्मणत्वकी प्राप्ति गायत्रीकी उपासनासे ही हो सकती है, न कि वेदादि शास्त्रोंके पढ़नेसे। लिखा भी है- न ब्राह्मणो वेदपाठान्न शास्त् रपठनादपि ।देव्यास्त्रिकालमभ्या साद् ब्राह्मणः स्याद्धिनान्यथा ॥ (स्कन्दपुराण, काशीखण्ड, पूर्वार्ध, ४१।७७) 'वेदोके पढ़नेसे अथवा शास्त्रों के अध्ययन से कोई ब्राह्मण नहीं हो सकता। त्रिकाल सन्ध्यामें गायत्री देवी के बार-बार उच्चारणसे ही ब्राह्मण हो सकता है, अन्यथा नहीं ।' महर्षि पराशरने
कहा है कि जो ब्राह्मण गायत्री-उपासनाविहीनः है,वह समस्त शास्त्रोंका अध्ययन करने पर भी ब्राह्मणत्व प्राप्त नहीं कर सकता- किं वेदैः पठितैः सर्वैः सेतिहास पुराणकैः ।साङ्गैः सावित्रीहीनो यो न विप्रत्वमवाप्नुयात् ॥ ( बृहत् पाराशरस्मृति ५/१४). 'समस्त अङ्गों और इतिहास- पुराणके साथ सभी वेदोंके अध्ययन-से उस पुरुषका क्या लाभ ? जिसने सावित्रीहीन होनेसे विप्रत्वः (द्विजत्व) प्राप्त नहीं किया।' अतः स्पष्ट है कि द्विजत्वकी प्राप्ति केवल गायत्रीकी उपासनासे ही हो सकती है। इसलिये द्विजत्वकी प्राप्ति के लिये गायत्रीकी उपासना आवश्यक है ।
- पत्रकार ब्यूरो चीफ, डिस्ट्रिक्ट हैंड, प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 🚩 *500 मरीजों को मिला निशुल्क परामर्श, निशुल्क जाँचों और निशुल्क दवाओं का लाभ* *शहर के लायंस जाकर गाँव की ओर.. ब्रजवासियों-ग्रामवासियों को बाँध रहे स्वास्थ्य की डोर* *'चलो गाँव की ओर' जन जाग्रति अभियान के तहत लायंस क्लब ऑफ आगरा विशाल एवं आगरा डायबिटीज फोरम ने मिलकर की अनूठी नेक पहल* *लायंस क्लब आगरा विशाल और आगरा डायबिटीज फोरम ने श्री राधा कृष्ण मंदिर बलदेव में लगाया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, आगरा के वरिष्ठ चिकित्सकों ने प्रदान कीं निशुल्क सेवाएंँ* आगरा। चलो गाँव की ओर' जन जाग्रति अभियान के तहत लायंस क्लब ऑफ आगरा विशाल एवं आगरा डायबिटीज फोरम ने मिलकर अनूठी नेक पहल की। रविवार को इस पहल के अंतर्गत श्री राधा कृष्ण मंदिर बलदेव में 24 वाँ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। अभी हाल ही में दिवंगत हुए लायन मनोज अग्रवाल (हुंडी) की मधुर स्मृति में आयोजित इस शिविर में *कैंप चेयरपर्सन लायन सीए राकेश अग्रवाल के निर्देशन और वरिष्ठ फिजीशियन लायन डॉ. अरविंद जैन के संयोजन में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु यादव, वरिष्ठ डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. शुभम जैन, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कौस्तुभ साने, वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. विनीत वर्मा, वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन डॉ. तपिश साहू, वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. आरके आहूजा, वरिष्ठ नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन मित्तल, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. किंशुक सक्सेना और डॉ. अरुणिमा सिंह* सहित आगरा के वरिष्ठ और जाने माने चिकित्सकों ने निशुल्क सेवाएंँ प्रदान कीं। कुल मिलाकर सुबह 10:00 बजे से दोपहर बाद तक चले शिविर में पाँच सौ (500) ग्रामवासी और ब्रजवासी मरीजों को निशुल्क परामर्श, निशुल्क दवाओं और निशुल्क जाँचों का लाभ मिला। मरीजों के चेहरे पर संतोष के भाव स्पष्ट नजर आए। *डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन संजीव तोमर मुख्य अतिथि और डीजी द्वितीय लायन अजय भार्गव विशिष्ट अतिथि* के रूप में मौजूद रहे। लायंस क्लब आगरा विशाल के *अध्यक्ष लायन सुनील गुप्ता, सचिव लायन अजय मनचंदा, ट्रेजरर लायन प्रमोद अग्रवाल और कैंप चेयरपर्सन लायन सीए राकेश अग्रवाल* ने सभी चिकित्सकों और अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान *मंदिर महंत पंडित राघवेंद्र पांडे (लाला भाई), अजय बंसल, संतोष माहेश्वरी, चंदर माहेश्वरी, आलोक अग्रवाल (बीएम हॉस्पिटल), आलोक अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, अनूप गुप्ता, अनूप गोयल, अजय गुप्ता, निशा गुप्ता, सुप्रिया मनचंदा, अर्चना अग्रवाल और मीना बंसल* भी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।4
- आगरा से एक खतरनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर और खिड़कियों से लटककर स्टंट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामला फतेहाबाद रोड पर अमर होटल के पास का है। रोज जाम से जूझ रही इस व्यस्त सड़क पर युवाओं की लापरवाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। वायरल वीडियो अब सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है।1
- Post by गीताधौरहरा1
- नमस्ते दोस्तों, मैं अनूप चौहान, 'AK India Bharat' के लिए। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको अलीगढ़ के अनार का नगला (पिन कोड 202001) की वो कड़वी सच्चाई दिखा रहे हैं जिसे प्रशासन ने भुला दिया है। यहाँ की सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भरा हुआ है और स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्या यही है अलीगढ़ की स्मार्ट सिटी का सपना? बच्चे बीमारियों के बीच रहने को मजबूर हैं और बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया है। प्रशासन इस ओर कब ध्यान देगा? इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सोए हुए प्रशासन तक यह आवाज पहुँच सके। स्थान: अनार का नगला, अलीगढ़ (202001) रिपोर्टर: अनूप चौहान चैनल: AK India Bharat4
- Post by Usmanpur3
- dekhiye kya aaj pyar ka bhoot kis tarah Se utara ja raha hai1
- पत्रकार ब्यूरो चीफ राजीव कुमार सिंह सिकरवार दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा(उ.प्र)🙏🇮🇳✍️ ये ट्रिपल लेयर ट्रैफिक है। सबसे नीचे मेरठ–गाजियाबाद ओल्ड हाईवे है। उसके ऊपर दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस वे है। सबसे ऊपर है दिल्ली–मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर। कल PM नरेंद्र मोदी इस कॉरिडोर का शुभारंभ करेंगे। मेरठ देश का ऐसा पहला शहर होगा, जहां रैपिड और मेट्रो ट्रेन एक लाइन पर चलेंगी।4
- आगरा में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। लाडूखेड़ा ब्लॉक की रहने वाली अनीशा कुशवाहा ने शादी के तुरंत बाद ससुराल जाने की बजाय जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचकर आंगनबाड़ी वर्कर के पद के लिए इंटरव्यू दिया। दरअसल अनीशा ने पहले ही बाल विकास विभाग में आवेदन कर रखा था। संयोग से जिस दिन उसकी विदाई थी, उसी दिन इंटरव्यू की तारीख आ गई। दुल्हन ने अपनी इच्छा दूल्हे मनोज कुशवाहा को बताई, जो साइबर कैफे संचालक हैं। मनोज ने न सिर्फ उसकी भावनाओं को समझा बल्कि परिवार से बात कर शादी की रस्में जल्द पूरी कराईं और मंडप से विदा कराकर सीधे विकास भवन ले गए। दुल्हन ने शादी के जोड़े में ही इंटरव्यू दिया। मनोज का कहना है कि वे चाहते हैं उनकी पत्नी अपने पैरों पर खड़ी हो और अपने सपने पूरे करे। इंटरव्यू के बाद अनीशा ससुराल के लिए विदा हुई। यह अनोखी पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- Post by Sakib ali Sakib ali1